पीए संगमा: सोनिया को विदेशी बताकर छोड़ी थी कांग्रेस
नई दिल्ली। आज एक दुखद खबर राजनीति के मंच से हैं, देश के पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा ने शुक्रवार सुबह दुनिया को अलविदा कह दिया। देश के तेज-तर्रार नेताओं में शुमार पीए संगमा को आज सुबह दिल का दौरा पड़ा लेकिन आरएमएल हॉस्पिटल जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया वो 68 साल के थे।
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आईये तस्वीरों के जरिये डालते हैं पीए संगमा के राजनैतिक सफर पर एक नजर...

पुर्नो अगिटोक संगमा
पीए संगमा का पूरा नाम पुर्नो अगिटोक संगमा था।

लोकसभा सदस्य
वो नौ बार सांसद चुने गये और 11वीं लोकसभा में लोकसभा सदस्य भी थे।

चपाथी गांव में जन्म
मेघालय निवासी संगमा का जन्म चपाथी गांव में हुआ था।

शिलॉन्ग और असम
संगमा की शिक्षा-दीक्षा शिलॉन्ग और असम से हुई उन्होंने डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और LLB की।

तुरा लोकसभा सीट
1977 में पहली बार मेघालय की तुरा लोकसभा सीट से सांसद बने।

मेघालय के सीएम
1988 से 1991 तक वे मेघालय के सीएम भी रहे।

लोकसभा स्पीकर
1996 से 1998 तक लोकसभा स्पीकर थे।

विदेशी मूल का मुद्दा
संगमा पूरे देश में तब लोकप्रिय हुए जब उन्होंने सोनिया गांधी का विदेशी मूल का मुद्दा उठाया और कांग्रेस से अलग हो गये।

नेशनलिस्ट कांग्रेस
इसके बाद उन्होंने शरद पवार और तारीक अनवर के साथ मिलकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी बनाई।

अगाथा संगमा
हालांकि बाद में उनके तेवर ठंडे पड़ गये और उनकी बेटी अगाथा संगमा यूपीए 2 की सबसे युवा मंत्री बनी।

राष्ट्रपति चुनाव
पीए संगमा ने प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव भी लड़ा था लेकिन वो हार गये।












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