BJP Target 370: बीजेपी का 370 का संकल्प, क्या है विकल्प?
आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 370 सीटें जीतने का खाका तैयार कर लिया है। दिल्ली के भारतमंडपम में हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में यह निश्चित करने का आह्वान किया गया कि एनडीए 400 से अधिक सीटें हासिल करे।
चुनावों में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के शासन को आजाद भारत का स्वर्णकाल के रूप में प्रस्तुत करेगी और जनता को यह बताएगी कि यूपीए सरकार के समय इतने गड्ढे हो गए थे कि मोदी को उसे भरने में ही काफी समय चला गया, लेकिन अब जो उन्होंने देश में विकास की नींव रखी है, उससे आने वाले पाँच वर्षों में कायापलट हो जाएगी और भारत एक विकसित देश का तमगा हासिल कर लेगा।

इस बार विकसित भारत के लिए मांगेंगे वोट
भाजपा देश में यही प्रचार करेगी कि मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं और देश को विकसित देश की श्रेणी में आने का गौरव प्राप्त करें। जनता से कहा जायेगा कि जो नींव मोदी जी ने रखी है उस पर आने वाले पाँच वर्ष में एक शानदार इमारत बहुत तेज गति से बनेगी।
लेकिन क्या वाकई लोकसभा चुनाव के नतीजे को लेकर बीजेपी को किसी भी राज्य में कोई संशय नहीं है। क्या पूरे देश में यह माहौल है कि भाजपा को 370 सीटें मिलेंगी, और एनडीए को 400 से ज्यादा। पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी ने कई कार्यों को गति और दिशा दी है और ऐसे लक्ष्य पूरे किये जिनकी कल्पना करना मुश्किल था। 'गुजरात मॉडल' के नाम पर 2014 में लोगों ने मोदी को देश का प्रधानमंत्री चुना था। इसलिए 2024 का चुनाव भी बीजेपी विकास के नाम पर ही लड़ना चाहती है।
बीजेपी को इस बात का पूरा यकीन है कि इस बार लोग विकसित भारत बनाने के नाम पर उसे दिल खोलकर वोट देंगे। राष्ट्रीय अधिवेशन में आए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने वन इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि 10 साल में पीएम मोदी ने देश को जिस ऊंचाई पर पहुचा दिया है, वहाँ से आगे ले जाने की जो योजना बनाई है, उससे लोगों को भरोसा हो चला है कि 2047 में भारत दुनिया में नंबर एक देश होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी में ही ऐसी योजना बनाने और कड़ी मेहनत से लागू करने की क्षमता है।
आर्थिक मोर्चे पर मजबूत हैं मोदी
यह ठीक भी है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 10 साल में 11वें स्थान से ऊपर उठकर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। यहीं नहीं अब लोगों को यह भी यकीन हो चला है कि 2026 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। चौथे और पांचवें नंबर पर खड़े जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। क्योंकि इन दोनों देशों की जीडीपी 5 ट्रिलियन डॉलर से कम का है और भारत इस मुकाम को अगले 2 साल में हासिल करने पर तत्पर है।
राम मंदिर के बाद लोकप्रियता चरम पर
इसी साल 22 जनवरी को पीएम मोदी की मौजूदगी में अयोध्या मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम की लोकप्रियता चरम पर है। बीजेपी यह प्रचार करने जा रही है कि "करीब 550 साल से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भारत की जनता इंतजार कर रही थी और 22 जनवरी को पीएम मोदी ने उसे खत्म कर राम लला का एक सुंदर मंदिर देश को समर्पित कर दिया। जिस शांतिपूर्ण तरीके से राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ उससे पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है।
क्या है सीटों का गणित
भाजपा ने 2009 के लोक सभा चुनाव में हार के बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद से पार्टी लगातार चुनाव दर चुनाव अपनी सीटों की संख्या और वोट शेयर में वृद्धि करती जा रही है। 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 282 सीटों के साथ सरकार में धमक के साथ आई। 2019 के चुनाव में यह संख्या 303 सीटों तक पहुँच गई और अब मोदी के 370 सीटों के लक्ष्य को हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यानी पिछली बार से 67 सीटें और अधिक बीजेपी को जीतनी होंगी।
भाजपा ने 2014 में 428 सीटों पर चुनाव लड़कर 282 सीटें जीती थीं और 2019 में 436 सीटों पर चुनाव लड़ 303 सीटें जीत ली। इस चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ा लाभ पश्चिम बंगाल में मिला, जहां इसने 16 सीटें अपने कब्जे में कर ली थी। 2024 के चुनाव में भाजपा उन 133 सीटों को पहले टारगेट कर रही है जिन पर उसे 2019 में हार मिली थी। इन सीटों में से 72 सीटों पर बीजेपी उपविजेता रही थी।
कई कमजोर कड़ियाँ भी हैं बीजेपी की
भाजपा को चिंता केरल की 14 और तेलंगाना की 9 सीटों को लेकर ज्यादा है, क्योंकि यहाँ पिछले चुनाव में पार्टी कोई प्रभाव नहीं डाल पाई थी। कर्नाटक को छोड़कर दक्षिणी राज्यों में भाजपा की बहुत कम उपस्थिति रही है। भाजपा ने 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अपने वोट शेयर में वृद्धि की है तो 12 में गिरावट भी देखी है। 2014 में बीजेपी का वोट शेयर 31.3 प्रतिशत था, जो बढ़कर 2019 में 37.7 प्रतिशत हो गया। अब 2024 में पार्टी 45 प्रतिशत वोट अकेले हासिल करने की योजना बना रही है।
राज्य स्तर पर वोट शेयर के मामले में, भाजपा की पूरे देश में अच्छी खासी उपस्थिति है। 2019 के बाद से हुए चुनावों में, भाजपा ने 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कम से कम 20 प्रतिशत और 9 राज्यों में 40 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर हासिल किया है।
जो भी हो अब लोकसभा का चुनाव बहुत नजदीक है। फिलहाल बीजेपी के सामने कोई राष्ट्रव्यापी राजनीतिक चुनौती नहीं दिख रही है। पर जब तक अंतिम वोट काउन्ट ना हो जाए, चुनाव परिणाम की गारंटी नहीं की जा सकती।












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