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Positive India: दिमाग करो स्वच्छ, साफ हो जायेगा इंडिया

[Positive India] 2 अक्टूबर को जब पीएम मोदी ने झाड़ू लगाकर देश के 'स्वच्छ भारत' अभियान की शुरूआत की थी तो उनके विरोधियों ने उन्हें नाटकबाज और फोटो खिंचाने वाला बताया था शायद इसके पीछे कारण उन लोगों की वो छोटी सोच थी जिसके चलते वो कभी सोच ही नहीं पाये कि देश का पीएम सड़क पर झाड़ू भी लगा सकता है। हालांकि पीएम मोदी की इस पहल के बाद देश के कई गणमान्य लोगों ने सड़कों पर उतरकर सफाई की लेकिन जोर-शोर से महीने भर चले इस अभियान को लोग एक महीने के बाद ही भूल गये जो कि सरासर गलत है।

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स्वच्छ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग रहता है, यह बात देश के पीएम मोदी नहीं बल्कि विज्ञान कहता है इसलिए हर मां अपने बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए घरों को साफ करती है ताकि उसके बच्चे के स्वस्थ दिमाग में स्वच्छ और नई सोच का सृजन हो और विकास के पथ पर वो आगे बढ़े। इसलिए देश के आलाकमान ने देश को स्वच्छ करने का बीड़ा उठाया है लेकिन यह बीड़ा वो अकेले नहीं उठा सकते हैं इसके लिए उन्हें देशवासयों के साथ की जरूरत है।

आईये आपको बताते हैं कि क्या है देश का 'स्वच्छ भारत' अभियान

भारत सरकार की ओर से चलाये जा रहे 'स्वच्छ भारत' अभियान का उद्देश्य गलियों, सड़कों को साफ-सुथरा करना है। यह अभियान महात्मा गाँधी के जन्मदिवस 02 अक्टूबर 2014 को आरम्भ किया गया था। जिसके निम्नलिखित मुख्य बिंदु है..

शहरी क्षेत्रों के लिए स्वच्छ भारत मिशन

  • मिशन का उद्देश्य 1.04 करोड़ परिवारों को लक्षित करते हुए 2.5 लाख समुदायिक शौचालय, 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय, और प्रत्येक शहर में एक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा प्रदान करना है।
  • इस कार्यक्रम के तहत जहाँ व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण करना मुश्किल है वहाँ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करना।
  • पर्यटन स्थलों, बाजारों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशनों जैसे प्रमुख स्थानों पर भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा।
  • कार्यक्रम पर खर्च किये जाने वाले 62,009 करोड़ रुपये में केंद्र सरकार की तरफ से 14623 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएगें।
  • जिसमें से 4,165 करोड़ रुपये व्यक्तिगत घरेलू शौचालय पर,1828 करोड़ रुपये जनजागरूकता पर और समुदाय शौचालय बनवाये जाने पर 655 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वच्छ भारत मिशन

  • इसमें लोगों की स्वच्छता सम्बन्धी आदतों को बेहतर बनाना, स्व सुविधाओं की माँग उत्पन्न करना और स्वच्छता सुविधाओं को उपलब्ध करना, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
  • अभियान का उद्देश्य पांच वर्षों में भारत को खुला शौच से मुक्त देश बनाना है।
  • अभियान के तहत देश में लगभग 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए एक लाख चौंतीस हज़ार करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे।

जम्मू एवं कश्मीर

जम्मू एवं कश्मीर एवं उत्तरपूर्व राज्यों एवं विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों को मिलने वाली सहायता 10800 होगी जिसमें राज्य का योगदान 1200 रुपये होगा।

कैसे होगा काम

  • स्कूल कक्षाओं के दौरान प्रतिदिन बच्चों स्वच्छता अभियान के बारे में बताया जायेगा।
  • स्कूली बच्चों को कक्षा, प्रयोगशाला और पुस्तकालयों आदि की सफाई करायी जायेगी ताकि उन्हें इसका मकसद पता चले।
  • स्कूल में स्थापित किसी भी मूर्ति या स्कूल की स्थापना करने वाले व्यक्ति के योगदान के बारे में बात करना और इस मूर्तियों की सफाई करना।
  • शौचालयों और पीने के पानी वाले क्षेत्रों की सफाई करना।
  • रसोई और सामान ग्रह की सफाई करना।
  • खेल के मैदान की सफाई करना।
  • स्कूल बगीचों का रखरखाव और सफाई करना।
  • स्कूल भवनों का वार्षिक रखरखाव रंगाई एवं पुताई के साथ।
  • निबंध,वाद-विवाद, चित्रकला, सफाई और स्वच्छता पर प्रतियोगिताओं का आयोजन।
  • इसके अलावा स्कूल के छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों को शामिल करते हुए सप्ताह में दो बार आधे घंटे सफाई अभियान शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है।

पॉजीटिव इंडिया

अगर घर स्वच्छ होता है तो घरवाले बीमार कम पड़ते हैं, वो अपनी सारी ऊर्जा घर को मजबूत बनाने में लगाते हैं, ठीक उसी तरह हमारा देश भी हमारा घर है, जिसे साफ करने का फर्ज हमारा ही है, जब सड़क पर, गलियों में गंदगी नहीं होगी तो देश में बीमारियां कम होंगी, लोग स्वस्थ होंगे और खुशहाल होंगे लेकिन यह तभी संभव है जब हम देश को अपना समझेंगे और खुद अपने काम करेंगे।

Positive India: मेड इन से 'मेक इन इंडिया'

लेकिन देश की विंडबना यह है कि लोगों को यहां आरोप-प्रत्यारोप करने में काफी मजा आता है, यह काम हमारा नहीं है यह तो उन्हें पता है लेकिन यह काम हमारा है..यह कहना उन्हें नहीं आता है, तो इसलिए देश की गंदगी को साफ करने से पहले इंसान को अपने दिल और दिमाग की गंदगी को साफ करनी होगी, जिस दिन यह हो गया देश खुद स्वच्छ हो जायेगा उसे किसी अभियान की जरूरत नहीं होगी। तो चलिए देश के इस सकारात्मक अभियान में हम भी अपना सहयोग दें और देश को बनाये क्लीन इंडिया।

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