OTT Web Series: रिश्तों को तार-तार करते ओटीटी के ये वेब सीरीज
OTT Web Series: ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों ऐसी-ऐसी वेबसीरीज़ दिखाई जा रही हैं, जो रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह से तार तार कर रहे हैं। ये वेब सीरीज मनोरंजन के नाम पर सॉफ्ट पोर्न बेच रहे हैं। कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स इस हद तक गिर चुके हैं कि अब परिवार के सदस्यों के बीच यौन संबंधों वाले सीन दिखा रहे हैं। जैसे चाची और भतीजे के बीच, देवर और भाभी के बीच, बहू और ससुर जैसे पारिवारिक रिश्तों के बीच के अवैध संबंधों को बेझिझक दिखा रहे हैं। इन वेबसीरीज़ का युवाओं पर प्रभाव और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से संबंधित कानून क्या है, इसकी पड़ताल करते हैं।
सारी सीमाओं को लांघते वेब सीरीज
ओटीटी प्लेटफार्म पर अनेक ऐसी सीरीज रिलीज हुई हैं जो पूरी तरह से एडल्ट वेबसीरीज़ हैं। इन वेबसीरीज़ की कहानी परिवार में रिश्तों में आए उतार-चढ़ाव और अनैतिक संबंधों के इर्द-गिर्द घूमती है। आपस में नजदीकी रिश्तेदारों में जब यौन इच्छाएँ उठेंगी, तो क्या वे रिश्तों की पवित्रता कायम रखेंगे, या अपनी इच्छाओं के आगे झुक जायेंगे? ऐसी अधिकांश सीरीज में कामुकता और फूहड़ता की भरमार होती है और ये दर्शकों को मर्यादा तोड़कर अपनी इच्छाओं की अनैतिक तरीकों से पूर्ति के लिए उत्तेजित करती हैं।

अपरिपक्व दर्शकों पर इसका प्रभाव!
भारत में ओटीटी प्लेटफार्मों पर सॉफ्ट पोर्न का अत्यधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
1. असंवेदनशीलता: कम उम्र में ऐसी सामग्री के संपर्क में आने से युवा पारिवारिक रिश्तों के प्रति असंवेदनशील हो सकते हैं, जिससे उनके मन में नैतिक संबंधों की धारणा बदल सकती है।
2. अवास्तविक उम्मीदें: सॉफ्ट पोर्न यौन संबंधों के बारे में अवास्तविक उम्मीदें पैदा कर सकती है, जो तब हानिकारक हो सकता है जब युवाओं में उचित शिक्षा और मार्गदर्शन की कमी हो।
3. भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव: ऐसी सामग्री देखने से युवाओं में भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक परेशानी हो सकती है, क्योंकि युवा इन शो में दर्शाए गए विषयों को संभालने के लिए भावनात्मक रूप से तैयार नहीं हो सकते हैं।
4. रिश्तों में उतार चढाव: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर परिवार संबंधी वयस्क सामग्री देखने से युवाओं के अंदर उनके परिवार के सदस्यों के लिए गलत भावनाएं जग सकती है जो कि परिवार के सदस्यों के बीच में रिश्ते खराब कर सकती है।
भारत में ओटीटी ऐप्स पर सामग्री के लिए कानून!
भारत में ओटीटी ऐप्स पर सामग्री के लिए नियम और कानून हैं। फरवरी 2021 में भारत सरकार ने भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ओटीटी ऐप्स और डिजिटल ऐप्स को विनियमित करने के लिए नए नियमों की घोषणा की थी। नए नियमों को 'मध्यस्थों और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के लिए दिशानिर्देश' कहा जाता है और वे बड़ी तकनीकी कंपनियों को तेज और अधिक कुशल शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने के लिए कहते हैं। कानून इन प्लेटफार्मों पर विभिन्न नियामक निकायों की पकड़ भी मजबूत करते हैं। भारत में ओटीटी प्लेटफार्मों के लिए कुछ प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
• नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो और ज़ी5 जैसे ओटीटी प्लेटफार्मों को अपने कंटेंट को पांच आयु-आधारित श्रेणियों में स्व-वर्गीकृत करना होगा- यू (यूनिवर्सल), यू/ए 7 वर्ष, यू/ए 13 वर्ष, यू/ए 16 वर्ष, और ए (वयस्क)।
• ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अपनी सेवाओं में पैरेंटल लॉक का मैकेनिज्म भी उपलब्ध कराना होगा।
• डिजिटल मीडिया को भारतीय प्रेस परिषद के पत्रकारिता आचरण के मानदंडों और केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन अधिनियम के तहत कार्यक्रम कोड का पालन करना होगा। ओटीटी प्लेटफार्म को भारतीय कानून का पालन करना होगा और इसका उल्लंघन करने वाले कंटेंट को स्ट्रीम करने से बचना होगा।
ओटीटी ऐप्स पर एडल्ट कंटेंट इतना ज्यादा क्यों?
ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से ओटीटी ऐप्स पर वयस्क सामग्री इतनी ज्यादा बढ़ गई है। पहला, ओटीटी ऐप्स फिल्में, वेबसीरीज़ सहित विभिन्न प्रकार की सामग्री प्रदान करते हैं, जिन्हें ऑन-डिमांड के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इससे दर्शकों के लिए वयस्क और कामुक वेबसिरीज़ घर बैठे देखना आसान हो जाता है।
दूसरा, कोरोना वायरस महामारी ने कई थिएटरों को बंद होने पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे अधिक लोगों ने मनोरंजन के लिए ओटीटी प्लेटफार्मों की ओर रुख किया, जिससे इन प्लेटफार्मों पर वयस्क और कामुक वेबसीरीज़ और फिल्मों की मांग बढ़ गई। तीसरा, कामुक सामग्री की आड़ में अश्लील सामग्री बेचकर कई ओटीटी ऐप्स कमाई करते हैं। यौन कुंठाओ से ग्रस्त दर्शकों को ऐसी एडल्ट सीरीज पसंद आती हैं और वे इन्हें अपने फोन या लैपटॉप पर चुपके चुपके देखते हैं। इससे इन प्लेटफार्मों पर वयस्क और सेक्स वेबसीरीज़ और फिल्मों की संख्या में वृद्धि हुई है।












Click it and Unblock the Notifications