Mango Facts: आम के इस सीजन में जानिए इसके उत्पादन, खपत और कमाई से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
विश्व में आम का उत्पादन भारत में सबसे ज्यादा होता है। यहां आम की लगभग 100 किस्मों का उत्पादन होता है और अनेकों देशों को इसका निर्यात भी किया जाता है।

Mango Facts: आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसके उत्पादन में भारत अग्रणी है। आम में विटामिन ए सहित फाइबर और मिनरल्स भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा भी आम से जूस, जैम, जैली, अचार आदि बनाया जाता है। अभी आम का सीजन शुरू होने वाला है। तो चलिए आम से संबंधित कुछ रोचक तथ्यों व जानकारियों को साझा करते हैं।
भारत में आम की खेती
आम की खेती करने के लिए आमतौर पर पर्याप्त जल वाली बलुई दोमट मिट्टी, जिसका पी.एच. (हाइट्रोजन क्षमता का) मान 5.5 से 7.5 हो, सबसे उपयुक्त मानी जाती है। आमतौर पर आम का वृक्ष चार से पांच सालों में फल देना शुरू कर देता है और लगभग 20 सालों तक फल देता है। भारत कृषि उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है। भारत में अपने क्षेत्रफल (3287 लाख हेक्टेयर) का लगभग 50 प्रतिशत (1553.69 लाख हेक्टेयर) कृषि भूमि है। जिसके मात्र 0.7 प्रतिशत भूमि यानि लगभग 11 लाख हेक्टयर पर ही आम के पेड़ लगे हैं। जिससे लगभग 200 लाख मैट्रिक टन प्रति वर्ष आम का उत्पादन होता है।
भारत में आम की किस्में
भारत में मुख्यतः आम की देशी किस्मों में - बंबइया, तोतापुरी, लंगड़ा, दशहरी, अल्फांसो, केसर, फजरी, नीलम, वनराज, मलगोवा, बैंगन पल्ली आदि प्रमुख हैं। भारत में आम की कुछ फसलों में द्विवार्षिक फलन (एक वर्ष अधिक व दूसरे वर्ष बहुत कम) की समस्या पायी जाती है। इस समस्या के निदान हेतु संकर किस्म को विकसित किया गया है, जो इस समस्या से मुक्त है। आम की संकर प्रजातियों में - आम्रपाली, मल्लिका, पूसालालिमा, नीलफॉन्सो, अलफजरी, हाईब्रिड-108, अरूणिका, अम्बिका आदि प्रमुख हैं।
भारत के किन-किन राज्यों में होती है आम की खेती
आम की खेती भारत के लगभग सभी राज्यों में की जाती है। परंतु उत्तर प्रदेश में इसकी खेती सबसे ज्यादा होती है। एग्रीकल्चर स्टेट बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में भारत के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश की भागीदारी 20.85 प्रतिशत रही। दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश आता है, जहां 2022 में आम का उत्पादन 20.04 प्रतिशत रहा। इसके बाद बिहार 11.19 प्रतिशत उत्पादन से तीसरे नंबर पर है। चौथे नंबर पर कर्नाटक में 8.06 प्रतिशत, फिर तमिलनाडू में 5.65 प्रतिशत, गुजरात में 5.53 प्रतिशत आम पैदा होता है। इसके अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी आम की खेती होती है।
भारत में आम का उत्पादन व कमाई
आमतौर पर आम का पेड़ चार से पांच सालों में फल देना शुरू कर देता है। जबकि प्रति एक हेक्टेयर में लगभग 100 आम के पेड़ लगते हैं। वहीं एक व्यस्क पेड़ लगभग 150 किलोग्राम से 200 किलोग्राम तक उपज देता है। इस प्रकार एक हेक्टेयर से 15 टन से 20 टन आम का उत्पादन होता है। अगर औसतन ₹20 प्रति किलो का भाव मिले, तो एक हेक्टेयर से 3 लाख से 4 लाख रूपये की आय होती है। वहीं अगर एक से डेढ़ लाख रूपये प्रति हेक्टेयर का खर्चा निकाल दें तो एक हेक्टेयर से दो से ढाई लाख रूपये की शुद्ध कमाई हो सकती है।
अगर हम भारत में आम उत्पादन के पिछले आंकड़े देखें तो वित्तीय वर्ष 2012 में आम का उत्पादन 160.2 लाख मैट्रिक टन हुआ। वित्तीय वर्ष 2013 में 180 लाख मैट्रिक टन, 2014 में 180.43 लाख मैट्रिक टन, 2015 में 180.52 लाख मैट्रिक टन, 2016 में 180.64 लाख मैट्रिक टन, 2017 में 190.51 लाख मैट्रिक टन, 2018 में 210.82 लाख मैट्रिक टन, 2019 में 210.38 लाख मैट्रिक टन, 2020 में 200.32 लाख मैट्रिक टन, 2021 में 200.39 लाख मैट्रिक टन तथा वित्तीय वर्ष 2022 में 210.01 लाख मैट्रिक टन का उत्पादन हुआ।
उपरोक्त आंकड़ों से ध्यान में आता है कि भारत में वित्तीय वर्ष 2018 में अभी तक सबसे ज्यादा 210.82 लाख मैट्रिक टन आम का उत्पादन हुआ। वहीं अगर हम इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बात करें तो भारत अकेले विश्व के आम उत्पादन का लगभग 51 प्रतिशत योगदान करता है।
आम का निर्यात किन देशों को
भारत दुनिया के अनेकों देशों को अपना आम निर्यात करता है। जिसमें यूएई, यूके, कतर, ओमान, कुवैत, नेपाल, सिंगापुर, कनाड़ा, साउदी अरब, जर्मनी, न्यूजीलैंड, और जापान मुख्य हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत ने लगभग 40 देशों को 27872.77 मैट्रिक टन आम निर्यात किया, जिससे ₹32,745.12 लाख की कमाई हुई। जिसमें यूएई को सबसे ज्यादा 12,923.69 मैट्रिक टन (₹14472.70 लाख) आम निर्यात किया गया। इसके बाद यूके को 3376.89 मैट्रिक टन (₹7337.83 लाख), कतर को 2116.64 मैट्रिक टन (₹2332.75 लाख), ओमान को 1693.15 मैट्रिक टन (₹1898.19 लाख) आम निर्यात किया गया।
वित्तीय वर्ष 2021 में भारत में आम का उत्पादन 200.39 लाख मैट्रिक टन हुआ, जिसमें से 27872.72 मैट्रिक टन आम का निर्यात किया गया। यानि कुल उत्पादन का मात्र 0.13 प्रतिशत ही आम का निर्यात किया गया।
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