यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरते रहे हैं भारतीय खिलाड़ी और कोच, जानिए उन मामलों के बारे में
Harassment in Sports: कर्नाटक हाई कोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार करने के मामले में पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी हॉकी खिलाड़ी वरुण कुमार की अग्रिम जमानत मंजूर कर दी है। दरअसल, पीड़िता 2016 से वॉलीबॉल खेल रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2018 में जब वह 16 साल की थी, वरुण ने इंस्टाग्राम से उससे संपर्क किया और उससे मिलने और सच्चे प्यार करने की बात कहीं।
आरोप लगाया गया कि 2019 में जब पीड़िता 17 साल की थी, वरुण उसे एक होटल में रात के खाने के लिए ले गया और उसे छूने की कोशिश की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि वरुण ने भुवनेश्वर, दिल्ली और जालंधर में अलग-अलग जगहों पर सालों तक उसके साथ बार-बार बलात्कार किया और उसे ब्लैकमेल किया।

वरुण कुमार पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी नहीं है जो यौन उत्पीड़न या बलात्कार के मामले में फंसे हैं। वरुण से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ियों, कोच का यौन उत्पीड़न या बलात्कार के मामले में नाम सामने आ चुका है, आइए ऐसे ही कुछ मामलों पर नजर डालते हैं।
संदीप सिंह
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री संदीप सिंह पर एक जूनियर एथलेटिक्स कोच ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला कोच ने 31 दिसंबर, 2022 को सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि संदीप ने जुलाई 2021 में सेक्टर 7 में अपने आधिकारिक आवास पर उसके साथ छेड़छाड़ की थी।
चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सिंह के खिलाफ दायर एफआईआर में आईपीसी की धारा 354, 342, 354ए, 354बी, 506 और 509 शामिल थी। महिला कोच ने आरोप लगाया था कि सिंह ने यौन संबंध बनाने के बदले हरियाणा खेल विभाग में जूनियर कोच के रूप में उसकी नौकरी पक्की कराने का आश्वासन दिया था।
आर के शर्मा
साइकिलिस्ट आर के शर्मा 2022 में साइकिलिंग के लिए भारत की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच थे। एक वरिष्ठ महिला साइकिलिस्ट ने जून 2022 में स्लोवेनिया में एक इंटरनेशनल ट्रेंनिंग कैंप के दौरान शर्मा के खिलाफ "अनुचित व्यवहार" की शिकायत दर्ज कराई। साइकिलिस्ट ने शर्मा पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसे इस बहाने से होटल के कमरे में अपने साथ रहने के लिए मजबूर किया कि रूम का अलॉटमेंट ट्विन-शेयरिंग के आधार पर किया गया था।
एक जाँच समिति की शुरुआती रिपोर्ट में महिला साइकिलिस्ट के आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एसएआई) द्वारा शर्मा को मुख्य साइकिलिंग कोच के पद से बर्खास्त कर दिया गया और उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया।
पी. नागराजन
मई 2022 में चेन्नई के एक एथलेटिक्स कोच पी. नागराजन पर एक 19 वर्षीय नेशनल लेवल रनर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। एथलीट ने आरोप लगाया था कि नागराजन फिजियोथैरेपी और स्ट्रेचिंग के बहाने महिला एथलीट्स को गलत तरीके से छूते हैं।
युवती के आरोप लगाने के ठीक 2 महीने बाद ही सात और महिला एथलीट्स ने नागराजन पर ऐसे ही कुछ आरोप लगाए और उन एथलीट्स में ऐसी भी कुछ एथलीट्स शामिल थीं, जिन्होंने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिप्रेजेंट किया था। आरोपों के बाद तमिलनाडु पुलिस ने नागराजन को आईपीसी की कई प्रमुख धाराओं और पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।
सरदार सिंह
फरवरी 2016 में भारत के एक प्रमुख हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह पर ब्रिटिश-भारतीय हॉकी खिलाड़ी अशपाल भोगल ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और दावा किया है कि वह उनकी पूर्व मंगेतर है। आरोपों में बलात्कार और मारपीट की शिकायत भी शामिल थी, जो जनवरी 2013 और जनवरी 2016 के बीच भारत में हुई थी।
