H3N8 Virus: कोरोना के बाद चीन से मिला H3N8 वायरस, जानिये वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय
H3N8 Virus: डब्ल्यूएचओ का कहना है कि H3N8 एक तरह का बर्ड फ्लू है। जो इंसानों में बेहद दुर्लभ होता है।

H3N8 Virus: भारत समेत दुनिया के कई देश अभी भी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। इसी बीच चीन से निकले एक और वायरस ने दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। आपको बता दें कि चीन में H3N8 नामक बर्ड फ्लू वायरस मिला है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार H3N8 वायरस से एक इंसान की मौत हो चुकी है। चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी चीन के झोंगशान शहर में 56 वर्षीय एक महिला H3N8 बर्ड फ्लू से संक्रमित हुई थी। जिसकी हाल ही में मौत हो गयी।
डाउन टू अर्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह महिला 22 फरवरी 2023 को बीमार हुई। फिर उसे 3 मार्च को गंभीर निमोनिया के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। आखिरकार 16 मार्च यानि 22 दिनों में उस महिला ने दम तोड़ दिया। चीन ने मौत के 11 दिन बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को इसकी जानकारी दी। जबकि नियमानुसार किसी भी देश में कोई ऐसा फ्लू या संक्रमण पाया जाता है तो 24 घंटे के भीतर डब्लूएचओ के साथ जानकारी साझा की जानी चाहिए।
क्या कहना है डब्लूएचओ का?
11 अप्रैल को डब्लूएचओ ने इसे लेकर अपना पक्ष रखा है कि इस संक्रमण का सटीक स्रोत स्पष्ट नहीं है। इस वैश्विक संगठन ने यह भी साफ किया है कि H3N8 वायरस जानवरों में पाया जाता है। मगर यह उस महिला में कैसे आया इस बारे में भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि महिला से संपर्क में आये लोगों पर इस वायरस की पुष्टि करने की कोशिश की गयी लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं आये। फिलहाल अभी तक की जानकारी के मुताबिक H3N8 वायरस इंसानों में आसानी से नहीं फैलता। फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ दिशानिर्देश जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि H3N8 एक तरह का बर्ड फ्लू है। जो इंसानों में बेहद दुर्लभ होता है। 1960 के दशक में पहली बार उत्तरी अमेरिकी पक्षियों में इस बीमारी का पता चला था। इसके बाद 2022 में कुत्तों और घोड़ों में भी यह वायरस मिला था। हालांकि कुछ मामलों में ही इस वायरस के इंसानों में फैलने की बात पता चली है।
महिला की मौत के बाद सतर्क विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि चीन के ग्वांगडोंग प्रांत की एक 56 वर्षीय महिला 22 फरवरी 2022 को बीमार पाई गई थी। जानकारी में आया कि उसे मायलोमा (कैंसर) सहित स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं थीं। वह महिला काफी समय से किसी पोल्ट्री फार्म के भी संपर्क में थी। जब केस की हिस्ट्री पता की गयी तो मालूम हुआ कि पोल्ट्री फार्म के अलावा महिला के घर के आसपास भी पक्षियों का बसेरा था।
H3N8 के अब तक 3 मामले सामने आए
संयुक्त राज्य अमेरिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार अप्रैल और मई 2022 में इस वायरस से जुड़े दो केस सामने आए थे। माना जा रहा है कि वह लोग मुर्गियों और बत्तखों के संपर्क में आकर संक्रमित हुए थे। हालांकि यह वायरस कहां से फैला है, इस मामले में अभी तक सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। इलाज के बाद दोनों मरीज स्वस्थ भी हो गए थे।
क्या है H3N8 वायरस
H3N8 वायरस एक प्रकार का इन्फ्लुएंजा वायरस है। जो प्राथमिक रूप से पशु और पक्षियों में पाया जाता हैं। यह वायरस घोड़ों में भी बहुतायत में देखने को मिलता हैं। उनमें सामान्य रूप से फेफड़ों और श्वसन अंगों में संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं। H3N8 वायरस इंसानों में भी संक्रमण का कारण बन सकता है लेकिन ऐसा अभी बहुत कम होता है। गौरतलब है कि इसकी एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की संभावना न के बराबर है।
H3N8 वायरस से संक्रमित पशु के अधिकतर लक्षण श्वसन संक्रमण से जुड़े होते हैं। जिसमें दुर्बलता, थकान, बुखार, सूखी खांसी, श्वसन दुखाव या दुखाव के साथ श्वसन, फेफड़ों में तकलीफ, नाक और आंखों से स्राव, तेज सांसे चलना, और संक्रमण से प्रभावित पशु की सामान्य स्थिति खराब हो सकती है।
H3N8 वायरस से बचाव
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H3N8 वायरस आमतौर पर पशु-पक्षियों मे ही देखा गया है। जिस महिला की इस वायरस से मौत हुई है, वह काफी समय से लगातार पालतू जानवरों के संपर्क में थी। अतः इसके लिए सबसे जरूरी है कि अपने पालतू जानवरों को समय-समय पर जरूरी वैक्सीन लगवातें रहें। इसके अलावा, पशु-पक्षियों की स्वच्छता और हाइजीन पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। पीड़ित जानवरों को अलग से रखने की व्यवस्था करें।
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