Gujarat ATS ने आतंकी मॉड्यूल की तोड़ी कमर! जैश के 5 संदिग्ध अरेस्ट, क्या 15 अगस्त को था बड़ा प्लान?
Gujarat ATS Arrests Jaish-e-Mohammed Terror Module: गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने शुक्रवार (17 जुलाई) को आतंकी मॉड्यूल की कमर तोड़ी। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सक्रिय मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया। गुजरात ATS ने इस कार्रवाई में 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गौर करने वाली बात यह थी कि 29 दिन बाद यानी 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इससे पहले, यह कार्रवाई बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी जुलाई 2026 की शुरुआत में किए गए एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें पहले 8 लोगों को पकड़ा गया था। अब कुल 13 से ज्यादा लोग इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। अहम बात यह है कि गिरफ्तार सभी पांचों गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खाडियाल गांव के निवासी हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन दबोचा गया?

गिरफ्तार 5 संदिग्ध कौन है? कहां के निवासी?
गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने जिन 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनमें सभी मुस्लिम हैं। जिनकी पहचान...
- बिलाल आबिदभाई शेरा
- मोहम्मद अयूब कदीवाला
- मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा
- शफिया रईस मुख्ती (मुफ्ती)
- मोहम्मद हसन करडिया के रूप में हुई है।
24 जुलाई तक ATS की कस्टडी में भेजे गए
आपको बता दें कि, इन गिरफ्तार पांचों संदिग्धों को मेहसाणा जिले के कडी शहर में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आर.एम. भाटिया के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने इन सभी को 24 जुलाई तक ATS की कस्टडी में भेजे दिया गया। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पीआर दंतानी ने कोर्ट को बताया कि इनमें से एक आरोपी ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, बम बनाने का सामान अभी बरामद नहीं हुई है।
क्या 15 अगस्त को कुछ बड़ा करने की तैयारी में थे? किन सवालों के जवाब की AIS को तलाश?
गौर करने वाली बात यह थी कि 29 दिन बाद यानी 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इससे पहले, जैश के संदिग्धों की गिरफ्तारी होना देश के लिए बड़ी कामयाबी है। अब इन पांचों संदिग्धों से 7 दिन तक ATS कस्टडी में कड़ाई से पूछताछ होगी। किन सवालों से गुजरेंगे संदिग्ध?
- विस्फोटक कहां से आए?
- कहां छिपाए गए थे विस्फोटक?
- जिहादी किताबें कैसे मिलीं?
- विस्फोटक बनाने की तालीम किसने दी?
- क्या था मकसद?
JeM का मॉड्यूल कैसे काम कर रहा था?
जांच के अनुसार, यह मॉड्यूल 'दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद' नाम से काम कर रहा था। इसका मकसद यह है कि स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर भर्ती करना। विस्फोटक हमलों (IED/TIME BOMB) की तैयारी। लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और फिदायीन हमलों की योजना। पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से फंडिंग और निर्देश लेना।
तीन जुलाई को भी हुई थी बड़ी गिरफ्तारी
आपको बता दें कि, बीती 3 जुलाई को ATS ने गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से JeM के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नए नाम सामने आए। गुजरात की नई कार्रवाई के बाद यह आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है।
JeM क्या है? कितना और क्यों खतरनाक?
मालूम हो कि, 2000 में जैश-ए-मोहम्मद मसूद अजहर का बनाया गया पाकिस्तानी आतंकी संगठन है। भारत में गहरे घाव देने वाले बड़े हमलों (पठानकोट, उरी, पुलवामा) में इसके दंश नजर आएंगे। यह आतंकी संगठन युवाओं का ब्रेन वॉश करके जिहादी प्रोपगैंडा में उलझाते हैं और स्लीपर सेल बनाने की फैक्ट्री में फंसा देते हैं।















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