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Gun Culture in America: अमेरिका में गणतंत्र पर भारी ‘गन’तंत्र, जानिए आखिर क्या है कारण

Gun Culture in America people killed in firing

Gun Culture in America: अमेरिका में गन कलचर का इतिहास तकरीबन ढाई सौ साल पुराना है। यहां कपड़ों की तरह हथियारों की शॉपिंग की जा सकती है। साल 1791 में अमेरिका के संविधान में दूसरा संशोधन लागू हुआ था, इसके तहत अमेरिकी नागरिकों को हथियार रखने के अधिकार दिए गए थे। तब से लेकर अब तक यह कानून लागू है। अमेरिका में गन कल्चर की वजह से अब तक लाखों लोगों ने अपनी जानें गंवाईं हैं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 1968 से 2017 के बीच बंदूकों से लगभग 15 लाख लोगों की जान गयी। ये संख्या अमेरिका में 1775 की आजादी की लड़ाई के बाद से जितनी भी लड़ाइयां हुईं हैं, उन युद्धों में मारे गए सैनिकों की संख्या से ज्यादा हैं। अमेरिका के यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के अनुसार केवल 2020 में ही 45,000 से ज्यादा लोग बंदूकों के कारण मारे गये। गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका में गन कल्चर पर जब भी सवाल उठते हैं तो उनमें सामूहिक हत्याओं की चर्चा ज्यादा होती है लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो देखेंगे कि 24,300 मौतें यानी 54% आत्महत्या की घटना थीं।

अमेरिका में कितनी बंदूकें हैं?

वैसे तो दुनिया भर में लोगों के पास कितनी संख्या में गन मौजूद हैं इसका परफेक्ट आंकड़ा तो किसी भी संस्था के पास नहीं हैं। हालांकि स्विट्जरलैंड की एक नामी रिसर्च संस्था ने 'स्मॉल आर्म्स सर्वे' ने 18 जून 2018 को एक डाटा जारी किया था। जिसमें बताया गया कि दुनिया में साल 2017 के अंत तक एक बिलियन से ज्यादा बंदूकें (firearms) थीं। इन हथियारों में सबसे ज्यादा 857 मिलियन (85%) सिविलियन लोगों के हाथों में, 133 मिलियन (13%) सैन्य शस्त्रागार में और 23 मिलियन (2%) कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकार में हैं। इसी रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ कि संयुक्त राज्य अमेरिका में दुनिया की आबादी का केवल 4% लोग रहते हैं, लेकिन इनके नागरिकों के पास दुनियाभर की बंदूकों का 40% हिस्सा है। यानि दुनिया के हर 10 बंदूक मालिकों में 4 अमेरिकी हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका के 39 करोड़ हथियार सिविलियन लोगों के हाथों में हैं। वहीं एक और रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2019 से अप्रैल 2021 के बीच 75 लाख अमेरिकी लोगों ने पहली बार बंदूक खरीदे और अमेरिका में एक करोड़ 10 लाख लोगों के घर में बंदूक आ गई, जिनमें से 50 लाख तकरीबन कम उम्र के थे और उसमें भी आधी संख्या औरतों की थी।

दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका में गन से हुईं ज्यादा मौतें

अमेरिका की ही सीडीसी (Centers for Disease Control) के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में हर दिन करीब 53 लोग गन से मारे जाते हैं। यह कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेल्स समेत कई अन्य देशों की तुलना में गन से मारे जाने वाले लोगों से काफी ज्यादा हैं। वहीं साल 2019 के दौरान अमेरिका में गन से हत्या के कुल 14,400 मामले सामने आए थे। जबकि 2020 के दौरान अमेरिका में होने वाली 79 प्रतिशत हत्याएं बंदूक से की गई हैं। यह साल 1968 के बाद अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक 2020 में ऐसे मामलों में 34 प्रतिशत इजाफा हुआ है।

बंदूकों पर लगाम लगाने में अमेरिका फेल?

गन कल्चर अमेरिका के लिए एक राजनीतिक मुद्दा है। जहां कुछ नेता हथियारों पर रोक लगाने की मांग करते रहते हैं तो दूसरी तरफ कुछ अमेरिकी नेता खुलकर गन कल्चर को बढ़ावा देते हैं। साथ ही अमेरिकी संविधान का भी हवाला देते हैं कि उन्हें ये हक संविधान से मिला है। बड़ी बात ये है कि कई अमेरिकी राष्ट्रपति से लेकर वहां के राज्यों के गवर्नर तक इस कल्चर को बनाए रखने की वकालत करते रहे हैं। थियोडेर रूजवेल्ट से लेकर फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट, जिमी कार्टर, जॉर्ज बुश सीनियर, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डोनाल्ड ट्रंप तक कई अमेरिकी राष्ट्रपति गन कल्चर की तरफदारी करते रहे हैं। साथ ही गन के साथ फोटो खिंचवाकर इसको बढ़ावा देते रहे हैं।

