Divorce Rate of Countries: दुनिया के इन देशों में हो जाता है ‘चट विवाह, पट तलाक’, जानें भारत में तलाक की दर
शादी को आपसी सहमति और कानूनी ढंग से खत्म करने की प्रक्रिया को ही तलाक कहते हैं। तलाक की दरों को लेकर दुनियाभर के देशों की रैंकिंग जारी की गई है।

शादीशुदा जिंदगी की डगर अगर बेहद मुश्किल हो गई हो तो फिर तलाक लेकर नयी राह तलाशना अब दुनिया के ज्यादातर देशों में आम बात हो गई है। वहीं साल दर साल दुनियाभर में तलाक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 2023 की रैंकिंग में कई देशों की तलाक दर काफी बढ़ चुकी है। इन देशों में तलाक के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। वहीं किसी शादी को आपसी सहमति और कानूनी ढंग से खत्म करने की प्रक्रिया ही तलाक है। तलाक लेने वाले देशों को लेकर वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स ने नए आंकड़े जारी किये हैं।
आपको जानकर ताज्जुब होगा कि दुनिया का एक देश ऐसा भी है जहां तलाक की दर 94 प्रतिशत है। हालांकि, इस रैंकिंग में सबसे अंतिम स्थान पर भारत है, जिसकी तलाक दर सिर्फ एक प्रतिशत है। वहीं बीते 1 मई 2023 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के एक मामले में कहा था कि अगर रिश्तों में आई दरार खत्म नहीं हो रही है तो ऐसे में साथ रहने का कोई मतलब नहीं है। जीवनसाथियों के बीच आई दरार भर न पाने को आधार बनाकर किसी शादी को बिना 6 महीने का इंतजार किए पहले भी खत्म किया जा सकता है।
दुनिया के इन 10 देशों में सबसे ज्यादा तलाक दर
पुर्तगाल - 94 प्रतिशत
स्पेन - 85 प्रतिशत
लक्जमबर्ग - 79 प्रतिशत
रूस - 73 प्रतिशत
यूक्रेन - 70 प्रतिशत
क्यूबा - 55 प्रतिशत
फिनलैंड - 55 प्रतिशत
बेल्जियम - 53 प्रतिशत
फ्रांस - 51 प्रतिशत
स्वीडन - 50 प्रतिशत
इन देशों में भी तलाक दर ऊंची (आंकड़े प्रतिशत में)
नीदरलैंड 48, कनाडा 47, इटली 46, डेनमार्क 46, दक्षिण कोरिया 46, संयुक्त राज्य अमेरिका 45, चीन 44, ऑस्ट्रेलिया 43, न्यूजीलैंड 41, यूनाइटेड किंगडम 41, जर्मनी 38, सऊदी अरब 37, जापान 35, पोलैंड 33, कोलंबिया 30, इजराइल 27, तुर्की 25, ब्राज़ील 21, दक्षिण अफ्रीका 17, मिस्र 17, मेक्सिको 17, ईरान 14, ताजिकिस्तान 10, वियतनाम 7 और भारत में 1 प्रतिशत है।
पुर्तगाल में इतना तलाक दर क्यों?
दरअसल पुर्तगाल में पति-पत्नी का तलाक लेना आम बात है, इसे यहां तिरस्कार की नजर से नहीं देखा जाता है। गौर करने वाली बात यह है कि पुर्तगाल में लगभग 87 प्रतिशत महिलाएं सिंगल पेरेंट हैं। वहीं, अन्य यूरोपीय देशों के मुकाबले पुर्तगाल में महिलाओं को अधिक अधिकार मिले हैं।
एक स्टडी के अनुसार, वहां 10 में से 8 शादियां तलाक में समाप्त होती हैं। वहीं 2020 के UNIDOMO सर्वेक्षण से पता चला है कि पुर्तगाल में तलाक की दर प्रति 100 विवाहों में 91.5 प्रतिशत थी, जो यूरोपीय देशों में सबसे अधिक है।
भारत में भी बढ़ रही है तलाक दर
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी तेजी से तलाक की दर बढ़ रही हैं। दिल्ली में हर साल 8,000-9,000 से अधिक मामलों के साथ देश में सबसे अधिक तलाक होते हैं। इसके बाद मुंबई और बैंगलोर आते हैं। जहां पिछले एक दशक में आंकड़े दोगुने हो गए यानि 4,000 से 5,000 हर साल तलाक का खतरा मंडरा रहा है।
एचटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1960 के दशक में तलाक के एक से दो मामले हुआ करते थे। लेकिन, 1980 के दशक में आते-आते यह मामले 100-200 और 1990 के दशक में लगभग 1,000 हो गये थे। जबकि अब यह बढ़कर लगभग 9,000 मामले प्रतिवर्ष हो गये हैं।
इस देश में नहीं होता तलाक
तलाक की बात हो रही है तो आपको बताते चले कि एशिया में एक ऐसा देश भी है, जहां तलाक की कोई व्यवस्था नहीं है। ये देश है फिलीपींस। फिलीपींस दुनिया का इकलौता देश है जहां पर तलाक का कोई प्रावधान नहीं है। फिलीपींस में 'तलाकशुदा' होना एक अपमान की बात मानी जाती है। हालांकि, फिलीपींस में कुछ मुस्लिम नागरिकों को धर्म के आधार पर छूट दी गई लेकिन बाकी लोगों के लिए यह तलाक गैरकानूनी है।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि फिलीपींस में तलाक के प्रावधान के लिए कोशिश न की गई हो लेकिन 'कैथोलिक' धार्मिक प्रभाव की वजह से इस पर कोई फैसला नहीं किया जा सका है। कुछ साल पहले फिलीपींस की संसद में एक बिल पेश किया गया था लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति बेनिग्नो एक्वीनो की वजह से ये पास नहीं हुआ। बेनिग्नो खुद अविवाहित हैं और तलाक के बेहद खिलाफ हैं। उनका कहना था कि वो नहीं चाहते फिलीपींस अमेरिका के लॉस वेगास में तब्दील हो जाये, जहां लोग सुबह शादी करें और दोपहर में तलाक लें।












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