आज 18 साल का बालिग हो गया Google, जानें इसकी खास बातें
नई दिल्ली। मंगलवार का दिन गूगल के लिए कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि गूगल महाराज आज बालिग हो गए हैं। जी, हां गूगल महाराज आज 18 साल के हो गए हैं। इस मौके पर गूगल ने एक खास जिफ डूडल भी तैयार किया है।

भगत सिंह के जन्मदिन की तरह डिजिटल दुनिया में एक गूगल के जन्मदिन को लेकर भी काफी गफलत रही है। वर्ष 2005 तक गूगल के जन्मदिन की खास तारीख को लेकर बहसें हुआ करती थीं।
पहला जन्मदिन मनाया था 7 सितंबर को
गूगल ने अपना पहला जन्मदिन 7 सितंबर, 1998 को मनाया था।
आपको बताते चलें कि इसी साल 4 सितंबर को गूगल दुनिया के सामने आया था। पर इसका जन्मदिन कब मनाया जाए इसको लेकर गूगल ने आखिरकार अंतिम निर्णय लिया और वर्ष 2005 में 27 सितंबर को अपने गूगल की बर्थडे के रूप में चुना इसके बाद से आज तक गूगल इसी तारीख को अपना जन्म दिन मानता है।
गूगल की स्थापना लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने की थी। इस सर्च इंजन को बनाने का मकसद यह था कि दुनिया भर की हर एक छोटी-बड़ी जानकारी और सूचनाओं को एक साथ एक जगह पेश किया जा सके और पूरी दुनिया में लोग इसे जान सकें।
और जब गूगल था बैकरब!
अंग्रेजी में लिखा जाता है google आप जानते होंगे, लेकिन असल में यह googol की गलत स्पेलिंग है। पेज और ब्रेन ने पहले इसका नाम बैकरब रखा था।
जब 15 सितंबर 1997 को इसके डोमेन रजिस्ट्रेशन का समय आया तो लैरी ने इसका नाम गूगल कर दिया। इसके पीछे कारण यह था कि लैरी की गणित में रुचि थी।
4 सितंबर 1998 को आधिकारिक रुप से गूगल कंपनी की शुरुआत हुई। गूगल की शुरूआत में लैरी की कल्पना थी कि एक ऐसा सर्च इंजन बनाया जाए जो विभिन्न वेबसाइटों के आपसी संबंध का विश्लेषण कर सके।
पहली बार कंपनी में आई यह डिश
गूगल के ऑफिस में जब पहली बार कंपनी की तरफ से स्नैक्स का ऑर्डर किया गया था तो यह 'स्वीडिश फिश' थी। उस समय गूगल की तरफ से अपने कर्मचारियों को ड्रिंक नहीं दी गई थी।
हालांकि यह गूगल की तरफ से की जाने वाली एक छोटी पार्टी जैसी थी, आज के समय में इंडस्ट्री में गूगल अपने कर्मचारियों को मुफ्त स्नेक्स और मुफ्त ड्रिंक देने के मामले में मशहूर है।
ये इसके लोगो का दिलचस्प राज
गूगल लोगो का दिलचस्प राज यह है कि 31 मार्च 2001 को यह होम पेज पर सेंटर में शामिल नहीं था। 31 मार्च 2001 के बाद इसे होम पेज पर सेंटर में जगह दी गई।
साल 1998 से 2001 तक इसकी प्लेसिंग बायीं तरफ थी। गूगल सर्च इंजन में दूसरे नंबर पर कायम याहू की स्टाइल में गूगल लिखने के बाद एक्सक्लेमेंट्री मार्क भी लगाता था।
सर्च इंजन के मामले में दुनिया की नंबर 1 कंपनी गूगल का पहला स्टोरेज LEGO (लीगो) ने 1996 में बनाया था। उस समय गूगल का नाम बैकरब था। बैकरब की स्टोरेज क्षमता 40 GB थी।












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