नित्यानंद राय, बिहार में बीजेपी के यादव नेता को मोदी का सहारा!
Nityanand Rai: बिहार की उजियारपुर सीट से केंद्र में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नामांकन कर दिया है। यहां 13 मई को चुनाव होने वाला है। हालांकि लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी को यादव समुदाय का पसंदीदा दल माना जाता है, लेकिन बिहार में नित्यानंद ऐसे यादव नेता हैं, जो लगातार दो बार उजियारपुर से बीजेपी की टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं और तीसरी बार के लिए मैदान में डटे हुए हैं।
पार्टी के दिग्गज नेता नित्यानंद राय को इस बार भी इस सीट से जीत हासिल करने की उम्मीद है। वह जीत की संभावना के पीछे अपना काम नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लोगों में आस्था को कारण बताते हैं।

क्या हैट्रिक लगा पाएंगे नित्यानंद राय?
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र, समस्तीपुर जिले में आता है। 2008 के परिसीमन के बाद यह लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। साल 2009 के आम चुनाव में जदयू की अश्वमेध देवी जीत जीती थीं, लेकिन 2014 और 2019 के चुनाव में दोनों बार नित्यानंद राय ही विजयी हुए। 2019 में नित्यानंद ने रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को पौने तीन लाख वोटों से हराया था। नित्यानंद राय को तब 5,43,906 वोट मिले थे और उपेंद्र कुशवाहा को केवल 2,66,628 वोट। समस्तीपुर कभी वामपंथियों का गढ़ रहा था, लेकिन 2019 में सीपीआईएम के उम्मीदवार को केवल 27,577 वोट मिले थे।
उपेन्द्र कुशवाहा भी होंगे एक फैक्टर
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र यादव बहुल है और यहाँ कुशवाहा जाति के मतदाताओं की संख्या भी काफी अधिक है। ब्राह्मण, मुस्लिम और ओबीसी समुदाय के वोट भी यहाँ है, जो हार जीत के अंतर को बढ़ाने या घटाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। नित्यानंद राय बीजेपी में दूसरे यादव नेता हैं, जो लगातार चुनाव जीत रहे हैं। रामकृपाल सिंह यादव भी पटना सिटी से लगातार लोक सभा पहुंच रहे हैं।
यादव वोटर्स के साथ साथ नित्यानंद को ब्राह्मण और ओबीसी समुदाय के भी वोट मिलते रहे हैं। नित्यानंद के लिए इस बार एक और सहूलियत है कि उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए में हैं और वह काराकट से चुनाव लड़ रहे हैं। यानी कुशवाहा वोट में कोई बड़ा विभाजन नहीं होने वाला है। नामांकन के समय लोजपा के नेता चिराग पासवान की उपस्थिति से क्षेत्र के दलित और पिछड़े वोटरों में भी बीजेपी के लिए एक संदेश गया।
मोदी के एक और हनुमान, नित्यानंद
जातिगत समीकरणों के पक्ष में होने के बावजूद नित्यानंद यह चुनाव पीएम मोदी के नाम पर लड़ना चाहते हैं। बीजेपी के लोग उजियारपुर में यह प्रचारित करने में लगे हैं कि नित्यानंद भी मोदी के हनुमान हैं। बिहार में मोदी के हनुमान के रूप में चिराग पासवान खुद को पेश करते रहे हैं। अब बीजेपी के मंच से नित्यानंद को दूसरे हनुमान की पदवी दी जा रही है। यह बताया जा रहा है कि किस तरह केंद्र में मोदी और अमितशाह उनपर भरोसा करते हैं।
नित्यानंद के बारे में यह कहा जा रहा है कि 2019 में जब धारा 370 हटाने का फैसला किया गया तो मोदीजी ने कश्मीर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने दूत के रूप में नित्यानंद राय को वहाँ भेजा था। वहाँ उन्होंने कितना बेहतर काम किया, पूरी दुनिया ने देखा। इसी तरह कोरोना काल में भी देश में बेहतर प्रबंधन के लिए नित्यानंद पर पीएम ने भरोसा किया। अभी हाल में किसान आंदोलन में केंद्र की तरफ से किसान नेताओं से वार्ता की जिम्मेदारी भी नित्यानंद राय को ही दी गई थी। मोदी और अमित शाह के उनके ऊपर विश्वास के कारण ही उन्हें उनका हनुमान कहा जा रहा है। अमित शाह ने मणिपुर हिंसा के दौरान भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नित्यानंद राय को ही भेजा था।
बागी किसका खेल बिगाड़ेंगे?
नित्यानंद राय का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल प्रत्याशी आलोक कुमार मेहता से है, जिन्हें 2014 के चुनाव में नित्यानंद राय पहले हरा चुके हैं। वहाँ एक और मजबूत उम्मीदवार अमरेश राय भी हैं जो आरजेडी से बागी होकर निर्दलीय लड़ रहे हैं। अमरेश राय इस उजियारपुर सीट से आरजेडी का टिकट अपनी पत्नी राजश्री के लिए चाहते थे लेकिन आरजेडी ने ऐसा किया नहीं। इस पर नाराज होकर अमरेश राय आरजेडी छोड़ खुद निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। कहा जा रहा है कि अमरेश राय के चुनाव मैदान में आने से नित्यानंद राय को ही फायदा होगा, क्योंकि वे राजद के घोषित प्रत्याशी आलोक कुमार मेहता के ही वोट काटेंगे।
नित्यानंद राय बिहार भाजपा के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। वे पार्टी के भीतर और सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह बीजेपी की बिहार इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका प्रभावशाली नेतृत्व, सकारात्मक विचार और परिवर्तन लाने की उनकी क्षमता को देखते हुए, उन्हें बिहार के संभावित मुख्यमंत्री के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि यादव समाज की पहली पसंद आज भी लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लोग ही हैं।
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 16,12,300 हैं, जिनमें 8,60,948 पुरुष और 7,51,352 महिला मतदाता हैं। एनडीए यहाँ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर वोट मांग रहा है तो इंडिया गठबंधन रोजगार और संविधान बचाने को मुद्दा बनाना चाहता है। जाति समीकरण के साथ साथ यहाँ स्थानीय मुद्दों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लोग वर्षों से रेलवे ओवर ब्रिज, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग नहीं है। जूट और चीनी मिलें वर्षों से बंद हैं। केवल एक जूट मिल और एक चीनी मिल चालू है। मानसून में यहाँ बाढ़ भी आ जाती है। युवाओं का पलायन भी चुनावी मुद्दा हो सकता है। उजियारपुर से एआईएमआईएम और बीएसपी जैसी पार्टियों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन मुकाबला तो एनडीए और इंडिया के बीच ही है।
-
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM? -
राजस्थान रॉयल्स की 13,500 करोड़ की डील रुक गई? बॉम्बे हाई कोर्ट में जीत से राज कुंद्रा ने पलटा गेम -
Gold Rate Today: रामनवमी पर एक दिन में ₹4,900 उछला सोना,ये है आपके शहर में 22K-18K का ताजा रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम? -
IPL 2026: विराट कोहली की RCB का बदलेगा नाम? 16,700 करोड़ की डील के बाद अनन्या बिड़ला ने दिया जवाब!












Click it and Unblock the Notifications