इन देशों में गे या सेम सेक्स मैरिज नहीं है कोई अपराध
बेंगलुरु। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 के तहत गे सेक्स को अपराध घोषित किया जाए या इसे अपराध के दायरे से बाहर रखा जाए, इससे जुड़ी एक क्यूरेटिव पेटिशन को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है।
वहीं दूसरी ओर पूर्व केन्द्रिय मंत्री शशि थरूर ने इस पर बयान दिया है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में धारा 377 जैसे कानूनों की कोई जगह नहीं है।
पूरे देश में एक बार फिर से इस मसले पर बहस छिड़ गई है। भारत पहला ऐसा देश नहीं है जहां पर गे सेक्स या फिर सेम सेक्स को लेकर हल्ला मचता रहता है।
दुनिया में अमेरिका समेत कुछ ऐसे देश हैं जहां पर इस मसले को लेकर अजीब सी स्थिति बनी हुई। अमेरिका के सिर्फ 14 राज्यों में सेम सेक्स या गे सेक्स मैरिज को कानूनी वैधता मिली हुई है।
आगे की स्लाइड्स पर नजर डालिए कि आखिर कौन से हैं वे देश जहां पर सेम सेक्स या फिर गे सेक्स को मिला है कानूनी दर्जा।

दुनिया का पहला देश
वर्ष 2000 में नीदरलैंड्स दुनिया का पहला ऐसा देश बना था जहां पर सेम सेक्स के कपल्स को शादी करने, तलाक लेने और बच्चों को गोद लेने कानूनी वैधता हासिल हुई थी। आज यहां पर करीब 20,000 कपल्स ऐसे हैं जिन्हें सेम सेक्स के साथ शादी की हुई है। नीदरलैंड्स में 82 प्रतिशत लोग गे मैरिज का समर्थन करते हैं और किसी भी यूरोपियन यूनियन के देश में यह सर्वोच्च स्तर है।

वर्ष 2003
बेल्जियम में संसद ने जब गे मैरिज को कानूनी जामा पहनाया तो काफी विरोध हुआ। वेटिकन सिटी की ओर से पोप जॉन पॉल द्वितीय पर इस बात का दबाव डाला गया कि वह होमोसेक्सुऐलिटी को अनैतिक घोषित करें और इसे खतरनाक करार दें। लेकिन इस ग्लोबल कैंपेन के बाद भी आज तक यहां पर इसे कानूनी मान्यता मिली हुई है।

वर्ष 2005
कनाडा में दो वर्ष तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद गे मैरिज को वैधता हासिल हुई। वर्ष 2006 में इस कानून को रद्द करने की कोशिशें भी हुईं लेकिन वे सभी कोशिशें पूरी तरह से असफल साबित हुईं।

वर्ष 2006
साउथ अफ्रीका की कोर्ट ने वर्ष 2005 में एक आदेश पारित किया जिसके तहत उसने गे मैरिज को रोकना या फिर इसका विरोध करने को देश के संविधान के खिलाफ बताया गया। इसके अगले साल संसद की ओर से इस कानून को पास कर दिया गया और इस तरह से यहां पर गे या सेम सेक्स मैरिज कानून के तहत आ गई।

वर्ष 2009
वर्ष 1993 में नॉर्वे, डेनमार्क के बाद दुनिया का दूसरा ऐसा देश था जहां पर नागरिक संगठनों में सेम सेक्स वाले साथियों की मंजूरी दी गई थी। वर्ष 2009 में नॉर्वे की सरकार ने सेम सेक्स मैरिज को कानूनी वैधता दी थी।

वर्ष 2009
नॉर्वे की ही तरह स्वीडन में भी वर्ष 2009 में संसद की ओर से गे कपल्स को पूरी तरह से शादी करने का अधिकार दिया था। स्वीडन की संसद में बड़े बहुमत के साथ इस कानून को पास किया गया था।

वर्ष 2010
आईसलैंड की 49 सदस्यों वाली संसद ने वर्ष 2010 में इसे कानून की मान्यता दी थी। इस कानून के पास होने के बाद आईसलैंड की प्रधानमंत्री जोहाना सिगुरदारडोट्टीर से शादी कर ली थी।

वर्ष 2010
पुर्तगाल की रुढ़िवादी विचारधारा वाली राष्ट्रपति अनीबाल कावाको सिल्वा ने देश के पहले गे मैरिज पर दस्तख्त किए और साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत से इस बिल का रिव्यू करने को कहा था। वर्ष 2010 में पुर्तगाल में सेम सेक्स मैरिज कानून पास हो गया। हालांकि यहां पर अभी बच्चों को गोद लेने की मंजूरी नहीं है।

वर्ष 2010
अर्जेंटीना दुनिया का पहला लैटिन अमेरिकी देश बना जिसने गे मैरिस को कानूनी मान्यता दी थी। इस बिल को उस समय पोप फ्रांसिस ने भगवान की योजनाओं का खात्मा करने वाला बताया था।

वर्ष 2012
डेनमार्क ने 80 के दशक में नागरिक संगठनों में सेम सेक्स पार्टनर्स को मंजूरी देकर दुनिया में एक नया इतिहास रचा था। इसके बाद वर्ष 2012 में यहां पर सेम सेक्स मैरिज को पूरी तरह से कानूनी वैधता दी गई। यहां पर सेम सेक्स कपल्स चर्च में शादी कर सकते हैं और बच्चों को गोद ले सकते हैं।

वर्ष 2013
फ्रांस की राष्ट्रीय संसद ने हजारों विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच वर्ष 2013 में इस कानून को पास किया था। 29 मई 2013 को फ्रांस में पहली गे मैरिज हुई थी। फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया था।

2013
मई 2013 में ब्राजील की नेशनल काउंसिल ऑफ जस्टिस ने देश में सेम सेक्स मैरिज को कानूनी दर्जा दिया था।

वर्ष 2014
यूनाइटेड किंगडम 29 मार्च 2014 को सेम सेक्स मैरिज को कानूनी दर्जा मिला था।












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