ट्रेन के अलावा क्या क्या हैं रेलवे के अहम हिस्से
नई
दिल्ली। आज एनडीए सरकार पहली बार रेल बजट पेश करेगी। अब देखना यह है कि देश की जनता को मोदी सरकार की यह रेल बजट कितना संतुष्ट कर पाती है। सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्ता में आने के बसद चुनावों से पहले किए गए हजार वादों में से केंद्र की मोदी सरकार आज कितने वादों को पूरा किया जाता है और कितने वादों पर पानी फिरता है। आम इंसान से उच्च वर्गीय जनता भी रेल बजट का बेसब्री से इंतजार करते हैं और ऐसे में सबकी नजरें रेल मंत्री संदानंद गौड़ा पर टिकी हुई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि कितनी ट्रेनें उनके शहरों के लिए आएंगी, किन-किन ट्रेनों से उनके सफर पर असर पड़ सकता है और किस शहर के लिए सबसे ज्यादा ट्रेन शुरु की गई है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>आगे
की स्लाइड्स में देखिए कि रेलवे से जुड़ी किन किन बातों से जनता प्रभावित होती है और सरकार को किन दिशाओं पर ध्यान देने की जरूरत होनी चाहिए। id='are-slot-2' class='oiad oi-axt oiadv'>
इधर भी दें ध्यान
पटरियों की देखरेख कितनी महत्वपूर्ण है, यह पिछले कुछ दिनों में हुए हादसों से शायद रेलवे मंत्रालय को समझ आ गया होगा।

सुरक्षित माहौल दे रेलवे
ट्रेनों के साथ साथ यह भी जरूरी है कि रेलवे यात्रियों को सुरक्षित माहौल दे। जनशताब्दी जैसी ट्रेनों के एसी बोगी में डकैती के मामले सामने आ रहें हैं. ऐसे में जनरल में आने जाने वाले यात्री भला खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे।

स्वच्छता है जरूरी
यात्रियों को ट्रेनों में शौच की व्यवस्था, पानी और साफ बोगियों की व्यवस्था देना भी रेलवे की जिम्मेदारी है। जिस ओर ध्यान देना अति आवश्यक है।

मूलभूत सुविधाएं दे रेलवे
आजकर स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाों के लिए भी यात्रियों को पैसे देने पड़ते हैं। जो कुछ सालों पहले तक यात्री भाड़ा में ही शामिल हुआ करता था। ऐसे में यात्रियों को वेटिंग रूम और बाकि सुविधा देना भी रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्टेशन
ट्रेनों के साथ साथ एक सुविधाओं से परिपूर्ण साफ सुथरी स्टेशन होना भी बेहद जरूरी है। लिहाजा, स्टेशनों को अपग्रेड करना भी सरकार की बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।

समय और स्पीड है जरूरी
ट्रेनों की संख्या बढ़ाने से कुछ नहीं बदल सकता जब तक ट्रेनों के स्पीड पर
ध्यान नहीं दिया जाएगा। ट्रेन अपने स्टेशनों तक समय के साथ पहुंचे यह बेहद जरूरी है।

क्नेक्शन
ट्रेनों की पहुंच सिर्फ शहरों और महानगरों तक ही सीमित न हो जाए, यह देखना भी बहुत जरूरी है। ट्रेनों की पहुंच छोटी से छोटी शहरों तक भी होना चाहिए।

आरामदायक हो यात्रा
यात्रियों को आरामदायक यात्रा देना भी रेलवे की जिम्मेदारी है। ट्रेनों में उचित खाना, साफ चादर आदि उपलब्ध करना भी रेलवे का एक जरूरी हिस्सा है।












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