Military Coup: 5 साल में 7 देशों में तख्तापलट, जानें क्या रहे कारण
पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में 26 जुलाई को तख्तापलट हो गया है। वहां की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया है। सेना ने तख्तापलट की घोषणा बकायदा राष्ट्रीय टेलीविजन पर बैठकर की है। सेना ने टेलीविजन पर ऐलान करते हुए यह भी कहा कि नाइजर के सभी संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि कर्नल-मेजर अब्द्रमाने की घोषणा के समय राष्ट्रपति कहां थे? उन्होंने इस्तीफा दे दिया था या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। नाइजर के राष्ट्रपति बजौम को साल 2021 में लोकतांत्रिक रूप से चुना गया था।
साल 1960 में फ्रांस से मिली आजादी के बाद से नाइजर में यह चौथी बार ऐसा हुआ, जब सेना ने तख्तापलट किया है। हालांकि, नाइजर ही इकलौता देश नहीं है, जहां तख्तापलट हुआ है। बीते पांच सालों में दुनियाभर में कई ऐसे देश हैं। जहां सेना द्वारा तख्लापलट किया गया है।

बुर्किना फासो
जनवरी 2022 में बुर्किना फासो की सेना ने तख्तापलट कर राष्ट्रपति रोच काबोरे को उनके पद से हटा दिया। सेना द्वारा आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन राष्ट्रपति, इस्लामी आतंकवादियों पर लगाम लगाने में सफल नही हुए। इस तख्तापलट के नेता लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल हेनरी सांडोगो दामिबा रहे। उनके सत्ता में आने के बाद देश में स्थिति और बदतर हो गई। जिससे उनके सशस्त्र बलों का मनोबल गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप अक्टूबर 2022 में दूसरी बार देश में तख्तापलट हुआ। इसके बाद कैप्टन इब्राहिम ट्रोरे ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। 1960 में आजादी मिलने के बाद बुर्किना फासो में 9 बार (1966, 1980, 1982, 1983, 1987, 1989, 2015 और 2022 में दो बार) तख्तापलट हो चुका है।
म्यांमार
फरवरी 2021 में म्यांमार में भी सेना ने विद्रोह करके देश में तख्लापलट की घोषणा की थी। वहीं म्यांमार की नेता आंग सांग सू की समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। म्यांमार में यह तख्तापलट तब किया गया। जब नवंबर 2020 में आम चुनाव हुए थे, तब सेना ने आंग सांग सू पर धांधली के आरोप लगाये थे। क्योंकि सेना के समर्थन वाली यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवेलपमेंट पार्टी (यूएसपीडी) चुनाव जीतने से पीछे रह गई थी। तभी से सेना और सरकार के बीच तनाव पैदा हो गया था। बता दें कि साल 2011 में यहां पांच दशकों से चले आ रहे दमनकारी सैन्य शासन का अंत हुआ था। और 2011 में सेना ने सत्ता का हस्तांतरण जनता की चुनी हुई सरकार को किया था। वहीं 2021 के बाद फिर से यहां की सत्ता सेना के पास है।
चाड
अप्रैल 2021 में राष्ट्रपति इदरीस डेबी की विद्रोहियों ने हत्या कर दी थी। जिसके बाद चाड की सेना ने मंत्रीमंडल का बर्खास्त करके सत्ता पर कब्जा कर लिया था। चाडियन कानून के तहत, संसद के अध्यक्ष को राष्ट्रपति बनना होता है। इस पर सेना को आपत्ति थी। इसलिए एक सैन्य परिषद ने इस बात पर हस्तक्षेप किया और स्थिरता सुनिश्चित करने के नाम पर संसद को ही भंग कर दिया।
गिनी
सितंबर 2021 में को पश्चिम अफ्रीका में स्थित एक गिनी गणराज्य में सेना ने तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। गिनी सेना के विशेष बल के कमांडर कर्नल मामाडी डौंबौया ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को पद से हटाया था। दरअसल साल 2020 में कोंडे ने तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के लिए संविधान में कुछ बड़े बदलाव किये थे। जिससे सेना नाराज चल रही थी। नतीजा यह हुआ कि साल 2021 में अल्फा कोंडे को पद से बर्खास्त करके कर्नल डौंबौया खुद देश के अंतरिम राष्ट्रपति बन गये।
माली
अगस्त 2020 में अफ्रीकी देश माली में सेना के एक गुट ने विद्रोह करके देश में तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा और प्रधानमंत्री बोबू सिसे को हिरासत में लिया था। दरअसल असिमी गोइता के नेतृत्व में मालियन कर्नलों के एक समूह ने सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था। देश की बिगड़ती सुरक्षा, विधायी चुनाव लड़ने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सेना ने तख्तापलट कर दिया। तब से अब तक सेना का शासन है लेकिन देश में संवैधानिक शासन की वापसी के लिए फरवरी 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होने की उम्मीद है।
