Vishnu Deo Sai: भाजपा में आने वाले शुरुआती आदिवासी नेताओं में हैं विष्णुदेव साय
विष्णुदेव साय भाजपा के उन नेताओं में हैं, जो तब पार्टी में आए, जब गिने चुने आदिवासी नेता ही जुड़े थे। छत्तीसगढ़ के गठन से एक दशक पहले से ही वह पार्टी के लिए, उस क्षेत्र में बिना किसी अपेक्षा के काम करते रहे।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू वनइंडिया से बात करते हुए कहते हैं कि आज भाजपा की जीत दरअसल विष्णुदेव साय जैसे कर्मठ नेताओं और कार्यकर्त्ताओं के कारण ही मिली है। उन्होंने आदिवासी समाज तक पार्टी के संदेश और कार्यक्रम को पहुंचाया। उनकी लगातार मेहनत और समर्पण ने ही उन्हें छत्तीसगढ़ में पार्टी का सर्वमान्य नेता बनाया है। मुख्यमंत्री के रूप में भी वह सफल होंगे।

धरातल पर रहकर काम करने वाले नेता
विष्णुदेव साय 1990 में ही पार्टी से जुड़ गए। संगठन में नीचे से काम शुरू किया और छत्तीसगढ़ में पार्टी के अध्यक्ष भी बने। विष्णुदेव बिना किसी शोर शराबे के काम करना बखूबी जानते हैं। केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री होने के बावजूद उन्होंने प्रधान मंत्री मोदी द्वारा तय कार्यक्रम को लगन के साथ जमीन पर जाकर उतारा। लेखक ने स्वयं आयुष्मान भारत प्रोग्राम की लॉन्चिंग के समय क्लिनिक में जाकर महिलाओं को इसके बारे में जागरूक करते हुए विष्णुदेव साय को देखा था। इसके अलावा मुफ़्त गैस सिलेंडर के वितरण में भी उन्होंने भरपूर सक्रियता दिखाई। विष्णुदेव साय पीएम मोदी की पहली कैबिनेट में केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री थे।
नाराजगी से कोसों दूर रहने वाले नेता
विष्णुदेव साय सौम्यता और धैर्य के प्रतीक हैं। शायद ही कोई अवसर आया होगा जब किसी ने उन्हें नाराज होते देखा होगा। बीजेपी से चुनाव के ठीक पहले काँग्रेस में गए आदिवासी नेता श्याम टानडी ने वनइंडिया के साथ अपना विचार साझा करते हुए कहा कि पिछले साल अगस्त में अचानक विष्णु देव साय को बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष पद से बिना कोई कारण बताए हटा दिया। उनके साथ काम कर रहे तमाम कार्यकर्ताओं के लिए यह एक बड़ा झटका था। कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई, लेकिन विष्णुदेव साय के मुंह से एक शब्द भी असंतोष का नहीं निकला।
तब के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कटाक्ष करते हुए तब कहा था कि भाजपा ने विश्व आदिवासी दिवस के एक दिन पहले अपने आदिवासी नेता को पार्टी पोस्ट से हटा दिया। काम से कम एक दिन तो बीजेपी रुक जाती। लेकिन बघेल की इस टिप्पणी पर भी विष्णुदेव साय ने कोई प्रीतिक्रिया नहीं दी, बल्कि चुपचाप आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी के प्रचार के लिए निकाल पड़े। श्याम टानडी कहते हैं कि हमने उन्हें कभी पार्टी के किसी कार्यकर्ता को ना कहते नहीं सुना। वह सबका काम करते हैं।
विष्णुदेव साय ने अभी तक की अपनी राजनीतिक जिंदगी पूरी ईमानदारी से बिताई है। वह खुद भी कहते हैं कि मैं मोदी के मंत्र के अनुसार सबका विश्वास जीतने के लिए काम करूंगा और प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत छत्तीसगढ़ के लोगों से किए गए सभी वादे पूरे करेंगे। जिनमें पहला काम लोगों को 18 लाख आवास देना है। उम्मीद है कि इसमें सभी का सहयोग मिलेगा। अपनी इसी नीति के तहत वह विपक्ष के नेताओं के साथ भी तालमेल कर लेंगे। यह बात खुद काँग्रेस के नेता भी कह रहे हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री और सरगुजा क्षेत्र के कद्दावर काँग्रेस नेता टीएस सिंह देव कहते हैं विष्णुदेव साय सुलझे हुए व्यक्ति हैं, उम्मीद है अच्छा काम करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications