Covid Vaccine: क्या पहली डोज के बाद संक्रमित हुए हैं? जानें कब ले सकते हैं दूसरी डोज?
नई दिल्ली, 12 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश में कोविड टीकाकरण अभियान को तेज किए जाने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। लेकिन तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां पर ऐसे लोगों में भी संक्रमण देखा गया है जिन्होंने कोरोना वायरस वैक्सीन का शॉट लिया हुआ था।

संक्रमण के बाद भी ले सकते हैं वैक्सीन
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा है कि भारत में वैक्सीन के बाद संक्रमण के मामलों की दर 0.05 प्रतिशत से भी कम है।
यहां पर ये बात समझने की है अगर आपको पहली वैक्सीन लगी है और उसके बाद कोरोना संक्रमण हो गया है इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरी डोज नहीं ले सकते। हालांकि संक्रमित होने के बाद वैक्सीन की डोज के बीच का अंतर बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में सलाह जारी की है जिसमें कोरोना से संक्रमित लोगों को रिकवर होने के बाद 4 से 8 सप्ताह के बाद वैक्सीन की डोज लेने की सलाह दी गई है।

संक्रमण के बाद किनके लिए होगा ये अंतर?
आइए आपको बताते हैं कि किन लोगों को दूसरी डोज के लिए 4 से 8 सप्ताह का अंतर रखने की सलाह दी गई है और ये लोग कब तक वैक्सीन की डोज नहीं ले सकते हैं?
ऐसे लोग जिनमें कोविड-19 संक्रमण के एक्टिव लक्षण हैं।
वे मरीज जिनमें एंटी-कोविड-19 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी या प्लाज्मा तैयार हो रहा है।
गंभीर रूप से अस्वस्थ और अस्पताल में भर्ती मरीज (किसी भी गहन देखभाल के साथ या बिना) जो किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हों।

एसिम्पटोमेटिक कब लें वैक्सीन?
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार एसिम्पटोमेटिक कोविड-19 रोगी होम आइसोलेशन के मानकों को पूरा करने के बाद कोरोना वायरस वैक्सीन की दूसरी डोज प्राप्त कर सकते हैं।
सीडीसी ने यह भी कहा है कि ऐसे कई कारक हैं जो इस बात को प्रभावित करते हैं कि वैक्सीन वास्तव में कैसे काम करती है, जिसमें वैक्सीन लेने वाला, म्यूटेंट वेरिएंट और प्रोग्रामिंग कारक जैसे कि डोजिंग शेड्यूल या भंडारण और वैक्सीन का ठीक तरीके से रख-रखाव भी शामिल हैं।












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