Disney+ Hotstar: डिज्नी प्लस हॉटस्टार के लाखों सब्सक्राइबर्स हुए कम, जानिए वजह

भारत के नंबर वन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स की संख्या में भारी गिरावट हुई है। दिसंबर 2022 में खत्म हुई तिमाही में डिज्नी प्लस हॉटस्टार के 38 लाख सब्सक्राइबर्स कम हो गए हैं।

Disney+ Hotstar why Millions of subscribers leave Disney Plus Hotstar

Disney+ Hotstar: डिज्नी प्लस हॉटस्टार के 3.8 मिलियन यानी करीब 38 लाख पेड सब्सक्राइबर्स दिसंबर 2022 में खत्म हुई तिमाही में कम हुए हैं। 31 दिसंबर 2022 में खत्म हुई तिमाही में डिज्नी प्लस हॉटस्टार के 57.5 मिलियन पेड सब्सक्राइबर्स रह गए थे। सितंबर 2022 में खत्म हुई तिमाही में पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या 61.3 मिलियन थी। किसी भी ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के सब्सक्राइबर्स बेस में एक तिमाही में यह सबसे बड़ी गिरावट है। पिछली तिमाही में डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स की संख्या में 6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है।

अब तक डिज्नी प्लस हॉटस्टार के पेड सब्सक्राइबर्स केवल दो बार कम हुए हैं। इससे पहले 2021 की चौथी तिमाही यानी सितंबर 2021 में भी डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स की संख्या में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन तब ये गिरावट मामूली थी। उस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म के 1.6 मिलियन यानी 16 लाख सब्सक्राइबर्स कम हुए थे। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की फाइनेंशियल साइकिल (वित्तीय चक्र) अक्टूबर से लेकर सितंबर तक होती है।

हाथ से निकले इंडियन प्रीमियर लीग के राइट्स

पिछले साल नवंबर 2022 में हुए इंडियन प्रीमियर लीग के सैटेलाइट राइट्स हाथ से निकल जाने के बाद कंपनी की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर क्रिस्टिन मैकार्थी ने कंपनी को आगाह किया था कि इससे ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्राइबर बेस कम होगा। आईपीएल के सैटेलाइट राइट्स अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस के एंटरटेनमेंट विंग वायकोम18 (Viacom18) के पास चले गये हैं।

साल 2023 से लेकर 2027 के बीच होने वाले आईपीएल की ब्रॉडकास्टिंग और सैटेलाइट राइट्स वायकोम18 के पास हैं। डिज्नी प्लस हॉटस्टार ने आईपीएल के सैटेलाइट राइट्स की नीलामी से पहले 2024 की आखिरी तिमाही तक पेड सब्सक्राइबर बेस 80 मिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सैटेलाइट राइट्स हाथ से निकलने की वजह से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

हालांकि, कंपनी के पास क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट्स में आईसीसी (ICC) इवेंट्स के टेलीविजन और डिजिटल राइट्स 2027 तक हैं। कंपनी ने अगस्त 2022 में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज को 3 बिलियन डॉलर में इन इवेंट्स का सबलाइसेंस ट्रांसफर किया है। डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स कम होने की वजह से डिज्नी प्लस का ग्लोबल सब्सक्राइबर बेस भी 2.4 मिलियन कम हुआ है। नवंबर 2019 में लॉन्च होने के बाद पहली बार कंपनी के पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या में गिरावट देखने को मिली है।

सब्सक्रिप्शन चार्ज में इजाफा

डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स कम होने की अन्य वजहें भी हैं, जिनमें सब्सक्रिप्शन चार्ज बढ़ाना शामिल है। पहले डिज्नी प्लस हॉटस्टार वीआईपी के लिए 499 रुपये सालाना चार्ज किया जाता था, जिसे अब बंद कर दिया गया। इसकी जगह कंपनी ने सुपर और मोबाइल ओनली दो सब्सक्रिप्शन प्लान उतारे हैं। पिछले साल जून में प्लान महंगा होने की वजह से यूजर्स को 499 रुपये में मोबाइल ओनली का ईयरली सब्सक्रिप्शन मिलता है यानी व्यूअर्स केवल मोबाइल फोन पर डिज्नी प्लस हॉटस्टार देख सकता है। इसके अलावा यूजर्स को विज्ञापन भी दिखाए जाते हैं।

