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Missing Monuments: गायब हो गए देश के कई स्मारक, किसी को पता भी नहीं चला? देखें पूरी लिस्ट

कहीं से मंदिर तो कहीं से मीनार, देशभर से करीब 100 से ज्यादा स्मारक गायब हो गये हैं। इनकी जानकारी कागजों में तो हैं लेकिन असल में उनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं बचा है।

More than 100 monuments have lost in india Missing Monuments report

Missing Monuments: बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उड़ीसा सहित अन्य राज्यों से स्मारक लगातार गायब हो रहे हैं। इस बात की जानकारी केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संसद में साल 2013, 2016, 2017, 2020 और 2022 में भी दो बार दी गई है। इसके बावजूद स्मारकों के गायब होने का सिलसिला जारी है। वहीं स्मारकों के गायब होने को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट के आंकड़ें और सरकार के आंकड़ों पर गौर करें तो दोनों के डाटा में अंतर दिखाई देता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक संसद में 8 दिसंबर 2022 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गयी कि देश के 3,693 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में से 50 स्मारक लापता हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि स्मारकों का गायब होना गंभीर चिंता की बात हैं। लापता स्मारकों में उत्तर प्रदेश के 11 स्मारक शामिल हैं। साथ ही दिल्ली, हरियाणा में दो-दो स्मारकों के गायब होने की खबर हैं।

रिपोर्ट से हुआ खुलासा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के मुताबिक इन स्मारकों में से 14 तेजी से शहरीकरण के कारण खो गये हैं, जबकि 12 जलाशयों या बांधों से जलमग्न हैं। बाकी 24 स्मारकों के स्थान अनट्रेसेबल (जिसका अस्तित्व नहीं रहा) हैं। दरअसल 8 दिसंबर 2022 को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति के समक्ष संयुक्त संसदीय स्थायी समिति की एक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया। जिसके मुताबिक साल 1930, 1940 और 1950 के दशक में केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों की एक बड़ी संख्या की पहचान की गयी थी लेकिन आजादी के बाद उन स्मारकों को संरक्षित करने के बजाय नये स्मारकों की खोज पर फोकस किया गया था। जो एक बड़ा कारण बना उनके गायब होने का।

100 से ज्यादा स्मारक गायब?

जबकि साल 2019 में छपी NBT की एक खबर के मुताबिक दिल्ली में 174 ऐसे स्मारक हैं जो केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित हैं। इनमें से 13 स्मारक गायब हो गये हैं। हालांकि, सरकार की ओर से ऐसा कभी नहीं कहा गया है। वहीं 16 मई 2022 को Aaj Tak वेबसाइट पर एक खबर छपी है, जिसमें संजय शर्मा लिखते हैं कि देश के कई राज्यों में मौजूद पुरातात्विक महत्व के 100 से ज्यादा स्मारक या तो लापता हैं या फिर इस कदर कब्जा लिये गये हैं कि उनका अस्तित्व आसानी से पता नहीं चलता। सीएजी की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अब से करीब 10 साल पहले 2013 में लेखा महानियंत्रक यानी सीएजी की रिपोर्ट में भी 94 स्मारकों के लापता होने का ब्योरा दिया गया था।

संरक्षण के लिए खर्च हुए 700 करोड़

स्मारकों के गायब होने का मामला साल 2017 में भी लोकसभा में उठा था। तब के तत्कालीन केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि मंत्रालय ने केंद्रीय संरक्षित स्मारकों के संरक्षण में 700 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किये थे। उनसे सवाल पूछा गया था कि क्या देश के ऐतिहासिक और संरक्षित स्मारक अतिक्रमण का शिकार हो गये हैं और क्या सरकार ने ऐसा कोई सर्वे कराया है, जिससे पता चले कि ऐसे कितने स्मारक गायब हैं?

