Indian Fast Bowlers: एशिया कप फाइनल ने दिखाया भारत में पेस बॉलिंग का भविष्य
Indian Fast Bowlers: भारत ने एशिया कप 2023 का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारत आठवीं बार एशिया चैंपियन बना, लेकिन इस जीत में तेज गेंदबाजों की सबसे बड़ी भूमिका रही। जो यह कहते रहे हैं कि भारत में क्वालिटी के तेज गेंदबाज नहीं पनपते, वे जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के चैंपियन प्रदर्शन को देखकर भारत में तेज गेंदबाजी के भविष्य का अंदाज लगा सकते हें। सिराज ने इस मैच में 7 ओवर में 21 रन देकर कुल छह विकेट लिए, वह भी एक ओवर में 4 विकेट के साथ।
भारत ने पहले भी कई महान तेज गेंदबाज पैदा किए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है। कपिल देव, श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद, जहीर खान, अजित अगरकर और इशांत शर्मा के नाम इस संबंध में ले सकते हैं। पर अब जो युवा पीढी आई है वह दुनिया के सभी क्रिकेट देशों के तेज गेंदबाजों की बराबरी कर सकती है। चाहे वह स्पीड का मामला हो या फिर स्विंग का। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और खुद सिराज वैसे गेंदबाज हैं, जो लगातार 140 किलोमीटर की स्पीड से गेंद फेंक रहे हैं। पर यह सूची यहीं तक सीमित नहीं है। इनके साथ लगभग आधा दर्जन अन्य गेंदबाज भी हैं तो अपनी स्पीड और मूवमेंट से किसी भी बल्लेबाज से पानी मंगवा सकते हैं।

छोटे और मझोले शहरों से निकलने वाले ये गेंदबाज भारत की तेज गेंदबाजी के भविष्य हो सकते हैं। इनमें प्रतिभा इतनी कूट कूट कर भरी है कि कोई भी कठिनाई इनकी सफलता के आड़े नहीं आती। खुद मोहम्मद सिराज उसके उदाहरण हैं। हैदराबाद की तंग गलियों में पला-बढ़ा एक ऑटो ड्राइवर का बेटा मोहम्मद सिराज के यहां तक पहुंचने और इंडियन क्रिकेट टीम का चमकता सितारा बनने की कहानी संघर्षों से भरी हुई है।
पिता हैदराबाद की सड़कों पर ऑटो चलाया करते थे। सिराज का बचपन काफी गरीबी और अभावों के बीच गुजरा। सिराज ने अपनी पहचान आईपीएल 2016-17 सीजन में बनाई। सनराइजर्स हैदराबाद टीम ने उनके बेस प्राइस 20 लाख से 13 गुना ज्यादा 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बाद साल 2018 के लिए आईपीएल ऑक्शन के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने सिराज को 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा। साल 2022 में सिराज को 7 करोड़ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने वापस खरीदा। वहीं, इंटरनेशनल क्रिकेट में मोहम्मद सिराज इस समय विश्व रैंक्रिग में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।
सिराज की तरह बंगाल के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार का भी नाम लिया जा रहा है जो इंडियन प्रीमियर में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल चुके हैं। बकौल इशांत शर्मा मुकेश कुमार बेहद सरल गेंदबाज हैं। यदि आप उनसे एक विशेष गेंद डालने के लिए कहेंगे, तो वह केवल वही गेंद डालेंगे! उन्हें मैदान पर सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
उमेश यादव में भी अभी काफी संभावनाएं हैं। वह एक शानदार तेज गेंदबाज हैं और भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य भी। वह अपनी गति और स्विंग और सीम मूवमेंट उत्पन्न करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। यादव ने लगातार 140 किमी प्रतिघंटा से अधिक की गति से गेंदबाजी की है।
जसप्रीत बुमराह इस समय तेज गेंदबाजी की अगुवाई कर रहे हैं। वह अपने अपरंपरागत एक्शन और उच्च गति से गेंदबाजी करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। बुमराह ने लगातार 140 किमी से अधिक की गति से गेंदबाजी की है और वह दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक बन गए हैं।
मोहम्मद शमी गेंद को दोनों तरफ स्विंग करने की क्षमता और 140 किमी प्रति घंटा से अधिक की लगातार गति के लिए जाने जाते हैं। शमी हाल के वर्षों में भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में से एक रहे है।
नवदीप सैनी वर्तमान में एक बेहद टैलेंटेड भारतीय तेज गेंदबाज हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए टी 20 और वनडे दोनों में खेला है और अपनी तेज गति और तेज उछाल पैदा करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। सैनी ने 150 किमी प्रति घंटा से अधिक की गति से गेंद फेकी है।
वरुण एरोन भी एक ऐसे भारतीय तेज गेंदबाज हैं जो अपने पूरे करियर में अपनी गति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 9 टेस्ट में 18 विकेट और 9 वनडे में 16 विकेट लिए हैं। एरोन ने 150 किमी से अधिक की गति से गेंदबाजी की है। इनके अलावा सिद्धार्थ कौल और उमरान मलिक भी ऐसे गेंदबाज हैं जिनकी स्पीड 140 से उपर है। उमरान मलिक तो 150 किलोमीटर से भी अधिक स्पीड से गेंद डाल चुके हैं।













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