Khalistani Separatists: किसी की किडनी फेल तो किसी की हत्या, आठ महीनों में तीन खालिस्तानी कट्टरपंथी मारे गये
Khalistani Separatists: खालिस्तानी समर्थक ग्रुप केएलएफ (खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स) को तगड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन में केएलएफ मुखिया और अमृतपाल सिंह का मेन हैंडलर अवतार सिंह खांडा की लंदन के एक अस्पताल में ब्लड कैंसर की वजह से मौत हो गयी।
खबरों के मुताबिक खांडा को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। अस्पताल में भर्ती किए जाने पर उसके समर्थकों व परिवारवालों ने जहर देने की आशंका व्यक्त की थी। खांडा पंजाब का रहने वाला था और उसका जन्म मोगा जिले में हुआ था। गौर करने वाली बात यह है कि बीते एक साल में तीन बड़े खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों की मौत हो गयी है।

अवतार सिंह खांडा
अवतार सिंह खांडा उस संगठन (केएलएफ) का चीफ था, जिसको भारत सरकार ने एक आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। खांडा का पूरा परिवार खालिस्तानी मूवमेंट से जुड़ा रहा है। खबरों के मुताबिक खांडा के पिता और चाचा दोनों ही खालिस्तानी फोर्स के एक्टिव मेंबर थे। जबकि खांडा का मामा गुरजंत सिंह बुधसिंहवाला खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का प्रमुख था। खांडा के चाचा को 1988 और पिता को 1991 में भारतीय सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में मार गिराया था।
कई रिपोर्ट बताती हैं कि खांडा बम बनाने में काफी माहिर था। खांडा को लेकर कहा जाता है कि उसने ही पंजाब में अमृतपाल सिंह को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही अमृतपाल सिंह को 37 दिनों तक छिपाकर रखने में भी खांडा ने ही मदद की थी।
खांडा के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से थे। वह भारत विरोधी कई गतिविधियों में शामिल भी रहा। जैसे बीते कुछ महीने पहले खांडा ब्रिटेन में भारतीय दूतावास पर हुए हमले में शामिल था और इसने ही तिरंगे को उतारकर उसका अपमान किया था। केंद्र सरकार ने साल 2015 में ब्रिटेन की सरकार को कुछ संदिग्ध खालिस्तानी नेताओं की एक लिस्ट सौंपी थीं, जिसमें खांडा का नाम शामिल था।
परमजीत सिंह पंजवड़
मई 2023 में पाकिस्तान के लाहौर में आतंकवादी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स के सरगना परमजीत सिंह पंजवड़ के घर में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में परमजीत सिंह पंजवड़ की मौके पर ही मौत हो गयी।
साल 1990 से ही परमजीत सिंह पंजवड़ पाकिस्तान में मलिक सरदार सिंह के नाम से छिपा हुआ था। पंजवड़ ने भारत में दहशत फैलाने के लिए पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई के साथ हाथ मिला रखा था। इसका अवैध हथियारों और ड्रग्स का कारोबार था, पंजवड़ सीमा पार से भारत में तस्करी का रैकेट चलाता था।
आईएसआई पंजवड़ का इस्तेमाल पंजाब प्रांत में खालिस्तानी अलगाववाद को बढ़ाने और आतंकी वारदातों को अंजाम देने में करती थी। उसने 30 जून 1999 में चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय के पास बम ब्लास्ट कराया था। पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला पंजवड़ पहले पंजाब में एक केंद्रीय सहकारी बैंक में काम करता था। इसी दौरान 1986 में अपने चचेरे भाई लाभ सिंह के आतंकी बनने के बाद वह भी खालिस्तान कमांडो फोर्स में शामिल हो गया था। लाभ सिंह को भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया था, जिसके बाद परमजीत ने खालिस्तान कमांडो फोर्स की कमान संभाल ली थी।
हरविंदर सिंह रिंदा
प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा की मौत नवंबर 2022 में हो गयी थी। तब सोशल मीडिया पर बंबीहा गैंग ने रिंदा को पाकिस्तान में मारने का दावा किया था। हालांकि, कुछ रिपोर्ट में रिंदा की मौत किडनी फेल होने से बताई गई थी, क्योंकि अपनी मौत से पहले 15 दिनों से वह पाकिस्तान के एक अस्पताल में भर्ती था।
आतंकी हरविंदर पंजाब के तरन तारन जिले का रहने वाला था, लेकिन वह बाद में महाराष्ट्र के नांदेड़ साहेब शिफ्ट हो गया था। रिंदा अपनी मौत के समय पाकिस्तान में छिपा हुआ था। हालांकि, कुछ रिपोर्ट के मुताबिक वह नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट बनाकर पाकिस्तान भाग गया था, लेकिन कब भागा यह एजेंसियों को पता भी नहीं चला था।
खालिस्तानी चरमपंथी रिंदा पंजाब में मोस्ट वांटेड 'A प्लस कैटेगरी' का गैंगस्टर था और महाराष्ट्र, चंडीगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर कई मामलों में वांछित था। वह जबरन वसूली, हत्या और आतंकी साजिश को अंजाम देने जैसी अनेक वारदातों में शामिल था। उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी सपोर्ट मिला हुआ था। इसके अलावा पाकिस्तानी आतंकियों के साथ मिलकर वह भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देता था।












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