अब 500-1000 के नोटों से बनी सड़कों पर चलेंगे आप!
पुराने नोटों का इस्तेमाल सड़कों के गड्डे भरने में किया जाएगा।
नई दिल्ली। सरकार ने 8 नवंबर से 500 रुपए और 1000 रुपए के नोट बैन कर दिए। नोट बैन होने के बाद लोगों को 50 दिन का वक्त दिया गया है इन नोटों को बदलने के लिए। लोग बैकों, डाकघरों , आरबीआई की शाखाओं में जाकर इन नोटों को बदल सकते हैं। RBI के मुताबिक मार्च 2016 में देश में 15,707 मिलियन 500 रुपये के नोट प्रचलन में थे जबकि 1000 रुपये के नोटों की संख्या 6,326 मिलियन थी जो जल्द ही वापस बैंक के पास पहुंच जाएगी। ऐसे में आपने सोचा है कि आखिर इतने नोटों का क्या होगा? अगर नहीं तो हम बताते है कि आखिर पुराने 500 और 1000 के नोटों का आरबीआई क्या करेगी?

इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया इन नोटों को रिसाइक्लिंग नहीं करता, क्योंकि ये संभव ही नहीं है। पुराने नोटों का इस्तेमाल सड़कों के गड्डे भरने में किया जाएगा। इन नोटों को सबसे पहले पिघलाकर कोयले की ईंटें तैयार की जाएंगी, जिसे सरकारी कॉन्ट्रैक्टर्स में बांटा जाएगा। ये कॉन्ट्रैक्टर्स इन ईटों का इस्तेमाल लैंड फिलिंग, सड़कों के गड्ढे भरने और कहीं-कहीं तो सड़कें बनाने के लिए करते हैं। यानी कुछ दिनों बाद आप 500 और 1000 रुपयों की बनीं सड़कों पर चलने वाले हैं।
हलांकि ऐसा सिर्फ भारत में नहीं होगा, बल्कि दुनियाभर के देशों में पुराने नोटों का इस्तेमाल इसी तरह के कामों में किया जाता है। यूरोप के कई देशों में पुराने नोटों को जलाकर बिल्डिंग गर्म रखने का काम किया जा चका है। वहीं इंग्लैंड में भी पुराने नोटों का इस्तेमाल इमारतों को गर्म रखने के लिए किया जाता था, लेकिन बाद में पुराने नोटों से खाद तैयार की जाने लगी।
अगर दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की बात करें तो यहां पुराने नोटों का इस्तेमाल भारत की तरह की सड़कों के निर्माण में होता है। पहले नोटों को जलाकर उससे सर्दी कम करने का काम किया जाता था। फिर बाद में उससे ईंटें तैयार की जाती थी, जिसका इस्तेमाल सड़कों का बनाने में या इन्य कलात्मक कामों में होता था।












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