Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Cancer: सुशील कुमार मोदी से पहले भी कई नेता हो चुके हैं कैंसर से पीड़ित!

भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि वह कैंसर से पीड़ित है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 6 महीनों से कैंसर से जूझ रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी स्थिति के बारे में बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार नहीं कर पाएंगे।

लेकिन सुशील मोदी भारतीय राजनीति में पहले ऐसे बड़े चेहरे नहीं है जो कैंसर से ग्रसित हुए हैं। उनसे पहले भी कई राजनेता कैंसर से ग्रसित हो चुके हैं, जिनमें से किसी का तो इलाज हो गया, लेकिन किसी ने इसके कारण अपनी जान गंवा दी। आईए जानते हैं ऐसे ही कुछ नामी चेहरों के बारे में।

Even before Sushil Kumar Modi many leaders have been suffering from cancer

मनोहर पर्रिकर
पूर्व रक्षा मंत्री, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रमुख नेता मनोहर पर्रिकर का 17 मार्च, 2019 को पेनक्रिएटिक कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया था। पेनक्रिएटिक कैंसर एक ऐसा गंभीर और जानलेवा कैंसर है जिससे बचने की संभावना बहुत कम होती है। फरवरी 2018 में उन्हें इस बीमारी का पता चला था और उन्होंने इसके इलाज के लिए कई अस्पतालों और शहरों के चक्कर लगाए, जिसमें गोवा समेत दिल्ली, मुंबई और न्यूयॉर्क शामिल थे। पर्रिकर की पत्नी मेधा का भी 2001 में कैंसर के कारण निधन हो गया था। पर्रिकर गोवा के चार बार मुख्यमंत्री रहे थे।

Recommended Video

    Cancer: सुशील कुमार मोदी से पहले भी कई नेता हो चुके हैं कैंसर से पीड़ित!

    अनंत कुमार
    अनंत कुमार, जो भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थे, का 12 नवंबर, 2018 को 59 वर्ष की आयु में कैंसर से जूझते हुए बेंगलुरु में निधन हो गया था। कुमार बेंगलुरु के एक अस्पताल में फेफड़े के कैंसर का इलाज करा रहे थे और इससे पहले वह अमेरिका और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद भारत लौटे थे। जून 2018 में उन्हें फेफड़ों के कैंसर के बारे में पता चला था और बेंगलुरु के श्री शंकर कैंसर अस्पताल में उनका शुरुआती इलाज हुआ था। कुमार बेंगलुरु दक्षिण संसदीय क्षेत्र से 6 बार सांसद रहे थे और मई 2014 से वह केंद्रीय मंत्री के रूप में काम कर रहे थे।

    यशवंत सिन्हा
    पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा कैंसर से जंग जीत चुके हैं। उन्हें 2006 में लिम्फोमा का पता चला था और उन्होंने इस बारे में कभी भी सार्वजनिक रूप से बात नहीं की है और ना ही उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में अपने खास लोगों के अलावा किसी को पता चलने दिया। सिंह दिल्ली के एम्स और मुंबई के रहेजा अस्पताल में 6 कीमोथेरेपी सेशंस से गुजरे, और कैंसर की शुरुआती स्टेज होने की वजह से 2007 में उन्होंने कैंसर के खिलाफ विजय हासिल की।

    शरद पवार
    पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार कैंसर से जंग लड़ चुके हैं। पवार को 1999 में मुंह के कैंसर के बारे में पता चला था और वो सबम्यूकोस फाइब्रोसिस से पीड़ित थे, जिससे मुंह की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचता है। इलाज के लिए पवार न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर गए और वहां उनकी बहुत बड़ी सर्जरी हुई। 2004 में उस सर्जरी की वजह से पवार का कैंसर तो ठीक हो गया लेकिन उनको अपना मुंह खोलने, खाना खाने और बात करने में काफी कठिनाई होने लग गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय डॉक्टर्स ने पवार से कहा था कि आपके पास जीने के मात्र 6 महीने बचे हैं।

    वीपी सिंह
    पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, जिन्हें वीपी सिंह के नाम से भी जाना जाता था, का 27 नवंबर, 2008 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में 77 वर्ष की आयु में किडनी फेलियर और कैंसर से लड़ते हुए निधन हो गया था। दरअसल, सिंह मल्टीपल मायलोमा से पीड़ित थे, जो एक प्रकार का कैंसर है, जो बोन मैरो में इम्यून सेल्स को नुकसान पहुंचाता है, जो इंफेक्शन से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करता है। सिंह को अपनी इस बीमारी के बारे में 1998 में पता चला, जिसके बाद से उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर दिखना कम कर दिया था। सिंह 2 दिसंबर, 1989 से 10 नवंबर, 1990 तक लगभग 11 महीनों तक प्रधानमंत्री रहे।

    राम नाईक
    उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और भाजपा के प्रमुख नेता राम नाईक कैंसर से पीड़ित थे। 1993 में उन्हें कैंसर का पता चला था लेकिन जरूरी देखभाल और इलाज से वे 1 साल के अंदर ही इस बीमारी से जंग जीतने में सफल रहे। नाईक ने 2015 में एक कार्यक्रम में बताया कि उनका 90 प्रतिशत कैंसर सूर्य नमस्कार करने से ठीक हुआ।
    नाईक को जब इस बीमारी के बारे में पता चला तब वह 60 वर्ष के थे। उन्होंने अपने कैंसर के अनुभवों के बारे में अपनी आत्मकथा 'मार्चिंग अहेड' में भी खुलकर बताया है। नाईक महाराष्ट्र से तीन बार विधायक और चार बार सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में नायक लगभग 89 वर्ष के हैं।

    भैरों सिंह शेखावत
    भैरों सिंह शेखावत भारत के 11वें उपराष्ट्रपति, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता थे। भैरों सिंह शेखावत गले और गर्दन के कैंसर से ग्रसित थे। शेखावत का निधन 15 मई, 2010 को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में हुआ, जब कई सारी बीमारियों ने उनके शरीर को कमजोर कर दिया, जिसमें फेफड़े और छाती का इन्फेक्शन, कैंसर आदि शामिल था। शेखावत का जब निधन हुआ तब वह 86 वर्ष के थे। शेखावत अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए दिल्ली के एम्स में भी भर्ती रहे और यहां तक कि वह विदेश भी गए लेकिन फिर भी बीमारी ने उन्हें जकड़ कर रखा।

    चंद्रशेखर
    देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर मल्टीपल मायलोमा नामक कैंसर से पीड़ित थे, जो प्लाज्मा सेल्स को नुकसान पहुंचाने वाला एक प्रकार का कैंसर है। इस बीमारी के कारण 8 जून, 2007 को 80 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। चंद्र शेखर लगभग एक महीने तक दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती रहे थे। चंद्रशेखर नवंबर 1990 से जून 1991 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे। चंद्रशेखर का जब निधन हुआ था तब वह उत्तर प्रदेश के बलिया संसदीय क्षेत्र से सांसद थे।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+