कवि सम्मेलन के माइक पर रामदेव ‘धाँसू'

केजरीवाल कविता पढ़ने आते हैं -
केजरीवाल विकट -‘धन्यवाद धाँसू जी, जो आपने मुझे आमंत्रित किया वरना ये कांग्रेसी तो मुझे आमंत्रित करने के मूड में नहीं लग रहे थे। मैं दो पंक्तियाँ इनको समर्पित करता हूँ।
‘कांग्रेसी बड़े दगाबाज रे
कल मिले हमका भूल गए आज रे'
सारे बीजेपीवादी कवियों के खूब तालियाँ बजायीं। पर अगली पंक्ति में मोदी चंचल के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
‘बीजेपी बड़ी दगाबाज रे,
‘आप' के कोढ़ में खाज रे,
हाय हाय......दगाबाज रे, हाय दगाबाज रे। अगला भाग पढ़ने के लिये click करें Next।












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