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पाक की आयशा फारुख से पिछड़ गईं भारतीय महिलाएं और भारतीय सेनाएं

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रुढ़िवादी सोच रखने वाले पाकिस्‍तान की 26 वर्षीय आयशा फारुख की कहानी जानकर आधुनिक सोच रखने वाले भारत और इसकी महिलाओं को खासी तकलीफ हो सकती है। आयशा को मिले एक मुकाम के बाद भारत की महिलाएं और भारत पाकिस्‍तान से मीलों पिछ़डते नजर आ रहे हैं।

सेनाओं की ताकत के लिहाज से भारत दुनिया का चौथा देश है लेकिन फिर भी अभी यहां पर महिलाओं को न तो कॉम्‍बेट मिशन में शामिल होने की इजाजत है और न ही फाइटर प्‍लेन उड़ाने का सपना देखने की मंजूरी।

वहीं पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान ने वर्ष 2 013 में आयशा को फ्लाइट लेफ्टिनेंट की रैंक से सम्‍मानित कर इस पांबदी को भी खत्‍म कर दिया।

आगे की स्‍लाइड्स में देखिए आयशा की कुछ तस्‍वीरें जो उनके फेसबुक अकांउट से ली गई हैं और जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास जानकारियों के बारे में।

 आयशा के आगे टेक रहे हैं घुटने

आयशा के आगे टेक रहे हैं घुटने

पाक की पहली और अकेली फाइटर पायलट आयशा फारुख इस समय वजीरिस्‍तान में छिपे आतंकियों को अपने आगे घुटने टेकने पर मजबूर कर रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पाक की ओर से वजीरिस्‍तान में आतंकियों के गढ़ पर हवाई हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में कई आतंकियों की मौत हो चुकी है।

हिजाब में आतंकियों की मुसीबत

हिजाब में आतंकियों की मुसीबत

आयशा पाक के पंजाब क्षेत्र से आती हैं। सिर पर हिजाब पहने आयशा जब कभी भी लोगों के सामने आती हैं तो कोई नहीं जान पाता कि यह वही आयशा हैं जो हेलमेट और जी-सूट पहनते ही आतंकियों के लिए काल बन जाती हैं।

कॉम्‍बेट मिशन के लिए किया क्‍वालीफाई

कॉम्‍बेट मिशन के लिए किया क्‍वालीफाई

आयशा पाक की अकेली ऐसी एयरफोर्स अधिकारी हैं जो अपने बैच में कॉम्‍बेट मिशन के लिए क्‍वालीफाई कर सकीं।

भारत में कब आएगा बदलाव

भारत में कब आएगा बदलाव

पाक की फाइटर पायलट आयशा फारुख के साथ ही पाक ने भारत को एक सबक दिया है। भारत को भी जल्‍द ही अपनी सोच बदलकर आगे बढ़ना होगा और पाक की तरह सेनाओं में महिला अधिकारियों को कॉम्‍बेट मिशन के लिए मंजूरी देने की शुरुआत करनी होगी।

मां को मनाने में लगा सात वर्ष का समय

मां को मनाने में लगा सात वर्ष का समय

आयशा की मां नहीं चाहती थीं कि उनकी बेटी डिफेंस सर्विसेज को ज्‍वॉइन करें। आयशा को अपनी मां को मनाने में पूरे सात वर्ष का समय लग गया था।

आखिरकार पाक ने दी मंजूरी

आखिरकार पाक ने दी मंजूरी

भारत की तरह ही पाक में भी इस बात को लेकर काफी मतभेद थे कि सेनाओं की ओर से होने वाले कॉम्‍बेट मिशन में महिला अफसरों को मौका दिया जाए या नहीं। लेकिन पाक ने अपनी सोच बदली और अब आयशा की तरह कई और महिलाएं भी आगे आ रही हैं।

पाक के लिए उपलब्धि

पाक के लिए उपलब्धि

इस समय पाकिस्‍तान में छह महिला फाइटर पायलट्स हैं जिन्‍हें पूरी ट्रेनिंग दी गई है और जो किसी भी तरह के मिशन को तैयार हैं।

चीन का फाइटर प्‍लेन आयशा का हथियार

चीन का फाइटर प्‍लेन आयशा का हथियार

आयशा चीन में बने F7PG फाइटर प्‍लेन को उड़ाती हैं। पाक एयरफोर्स की स्‍क्‍वाड्रन 20 में 24 पुरुष साथियों के बीच जब आयशा आसमान की सैर पर निकलती हैं तो हर कोई देखता रह जाता है।

वीडियो में देखें आयशा को

वीडियो में देखें आयशा को।

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English summary
Pakistan's lone female fighter pilots Ayesha Farooq becomes ideal for Indian women.
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