सूडान
अक्टूबर 2021 में सूडान के सेना प्रमुख जनरल आब्देल-फतह बुरहान ने देश में आपातकाल का ऐलान करके सरकार और सेना व नागरिक प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गयी संप्रभु परिषद को भंग कर दिया था। तभी से सॉवरेन काउंसिल के जरिए सूडान को सेना और आरएसएफ (अर्ध सैनिक बल) चला रहे हैं। लेकिन, सरकार की असली कमान सेना प्रमुख जनरल अब्देल फतेह अल बुरहान के हाथों में हैं। वे एक तरह से देश के राष्ट्रपति हैं। वहीं सॉवरेन काउंसिल के डिप्टी और आरएसएफ प्रमुख मोहम्मद हमदान दगालो यानी हेमेदती देश के दूसरे नंबर के नेता हैं। हालांकि, अप्रैल 2023 में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच पावर को लेकर जमकर लड़ाई छिड़ी थी। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और हजारों लोग घायल हो गये थे।
बोलीविया
नवंबर 2019 में दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया में तख्तापलट किया गया था। लेकिन, ये तख्तापलट सेना ने नहीं बल्कि विपक्षी नेता द्वारा किया गया था। दरअसल बोलीविया में तख्तापलट करने वाली तत्कालीन विपक्षी दल नेता व सीनेट प्रमुख जीनिन अनेज ने सेना के अधिकारियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति इवो मोरालेस को सत्ता से उखाड़ फेंका था। तख्तापलट के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति इवो मोरालेस और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ हिंसात्मक कार्रवाई की गई थी। इन खतरों से बचने के लिए इवो मोरालेस परिवार सहित देश से भागने पर मजबूर हो गये थे।
इसके बाद जीनिन अनेज ने खुद को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में घोषित कर दिया। इसके बाद करीब एक साल तक बोलिविया पर शासन किया था। इस दौरान जीनिन की देश में खूब आलोचनाएं हुईं। जनता के दवाब में पुलिस ने पहली बार मार्च, 2021 में जीनिन को आतंकवाद, राजद्रोह और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया। 10 जून, 2022 को बोलीविया की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया और 10 साल जेल की सजा सुनाई। साथ ही बोलीविया के पूर्व सशस्त्र बल कमांडर विलियम्स कालीमन और पूर्व पुलिस कमांडर व्लादिमीर काल्डेरन को भी 10 साल जेल की सजा सुनाई।
-
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार गिर रहे सोने के भाव, अब 10 ग्राम की इतनी रह गई है कीमत, नए रेट -
UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई -
Iran US War: 'खुद भी डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे', ट्रंप पर भड़के बक्शी, कहा- Trump ने जनता से झूठ बोला -
PNG Connection: गैस संकट के बीच सबसे बड़ी गुड न्यूज! सिर्फ 24 घंटे में खत्म होगी किल्लत, सरकार ने उठाया ये कदम -
Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, सिल्वर 13000, गोल्ड 5500 सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Gujarat UCC: मुस्लिम महिलाओं को हलाला से आजादी, दूसरी शादी पर 7 साल जेल! लिव-इन तक पर सख्त नियम, 5 बड़े फैसले -
Kangana Ranaut: 'कंगना-चखना सब चटनी है', मंडी सांसद पर भड़के ये दिग्गज नेता, कहा-'पर्सनल कमेंट पड़ेगा भारी' -
शुरू होने से पहले ही बंद होगा IPL? कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, BCCI की उड़ गई नींद -
Silver Rate Today: जंग के बीच धड़ाम हुआ रेट, ₹15,000 सस्ती चांदी! आपके शहर में क्या है 10 ग्राम सिल्वर का भाव? -
Rajasthan Diwas 2026: 30 मार्च की जगह 19 को क्यों मनाया जा रहा राजस्थान दिवस? चौंका देगा तारीख बदलने का कारण! -
LPG Update: कितने दिन का बचा है गैस सिलेंडर का स्टॉक? LPG और PNG कनेक्शन पर अब आया मोदी सरकार का बड़ा बयान -
Hindu Nav Varsh 2026 Wishes :'राम करे आप तरक्की करें', नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं












Click it and Unblock the Notifications