इतिहास के पन्नों से- बॉम्बे वीटी से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस तक
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) मुंबई में कितने लोगों को मालूम होगा कि उनके महानगर का सबसे खासमखास छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) को किसने डिजाइन किया था? बता दें इसका डिजाइन तैयार किया था फ्रेडरिरक विलियम स्टीवंस ने। अफसोस कि इसके डिजाइनर के नाम से गिनती के भी लोग वाकिफ नहीं होंगे। यहां पर ही है सेंट्रल रेलवे का हेडक्वार्टर।
मुगलकालीन आर्किटेक्चर
इस इमारत का डिजाइन विक्टोरिया और मुगलकालीन आर्किटेक्टर से प्रभावित है। ये बना था साल 1887 में। छत्रपति शिवाजी ट्रमिनल को देश के सबसे बिजी रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। यहां से लंबी दूरी की और मुंबई में ही चलने वाली रेलें चलती हैं। [इतिहास के पन्नों से- मुंबई का महालक्ष्मी यहुदी कब्रिस्तान]
साथ ही क्राफोर्ड मार्केट
कुछ जानकार कहते हैं कि सीएसटी का डिजाइन ब्रिटेन के बहुत से रेलवे स्टेशनों जैसे है। इसके बहुत करीब है क्राफोर्ड मार्केट। सीएसटी को साल 1996 से पहले बॉम्बे वीटी कहा जाता था। नाम तो बॉम्बे विक्टोरियो टर्मिनल था। 1996 में सुरेश कलमाडी देश के रेल मंत्री थे। तब इसका नाम बदला गया। [भारतीय रेल से जुड़े 10 चौंकाने वाले तथ्य जो आपने कभी नहीं सुना होगा]
फिल्मों में भी
अगर आपने आस्कर विजेता फिल्म देखी हो तो आपको याद होगा कि स्लमडॉग मिल्यनेर में सीएसटी को बार-बार दिखाया गया था।इसके अलावा सीआईडी और यही है बॉम्बे मेरी जान पिक्चर में भी दिखता है सीएसटी।
सीएसटी पर हमला
सीएसटी ने ही देखा था वह भायनक मंजर जब पाकिस्तानी आतंकियों अजमल कसाब और उसके एक साथी ने इधर दर्जनों मासूम लोगों को मार डाला था। तब कुल जमा 58 लोग मारे गए थे और सौ से ज्यादा घायल हुए सीएसटी में। इन पर एके-47 राइफलों से हमला हुआ था। जरा कल्पना कीजिए उस मंजर की।
कल्पना संभव नहीं
नवभारत टाइम्स, मुंबई से जुड़े हुए वरिष्ठ पत्रकार भुवेन्द्र त्यागी कहते हैं कि सीएसटी के बिना मुंबई की कल्पना करना भी असंभव है। ये तो मुंबई की जान है। हरेक मुंबईकर इधर आता है। वे मानते हैं कि इसके डिजाइनर के नाम पर एक तो सड़क या रेलवे स्टेशन मुंबई में होना ही चाहिए। क्या कोई इस बारे में सोचेगा?













Click it and Unblock the Notifications