First Minister of Scotland: विवादों के ‘शहंशाह’ हमजा यूसुफ क्या स्कॉटलैंड को दिला पाएंगे ब्रिटेन से आजादी?

पाकिस्तानी मूल के हमजा यूसुफ अब स्कॉटलैंड के प्रधानमंत्री यानी फर्स्ट मिनिस्टर बन गये हैं। स्कॉटिश इतिहास में इस पद को पाने वाले वह पहले मुस्लिम नेता है।

First Minister Hamza Yusuf Will be able to get Scotland independence from Britain?

First Minister of Scotland: 27 मार्च को हमजा यूसुफ को स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) का नेता चुना गया। फिर 29 मार्च को ही वह निकोला स्टर्जन की जगह स्कॉटलैंड के नये फर्स्ट मिनिस्टर (प्रधानमंत्री) बन गये। बता दें कि इस पद के लिए हमजा यूसुफ शुरू से ही सबसे पसंदीदा उम्मीदवार थे और खुद निकोला स्टर्जन समेत पार्टी के ज्यादातर नेता उनके पक्ष में थे। स्कॉटलैंड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी मुस्लिम नेता ने देश के सर्वोच्च पद की शपथ ली है।

हमजा युसूफ अपनी शपथ के तुरंत बाद स्कॉटलैंड की आजादी की बात कहकर सुर्खियों में आ गये। हमजा ने अपने भाषण के दौरान ब्रिटेन को टारगेट करते हुए कहा कि जो लोग स्‍कॉटलैंड में हैं और जिन्‍होंने अभी तक आजादी के जूनुन को नहीं छोड़ा है उनको भरोसा दिलाता हूं कि हम ब्रिटेन से आजादी लेकर रहेंगे। हम वह पीढ़ी बनेंगे जो इस राष्ट्र के लिए आजादी दिलायेगी।

कौन है हमजा यूसुफ?

हमजा पाकिस्तानी मूल के स्कॉटलैंड निवासी है। उनके पिता साठ के दशक में अपने परिवार के साथ पाकिस्तान से स्कॉटलैंड में आकर बस गये थे। जबकि हमजा की मां केन्या के एक दक्षिण एशियाई परिवार में जन्मी थीं।

हमजा ने शुरुआती पढ़ाई ग्लासगो के हचसंस ग्रामर स्कूल में की। उस स्कूल में हमजा स्कॉटलैंड की लेबर पार्टी के नेता अनसर सरवर से दो साल जूनियर थे। साल 2006 में ग्लागसो यूनिवर्सिटी से राजनीति की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए एक कॉल सेंटर में काम किया। फिर वह स्कॉटलैंड की संसद में स्कॉटिश नेशनल पार्टी के सदस्य बशीर अहमद के संसदीय सहायक बन गये। बाद में हमजा, स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर एलेक्स सैलमंड के सहायक भी बने।

इसके बाद साल 2011 में हमजा को ग्लासगो क्षेत्र से स्कॉलटलैंड की संसद के सदस्य के तौर पर मनोनीत किया गया। एलेक्स सैलमंड ने उन्हें एक साल बाद ही प्रमोशन देते हुए यूरोप और अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग का मंत्री (जूनियर मंत्री) बना दिया। वह तब सबसे कम उम्र के मंत्री और स्कॉटिश संसद के पहले अल्पसंख्यक सदस्य थे।

साल 2016 में लेबर पार्टी के टिकट पर ग्लासगो के पोलॉक क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद हमजा परिवहन मंत्री बन गये। उसके बाद साल 2018 में न्याय सचिव के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल हुए और 2021 में स्वास्थ्य मंत्री बने।

विवादों के 'शहंशाह' हैं हमजा युसूफ

जब हमजा साल 2016 में परिवहन मंत्री थे, तब पुलिस ने उन्हें उनके एक दोस्त की गाड़ी चलाते हुए पकड़ लिया। उस गाड़ी का बीमा नहीं था। इसके लिए उन्हें 300 पाउंड जुर्माना भरना पड़ा था। साथ ही उनके लाइसेंस में छह पेनल्टी अंक भी जोड़ दिये गये।

वहीं 2018 में फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने अपनी कैबिनेट में उन्हें न्याय मंत्री बनाया तब भी वह एक विवाद में फंस गये। इस दौरान वह एक विधेयक लेकर आये थे। इस विधेयक के तहत लाइब्रेरी या दुकानों पर कोई विवादित किताब रखने पर जेल हो सकती थी। हमजा के उस विधेयक के अनुसार लोगों को अपने घरों में 'आपसी बातचीत' के लिए भी दोषी ठहराया जा सकता था। इस विधेयक को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ और कई बदलावों के बाद साल 2021 में स्कॉलैंड की संसद ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी। हालांकि, विधेयक को अब तक कानूनी तौर पर लागू नहीं किया गया है।

मई 2021 में जब हमजा स्वास्थ्य मंत्री थे, तब 10 बच्चों को कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती कराए जाने का ट्वीट कर दिया। बाद में मालूम चला कि यह एक गलत जानकारी है। जिसके बाद लोग उन्हें ट्रेंड करने लगे फिर 'बेवजह भ्रम फैलाने' के लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ी। इसी तरह साल 2014 में समलैंगिक शादियों को मंजूरी देने के लिए वोटिंग कराई गई थी। जिसमें हमजा ने हिस्सा नहीं लिया था। तब उन पर कट्टर धार्मिक होने का आरोप लगाया गया।

जब पार्टी की नेता ने ही उठाया सवाल

लेबर पार्टी की नेता जैकी बैली ने तो हमजा यूसुफ को अबतक के इतिहास का सबसे खराब स्वास्थ्य मंत्री बताया था। हमजा की सबसे कड़ी आलोचना तो उनकी पार्टी की नेता केट फोर्ब्स ने एक टीवी लाइव शो के दौरान की थी। केट ने हमजा से कहा था कि "जब आप परिवहन मंत्री थे, तो ट्रेनें कभी समय पर नहीं आती थीं। जब आप न्याय मंत्री थे तो पुलिस पर काम का बोझ बेतहाशा बढ़ गया था, और अब स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर हम देख रहे हैं कि मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।"

बेटी के 'मुस्लिम' नाम पर हुआ विवाद?

हमजा यूसुफ की पत्नी नादिया अल-नकाला डंडी से स्कॉटिश नेशनल पार्टी की पार्षद है। उन्होंने फरवरी 2023 में एक नर्सरी के खिलाफ 30 हजार पाउंड का कानूनी दावा वापस लिया था। दरअसल साल 2021 में दोनों ने 'लिटिल स्कॉलर्स डे नर्सरी' पर 'रंगभेद और धर्म' को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि नर्सरी की तरफ से उन्हें बताया गया था कि नर्सरी में उनकी बेटी के लिए जगह नहीं है। वहीं गोरे और स्कॉटिश नाम वाले बच्चों (अंग्रेजों) का एडमिशन हो रहा था। अगस्त 2021 में दंपति की शिकायत के बाद केयर इंस्पेक्टरेट ने पाया कि हमजा यूसुफ और उनकी पत्नी द्वारा नर्सरी के खिलाफ दायर किया गया दावा सही था। हालांकि, बाद में कपल और नर्सरी के मालिक द्वारा बातचीत कर आपसी सुलह कर ली गई।

यह भी पढ़ेंः Islam in Spain: कभी स्पेन में इस्लाम हावी था, क्या फिर उसी राह पर है स्पेन?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+