PM Surya Ghar: समझें ‘मुफ्त बिजली योजना’ में सब्सिडी और आपके खर्च का गणित
PM Surya Ghar:वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने अंतरिम बजट 2024-25 में 'पीएम सूर्या घरः मुफ्त बिजली योजना' की घोषणा की। जिसके तहत वर्ष 2024 में एक करोड़ परिवारों को इसका लाभ देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार इस योजना में 75,000 करोड़ रूपये का निवेश करेगी तथा लाभार्थियों को सब्सिड़ी भी देगी।
विस्तार से जानते हैं कि कैसे इस योजना में आवेदन किया जा सकता है और लाभार्थियों को इसका कितना लाभ मिलेगा।

'पीएम सूर्या घरः मुफ्त बिजली योजना'
मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग व गरीब परिवार को बिजली फ्री करने तथा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'पीएम सूर्या घरः मुफ्त बिजली योजना' की शुरूआत की है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी के घर की छत पर सोलर पैनल लगाया जायेगा तथा केंद्र सरकार लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे सब्सिडी डालेगी।
विश्व में भारत का विद्युत उत्पादन व खपत में अमरीका व चीन के बाद तीसरा स्थान आता है। विश्व के कुल विद्युत उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत उत्पादन तथा विश्व की कुल विद्युत खपत का लगभग 5.60 प्रतिशत खपत भारत द्वारा किया जाता है। अगर हम भारत में बिजली की खपत व उत्पादन को देखें तो वर्ल्डडाटा.इन्फो के अनुसार भारत प्रतिवर्ष लगभग 1.504 ट्रिलियन किलोवाट बिजली का उत्पादन करता है तथा 1.229 ट्रिलियन किलोवाट प्रतिवर्ष भारत में बिजली की खपत है तथा प्रति व्यक्ति खपत 862 किलोवाट प्रतिवर्ष है।
भारत में बिजली का उत्पादन जीवाष्म ईंधन, न्यूक्लियर पावर, पानी, बायोमास, हवा व सोलर ऊर्जा द्वारा होता है। भारत में कुल बिजली उत्पादन में सोलर ऊर्जा की हिस्सेदारी मात्र 4.2 प्रतिशत ही है। इस सोलर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य ही मोदी सरकार ने रखा है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?
अभी तक ज्ञात सूचना के अनुसार इस योजना में पंजीयन करने की पात्रता यह है कि आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 1,50,000 रूपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए तथा परिवार में कोई सरकारी नौकरी धारक न हो। इस योजना का लाभ लेने हेतु सर्वप्रथम इस योजना का अधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन करना है। वेबसाइट के निर्देशानुसार आवश्यक जानकारी भरने तथा अनुमोदन के उपरांत सोलर पैनल के डिस्कॉम में पंजीकृत विक्रेता से ही संयंत्र स्थापित करवाएं।
सोलर संयंत्र लगने तथा डिस्कॉम द्वारा जारी कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद सब्सिडी प्राप्त करने हेतु पोर्टल पर अपने बैंक खाते का विवरण व एक कैंसिल चैक जमा करना है। इसके उपरांत 30 दिनों के अंदर आपकी सब्सिडी आपके खाते में आ जायेगी। इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अभी तक 59,929 आवेदनकर्ता को 340.54 करोड़ रूपये सब्सिडी के रूप में आवंटित भी किये जा चुके है।
योजना में आपका खर्च और सरकार की भागीदारी?
अगर आप यह सोचते हैं कि सरकार आपके घरों पर मुफ्त (फ्री) सोलर पैनल लगा रही है तो यह गलत हैं। दरअसल सरकार घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी दे रही है, बाकी के पैसे आपको खुद जमा करने होगें। इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सरकार दो किलोवाट तक के सोलर प्लांट पर प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये, तथा दो से अधिक किलोवाट पर अधिकतम 78 हजार रूपये तक की सब्सिडी दे रही है। अर्थात एक केवी पर 30 हजार, दो केवी पर 60 हजार और तीन केवी या उससे अधिक पर 78 हजार रूपए की सब्सिडी मिल सकती है।
अब अगर हम इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट पर ही केलकुलेटर से आवासीय छत सोलर प्लांट लगवाने का खर्चा व सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का अध्ययन करते है तो इसमें काफी भिन्नता दिखाई देती है।
इस केलकुलेटर के अनुसार 1 किलोवाट सोलर प्लांट (प्रतिमाह 150 यूनिट बिजली खर्च) का कुल खर्च 47000 रूपये होगा, जिसमें से सरकार द्वारा आपको 18000 रू. सब्सिडी मिलेगी, यानि 29000 रूपये आपका खर्च होगा। इसकी प्रकार 2 किलोवाट (प्रतिमाह 150 से 300 यूनिट) के आवासीय छत सोलर प्लांट पर कुल खर्च 86000 रूपये आता है तथा सब्सिडी 36000 रू. मिलेगी।
वहीं अगर आप तीन किलोवाट का आवासीय छत सोलर प्लांट लगवा रहे है तो इसका कुल खर्च 1,26,000 रूपये होगी तथा सरकार द्वारा 54000 रूपये की सब्सिडी मिलेगी। इस प्रकार 3 किलोवाट का आपका कुल खर्च 72000 रूपये होगा।
सब्सिडी के आंकड़ों में उपरोक्त अंतर आवेदक को भ्रमित करने वाला है। सरकार द्वारा इसमें स्पष्टता लाने की आवश्यकता है।












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