अगर इंडियन एयरफोर्स की क्षमताओं पर है शक तो पढ़िए रिपोर्ट
बेंगलुरु। इंडियन एयरफोर्स, दुनिया की कुछ शक्तिशाली एयरफोसेर्ज का हिस्सा और जिसने कई मोर्चों पर अहम भूमिकाएं अदा की हैं। न सिर्फ युद्ध बल्कि एयरफोर्स ने कई दूसरे मौकों पर भी साबित किया है कि अगर जमीन पर कुछ कमी हो गई है तो फिर आसमान उसे पूरा करेगा।
जानिए क्या है तेजस का अगला मिशन
वर्ष 2013 में जहां केदारनाथ त्रासदी के समय दुनिया ने इंडियन एयरफोर्स की ताकत देखी तो वहीं वर्ष 2014 में कश्मीर में आई बाढ़ में एयरफोर्स ने लोगों को बचाया।
इसके बाद फिर 2015 में यमन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन राहत, नेपाल में आए भूकंप के समय ऑपरेशन मैत्री और फिर अहमदाबाद और चेन्नई में आई बाढ़ में इंडियन एयरफोर्स ने लोगों को बचाकर उन्हें राहत पहुंचाई।
आइए आपको आज इंडियन एयरफोर्स के ऐसे ही हैरान कर देने वाले ऑपरेशंस के बारे में बताते हैं।

65 की जंग और आईएएफ
वर्ष 1962 में जब चीन के साथ युद्ध हुआ और इसके तीन वर्ष बाद यानी 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध छिड़ गया। उस समय इंडियन एयरफोर्स ने ऑपरेशन जिब्राल्टर लांच किया। इस ऑपरेशन को शुरुआत में इंडियन आर्मी को एयर सपोर्ट के लिए लांच किया गया था। बाद में आईएएफ ने पाकिस्तान एयरफोर्स बेसेज पर हमले शुरू किए क्योंकि यहां से पाक सेना को बड़ी मदद मिल रही थी।

याद है न लोंगेवाला की जंग
1971 में जब तीसरी बार भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आए तो इंडियन एयरफोर्स ने पहले दो हफ्तों में 12,000 सार्टीज कीं और इंडियन आर्मी को सपोर्ट देकर ईस्ट पाकिस्तान की ओर से जारी हमलों को कमजोर किया। फिर इसके बाद लोंगेवाला की जंग में आईएएफ के पायलट्स ने 20 पाक टैंकों को नष्ट किया तो कि सामरिक दृष्टि से काफी अहम साबित हुआ।

सियाचिन में फिर छुड़ाए दुश्मनों के छक्के
13 अप्रैल 1984 को सियाचिन में पाक सेना को हटाने के लिए ऑपरेशन मेघदूत लांच किया गया जिसमें आईएएफ के एमआई8, चेतक और चीता हेलीकॉप्टर्स का प्रयोग हुआ। अमेरिकी मैगजीन टाइम ने उस समय लिखा था कि भारत ने 1,000 स्क्वायर मील की जगह अगर फिर से हासिल कर ली है तो इसकी वजह है इसकी सेना।

श्रीलंका सिविल वॉर में आईएएफ
श्रीलंका में जारी सिविल वॉर के खत्म होने के जब सारे रास्ते बंद हो गए तो भारत सरकार ने चार जून 1987 की शाम ऑपरेशन पूमलाई के लिए ग्रीन सिग्नल दिया। पांच एन-32 और चार मिराज 2000 जैसे एयरक्राफ्ट्स इस ऑपरेशन में शामिल थे। इसका मकसद मानवीय मदद से जुड़े सामानों को श्रीलंका में एयरड्रॉप करना था।

आईएएफ पायलट्स की 70,000 सॉर्टीज
वर्ष 1987 में श्रीलंका में जारी सिविल वॉर में ही इंडियन एयरफोर्स ने इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (आईपीकेएफ) को सपोर्ट करने के लिए ऑपरेशन पवन लांच किया। इस ऑपरेशन में आईएएफ के ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर्स के जरिए 70,000 सॉर्टीज को अंजाम दिया गया और 100,000 ट्रूप्स और पैरामिलिट्री फोर्सेज को मदद पहुंचाई गईं। इस मिशन को एयरफोर्स ने बिना किसी एयरक्राफ्ट के नुकसान के सफलतापूर्वक पूरा किया था।

कारगिल वॉर में आईएएफ
कारगिल वॉर के समय 11 मई 1999 को कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर इंडियन आर्मी को सपोर्ट देने के लिए इंडियन एयरफोर्स को बुलाया गया। इस ऑपरेशन को ऑपरेशन सफेद सागर नाम दिया गया। मिग-27, मिग-21 और मिग-29 जैसे फाइटर जेट्स इस ऑपरेशंस में शामिल थे। 27 मई को मिग-21 और मिग-27 के क्रैश हो जाने की वजह से मिराज2000 को ऑपरेशन का हिस्सा बनाया गया।

केदारनाथ में बचाया लोंगों को
जून 2013 को केदारनाथ में आई बाढ़ के बाद 17 जून को इंडियन एयरफोर्स ने 'ऑपरेशन राहत' शुरू किया। इंडियन एयर फोर्स ने इस दौरान 2,140 सॉर्टीज में 19,600 लोगों को बचाया और 3,82,400 किलोग्राम राहत सामग्री पहुंचाई। इस दौरान एयरफोर्स ने 43 एयरक्राफ्ट्स प्रयोग किए थे।

जब कश्मीर में आई बाढ़
वर्ष 2014 में कश्मीर घाटी में जब इतिहास में सबसे बड़ी बाढ़ आई तो उस समय ऑपरेशन मेघ राहत की शुरुआत हुई। आर्मी एविएशन विंग और एयरफोर्स ने कुल 1081 सॉर्टीज को अंजाम दिया और 1411 टन रिलीफ मैटेरियल लोगों तक पहुंचाया। करीब 80,000 लोगों एयरलिफ्ट कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया था।

यमन तक पहुंची एयरफोर्स
एक अप्रैल 2015 को इंडियन एयरफोर्स ने एयर इंडिया के साथ मिलकर यमन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन राहत की शुरुआत की। नौ अप्रैल 2015 को यह ऑपरेशन खत्म हुआ। इस दौरान करीब 4640 भारतीयों और 960 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला।

जब नेपाल में भूकंप आया
अप्रैल 2015 में नेपाल में जब भूकंप आया तो उस समय इंडियन एयरफोर्स ऑपरेशन मैत्री का हिस्सा बनी। इंडियन आर्मी के साथ मिलकर एयरफोर्स ने आईएल -76, सी-130 हरक्यूलिस, सी-17 जैसे एयरक्राफ्ट्स का प्रयोग कर न सिर्फ रिलीज मैटेरियल नेपाल पहुंचाया बल्कि 43,000 भारतीयों और करीब 150 विदेशी टूरिस्ट्स को बचाया।

लोगों को दी जिंदगी
नवंबर के अंत में जब चेन्नई में बाढ़ आई तो इंडियन एयरफोर्स ने फिर से राहत कार्य शुरू किया। हजारों लोगों जिनमें बूढ़े, महिलाएं और बच्चे शामिल थे, एयरफोर्स ने निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया था।












Click it and Unblock the Notifications