संस्कृति मंत्री ने जवाब दिया कि अरुणाचल प्रदेश में कॉपर टैंपल, असम के तिनसुकिया में शेरशाह की बंदूकें, दिल्ली में बाराखंभा और पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बमनपुकुर किले के खंडहर गायब हो चुके हैं और उनका पता नहीं लगाया जा सकता। जिन स्मारकों का पता नहीं लगा है, उन्हें खोजने के लिए पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन, रेवेन्यू मैप, प्रकाशित रिपोर्ट, भौतिक निरीक्षण और टीमों की तैनाती की गयी है।

क्या बोले संस्कृति मंत्री किशन रेड्डी

साल 2022 के अगस्त महीने में केंद्रीय संस्कृति मंत्री किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि आजादी के बाद से 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित केंद्र संरक्षित स्मारकों व स्थलों से 210 चोरी की घटनाएं हुई हैं जिसमें 486 वस्तुएं अपने स्थान से गायब मिली। हालांकि इनमें से 91 वस्तुएं बरामद कर ली गयी हैं और अन्य की बरामदगी के प्रयास चल रहे हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पिछले 8 सालों में 8,478 गांवों का सर्वेक्षण किया था। इन गांवों से 2,914 में पुरातात्त्विक अवशेष पाए गए हैं जिन्हें सहेजने का काम चल रहा है। साथ ही मंत्री ने कहा कि अभी तक गायब हुए 24 स्मारकों-स्थलों का पता नहीं चल सका है।

Huffpost के मुताबिक 24 गायब स्मारक

● असम सादिया के तिनसुकिया से बादशाह शेरशाह की बंदूकें
● अरुणाचल प्रदेश के पाया जिले के लोहित से तांबे के मंदिर के अवशेष
● हरियाणा के मुजेसर के फरीदाबाद से कोस मीनार
a. हरियाणा, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र, कोस मीनार
● उत्तराखंड, द्वाराहाट के अल्मोड़ा से कुटुम्बरी मंदिर
● दिल्ली के बाराखंभा में बना पुराना कब्रिस्तान
● दिल्ली, मुबारकपुर के कोटला से इंचला वाली गुमटी
● मध्य प्रदेश, सतना से शिलालेख
● महाराष्ट्र, पुणे से पुराना यूरोपीय मकबरा
● महाराष्ट्र, अगरकोट से वन बुर्ज
● राजस्थान, टोंक से कई पुराने किले के शिलालेख
● राजस्थान, बारां से 12वीं सदी में बनी मंदिर
● उत्तर प्रदेश, अहुगी मिर्जापुर से तीन छोटे लिंग वाले मंदिर उसके खंडहर जो 1000 ईसा पूर्व के थे
● उत्तर प्रदेश, चंदौली के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी इलाके की पहाड़ियों से महापाषाण काल के तीन स्थल
● उत्तर प्रदेश, वाराणसी से कोषागार भवन के पटल
● उत्तर प्रदेश, वाराणसी के तेलिया नाला से बौद्ध खंडहर
● उत्तर प्रदेश, बलिया क्षेत्र से एक बरगद का बाग, जिसमें प्राचीन इमारत के निशान हैं
● उत्तर प्रदेश, बांदा इलाके में बना बंद शमशान
● उत्तर प्रदेश, मेहरोनी के ललितपुर से गनर बुर्किल्स का मकबरा
● उत्तर प्रदेश के लखनऊ-फैजाबाद रोड से तीन मकबरा
● उत्तर प्रदेश, लखनऊ के जहरलिया रोड के 6 और 7 मील पर बने कब्रिस्तान
● उत्तर प्रदेश, लखनऊ के गौघाट में बने कब्रिस्तान
● उत्तर प्रदेश के पाली, शाहाबाद, हरदोई से बड़ा खंडहर स्थल जिसे सांडी-खेड़ा कहा जाता है
● पश्चिम बंगाल के बामनपुकुर, नदिया में बने किले के खंडहर

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