Menstrual Hygiene Day: ये दाग अच्छे हैं....बदलनी है सोच

Menstrual Day: ये दाग अच्छे हैं....बदलनी है सोच

नई दिल्ली, 28 मई। आज 'विश्व मासिक धर्म दिवस' है। साल 2014 से 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म सम्बन्धी गलत अवधारणा को दूर करना और महिलाओं और किशोरियों को महावारी प्रबंधन सम्बन्धी सही जानकारी देना है। एक आंकड़े के अनुसार आज भी 50 प्रतिशत से ज्यादा किशोरियां मासिक धर्म के कारण स्कूल नहीं जाती हैं, महिलाओं को आज भी इस मुद्दे पर बात करने में झिझक होती है जबकि आधे से ज्यादा को तो ये लगता है कि मासिक धर्म कोई अपराध है। ये आकंड़ें इस ओर इशारा कर रहे हैं कि इस चीज के प्रति अब लोगों की सोच बदल रही है, व्यापक स्तर पर भले ही ना हो, लेकिन फिर भी आज की लड़कियां, अब उन मुश्किल दिनों के बारे में अपनों के बीच में खुलकर बातें करनी लगी हैं।

'मासिक धर्म' के बारे में खुलकर बोलना होगा

'मासिक धर्म' के बारे में खुलकर बोलना होगा

वेबसाइट-इंस्टाग्राम इस बदलाव का ज्वलंत उदाहरण है। विशेषज्ञों की राय में यह एक खूबसूरत और सराहनीय कदम है क्योंकि अब वक्त आ गया है कि इन बातों को लेकर इंसान अपनी चुप्पी तोड़े। आज के बदले परिवेश में लड़कियां बाहर निकल रही हैं, कभी पढ़ने के लिए तो कभी नौकरी के लिए, ऐसे में अगर वो मासिक धर्म को लेकर सकुचायी रहेंगी तो वक्त के साथ चल कैसे पाएंगी।

मासिक-धर्म को लेकर गलत सोच

मासिक-धर्म को लेकर गलत सोच

आज भी देश के कई परिवारों में लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान परिवार से अलग थलग कर दिया जाता है, मंदिर जाने या पूजा करने की मनाही होती है, रसोई में प्रवेश वर्जित होता है। यहां तक कि उनका बिस्तर अलग कर दिया जाता है और परिवार के किसी भी पुरुष सदस्य से इस विषय में बातचीत न करने की हिदायत दी जाती है।

मासिक धर्म को लेकर फैले जागरूकता

मासिक धर्म को लेकर फैले जागरूकता

डाक्टरों का मानना है कि मासिक धर्म के बारे में बताने वाली सबसे अच्छी जगहें स्कूल हैं, जहां इस विषय को यौन शिक्षा और स्वच्छता से जोड़कर चर्चा की जा सकती है। इसके लिए जागरूक और उत्साही शिक्षकों की जरूरत है, जो विद्यार्थियों को मासिक धर्म से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के विषय में जानकारी दे सकें।

घर में बच्चियों की माएं ही

घर में बच्चियों की माएं ही

लड़कियों का मानना है कि पहले घर में लड़की की मां ही इस बारे में अपनी सोच बदलें और इस बारे में अपनी बेटियों को ठीक से बतायें ताकि उनकी बेटी को किसी के सामने शर्मिंदा ना होना पड़े और वो हर बात से जागरूक रहे।

मासिक धर्म कोई अपराध नहीं

मासिक धर्म कोई अपराध नहीं

टीवी, इंटरनेट पर आज हर तरह की सामग्री मौजूद है जिसने लोगों की सोच मासिक धर्म के बारे में बदली है लेकिन अभी भी काफी लोग इस बारे में खुलकर बातें नहीं कर रहे हैं। लोगों को समझना होगा कि मासिक धर्म कोई अपराध नहीं है बल्कि प्रकृति की ओर से दिया गया महिलाओं को एक तोहफा है।

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