गौर करने वाली बात है कि गन कल्चर पर रोक लगाने के लिए साल 2020 में अमेरिका में एक सर्वे हुआ था। जिसमें सिर्फ 52% लोगों ने इसका समर्थन किया, जबकि 35% लोगों का मानना था कि किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। जबकि 11% लोगों का कहना था कि वर्तमान में जो नियम-कानून हैं उन्हें थोड़ा नरम बनाया जाना चाहिए। वहीं इस सर्वें के आने के बाद अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के 91% समर्थकों ने लगभग एकमत से कानून को सख्त करने को कहा तो रिपब्लिकन पार्टी के केवल 24% समर्थक इसके पक्ष में थे।

'गन कल्चर' खत्म करने के लिए रो पड़े थे ओबामा

साल 2015 में एक ऑरेगॉन कॉलेज में नौ लोगों की हत्या की एक घटना के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा रो पड़े थे। तब उन्होंने कहा था कि जब भी मैं उन बच्चों के बारे में सोचता हूं, पागल हो जाता हूं। यदि आज इसे रोकने के लिए कदम नहीं उठाया तो ये घटनाएं नहीं रुकेंगी। हम सभी को संसद में 'गन पॉलिसी' लानी चाहिए। लेकिन, बड़ी बात ये थी कि कांग्रेस के 70 फीसदी सांसद हथियारों के समर्थक थे।

अमेरिकी सांसदों को मिलते हैं करोड़ों डॉलर

दरअसल अमेरिका में बंदूक बनाने वाली कंपनियों या संस्थाओं की एक बड़ी लॉबी है। जिसका नाम नेशनल राइफल एसोसिएशन (NRA) है। अंदेशा है कि इस संस्था के पास इतना पैसा है कि कोई इनके खिलाफ जाना नहीं चाहता और अमेरिका में गन कल्चर को कंट्रोल करने की हर कोशिश को नाकाम कर देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसने साल 2016 में चुनाव के समय 'डोनाल्ड ट्रंप' के चुनावी खर्चें के लिए 2 करोड़ डॉलर दिए थे। तब ट्रंप ने एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान यह बात कही थी कि आपका अपना दोस्त व्हाइट हाउस में है। अब भी फेडरल एजेंसी किसी भी ऐसे शख्स के पीछे नहीं पड़ सकती है। जिसके पास गन रखने का लाइसेंस है। वहीं कई बार बच्चों और लोगों पर हुई सामूहिक गोलीबारी को मानसिक बीमारी बताकर ट्रंप पल्ला झाड़ चुके हैं।

NRA खुलेआम अमेरिकी सांसदों की ग्रेडिंग करता है। इसके तहत A+, A,B,C,D,F की ग्रेडिंग है। A+ उस सांसद को दी जाती है जो NRA के पक्ष में वोटिंग करता है और गन लॉ को बनाए रखने की हिमायत करता है। वहीं अगर उनकी ग्रेडिंग F है तो इसका मतलब आप गन रखने वालों के दुश्मन हैं। हालांकि, NRA सांसदों पर जमकर पैसे बहाता है। BBC की टीवी रिपोर्ट के मुताबिक NRA Aप्लस लिस्ट में शामिल सांसद मारको रुबियो को 30 लाख डॉलर दे चुका है। सांसद रॉब पोर्टमैन को भी 30 लाख डॉलर दे चुका है। जबकि जॉन मेकैन को NRA द्वारा 70 लाख डॉलर मिले हैं। वहीं जो NRA का समर्थन नहीं करता है, उसका सोशल मीडिया पर कोई पुराना वीडियो, ऑडियो वायरल करवा देता है।

अमेरिका को 'गन कल्चर' से कितना फायदा

एक विदेशी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में अमेरिका की गन कंपनियों ने 18.8 मिलियन यानि 1 करोड़ 88 लाख गन बेचे हैं। यूएस फायरआर्म उद्योग वहां की अर्थव्यवस्था में तकरीबन $51.3 बिलियन का योगदान देता है। साथ ही पूरे अमेरिका में 169,523 लोगों को रोजगार देता है। अमेरिकी बन्दूक उद्योग का टर्नओवर लगभग $28 बिलियन बताया गया है।

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    जबकि एक और रिपोर्ट के मुताबिक हथियारों की बिक्री से अमेरिका की आर्म इंडस्ट्री को हर साल होती है 91 हजार करोड़ रुपए की कमाई होती है। वहीं 2.65 लाख लोग इस उद्योग से जुड़े हैं।

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