दिल्ली महिला आयोग ने जनवरी 2016 में महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सरदार सिंह के खिलाफ बलात्कार के आरोपों का समर्थन किया था। महिला के बलात्कार और मारपीट के दावों के बावजूद सरदार सिंह ने आरोपों से इनकार किया था। यूके पुलिस ने इन आरोपों के बारे में सरदार सिंह से पूछताछ भी की थी।
अमित मिश्रा
अक्टूबर 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वन डे मैचों के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के 32 वर्षीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा को मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। शिकायतकर्ता, बेंगलुरु की 34 वर्षीय फिल्म निर्माता ने 27 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि मिश्रा ने उनके साथ बातचीत में दुर्व्यवहार किया, उनके दाहिने हाथ को मरोड़ा और एक लग्जरी होटल के कमरे के अंदर उन पर केतली फेंकी और उनके साथ मारपीट की।
पुलिस ने आईपीसी की पांच धाराओं के तहत मिश्रा पर मामला दर्ज किया, जिसमें यौन उत्पीड़न, महिला की छवि खराब करने के इरादे से हमला करना, हथियार से हमला करना और आपराधिक धमकी देना शामिल था।
मनोज राणा और चंदन पाठक
जिमनास्टिक कोच मनोज राणा और जिमनास्ट चंदन पाठक पर 2014 में एक 29 वर्षीय महिला जिमनास्ट ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर में उन पर अश्लील टिप्पणियां करने और गंदे इशारे करने का आरोप लगाया गया था।
यह घटना राजधानी के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में ट्रेनिंग कैंप के दौरान हुई थी। जिमनास्ट ने दावा किया कि यह घटना 2 सितंबर को हुई थी, लेकिन जिमनास्टिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (जीएफआई) के संज्ञान में मामला लाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपों के बावजूद, मनोज राणा और चंदन पाठक इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में शामिल हुए।
पिंकी प्रमाणिक
जून 2012 में अंतरराष्ट्रीय एथलीट पिंकी प्रमाणिक पर उनकी पूर्व महिला लिव-इन पार्टनर ने बलात्कार का आरोप लगाया था, जिसके कारण पिंकी को गिरफ़्तार किया गया था। इसके बाद पिंकी के तीन मेडिकल टेस्ट हुए, जिसमें यह तय नहीं हो पाया कि पिंकी पुरुष है या महिला।
पिंकी की लिव-इन पार्टनर के वकील ने पिंकी को पुरुष घोषित किया और बलात्कार का आरोप लगाया, जबकि कई मीडिया रिपोर्ट्स का मानना था कि पिंकी एक इंटरसेक्स महिला है और वो बलात्कार के आरोपों में दोषी नहीं पाई गई। हालांकि आखिरी में पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई मेडिकल रिपोर्ट में पिंकी को पुरुष घोषित किया गया और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 417, 420, 325, 506 और 493 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
महाराज कृष्ण कौशिक
भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व मुख्य कोच महाराज कृष्ण कौशिक पर 2010 में टीम की कुछ महिला हॉकी खिलाड़ियों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। यह घटना तब सामने आई जब रंजीता देवी ने हॉकी इंडिया को उत्पीड़न के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए एक ईमेल भेजा।
बाद में दोषी पाए जाने के बाद हॉकी इंडिया ने कौशिक को बर्खास्त कर दिया। आरोपों के बावजूद कौशिक को 2014 में सेंट्रल ज़ोन के लिए हाई-परफॉरमेंस मैनेजर के रूप में नियुक्त किया गया, जो कोच और खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए जिम्मेदार था। बता दें कि मई 2021 में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद कौशिक का निधन हो गया था।












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