बनना है स्मार्ट तो एक कप कॉफी रोज पीजिये श्रीमान
वेबसाइट पर साफ तौर पर कहा गया है कि कॉफी में मौजूद कैफीन थकान शांत कर सकता है। वहीं, कथित दर्द और ऊर्जा स्तर में सुधार कर सकता है। कैफीन अच्छे मानसिक प्रदर्शन के लिए लाभकारी है।
इसके अलावा एक औऱ शोध में कहा गया है कि चार कप से अधिक चाय या कॉफी पीने वालों में टाइप-2 मधुमेह होने का खतरा 40 फीसदी तक कम हो सकता है। अध्ययन दल का नेतृत्व करने वाली द जॉर्ज इस्टीट्यूट की एसोसिएट प्रोफेसर रशेल हक्सले ने कहा कि जो लोग दिन में तीन से चार कप कॉफी पीते है उसमें कॉफी न पीने वालों के मुकाबले मधुमेह होने का खतरा कम होता है।
अध्ययन दल का नेतृत्व करने वाली द जॉर्ज इस्टीट्यूट की एसोसिएट प्रोफेसर रशेल हक्सले ने कहा कि जो लोग दिन में तीन से चार कप कॉफी पीते है उसमें कॉफी न पीने वालों के मुकाबले मधुमेह होने का खतरा कम होता है। हक्सले ने कहा कि मजेदार बात यह है कि सामान्यत: मधुमेह से प्रभावित व्यक्ति को चाय कम पीने की नसीहत दी जाती है परन्तु शोध के दौरान पाया गया कि चाय ने मधुमेह को ज्यादा प्रभावित नहीं किया। चाय पीने वालों में मधुमेह के खतरे में कमी देखी गई।
तो आज जबरदस्त दौड़ती-भागती जिंदगी में अगर आपको बनना है वाकई में स्मार्ट तो दिन की शुरूआत कीजिये एक कप कॉफी से।













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