डिज्नी प्लस हॉटस्टार के दो स्क्रीन वाले प्लान के लिए यूजर्स को अब 899 रुपये सालाना खर्च करना पड़ता है यानी यूजर्स को पहले के मुकाबले 400 रुपये ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। यही नहीं, डिज्नी प्लस हॉटस्टार प्रीमियम के सब्सक्रिप्शन के लिए 1,499 रुपये सालाना या 299 रुपये महीना देना पड़ रहा है।

इसके अलावा अन्य प्रतिद्वंदी प्लेटफॉर्म जैसे एमजॉन प्राइम और नेटफ्लिक्स ने यूजर्स के लिए सस्ते प्लान पेश किए हैं। एमजॉन प्राइम के मोबाइल ओनली प्लान के लिए यूजर्स को सालाना 599 रुपये खर्च करना पड़ता है। वहीं, नेटफ्लिक्स ने 199 रुपये मंथली वाला मोबाइल ओनली प्लान लॉन्च किया है। इसकी वजह से डिज्नी प्लस हॉटस्टार के सब्सक्राइबर्स को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

कर्मचारियों की होगी छंटनी

डिज्नी प्लस हॉटस्टार की पैरेंट कंपनी को हुए नुकसान और ओटीटी प्लेटफॉर्म के सब्सक्राइबर्स की संख्या कम होने की वजह से डिज्नी ने कॉस्ट कटिंग करने का फैसला किया है। अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों के नक्शे कदम पर चलते हुए डिज्नी 7 हजार कर्मचारियों की छंटनी करने वाला है यानी कंपनी के ग्लोबल वर्कफोर्स में 3.6 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। आईपीएल के राइट्स छिन जाने की वजह से कंपनी ने घोषणा की है कि वो अपने नॉन-स्पोर्ट्स खर्चे में 3 बिलियन डॉलर की कटौती करेगी। वहीं, नॉन-कंटेंट रिलेटेड खर्चे में 2.5 बिलियन डॉलर कम करेगी। इसके अलावा डिज्नी ने ऑर्गेनाइजेशन को रिस्ट्रक्चर यानी पुनर्गठित करने का फैसला किया है।

डिज्नी को तीन डिवीजन- डिज्नी एंटरटेनमेंट (फिल्म और टेलीविजन के साथ-साथ स्ट्रीमिंग बिजनेस), ESPN (स्पोर्ट्स सर्विसेज एंड ब्रॉडकास्टिंग) और पार्क्स, एक्सपीरियंस जोन और प्रोडक्ट्स यूनिट्स में बांटने का फैसला किया हैं। कंपनी को डायरेक्ट टू कंज्यूमर सेगमेंट में भी नुकसान उठाना पड़ा है। स्ट्रीमिंग सर्विस के पेड सब्सक्राइबर्स कम होने की वजह से कंपनी की कमाई कम हुई है।

भारत के टॉप-10 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स

भारत में स्ट्रीमिंग सर्विस प्रदान करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के सब्सक्राइबर्स की संख्या की बात करें तो डिज्नी प्लस हॉटस्टार अभी भी 4.9 करोड़ यूजर्स के साथ पहले स्थान पर है। वहीं, एमजॉन प्राइम के भारत में 2.1 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। तीसरे नंबर पर सोनी लिव है, जिसके 1.2 करोड़ एक्टिव सब्सक्राइबर्स हैं। वहीं, चौथे नंबर पर जी5 है, जिसके भारत में 75 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। नेटफ्लिक्स इंडिया के सब्सक्राबर्स की संख्या 55 लाख है और यह पांचवें नंबर पर है।

OTT प्लेटफॉर्म भारत में सब्सक्राइबर्स की संख्या

डिज्नी प्लस हॉटस्टार 4.92 करोड़

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    अमेजन प्राइम वीडियो 2.1 करोड़
    सोनी लिव 1.2 करोड़
    जी 5 75 लाख
    नेटफ्लिक्स इंडिया 55 लाख
    एमएक्स प्लेयर 2.8 करोड़ (फ्री सब्सक्राइबर्स मिलाकर)
    अल्ट बालाजी 34 लाख
    वूट सेलेक्ट 3 लाख
    अहा (तेलुगू) 15 लाख
    एप्पल टीवी प्लस 1 लाख
    सोर्स- मार्केट रिसर्च

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