बदलता भारत: धुएं से मुक्त होगी रसोई, हर घर में होगा LPG का कनेक्शन
नई दिल्ली। इस साल फरवरी में भारत दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा एलपीजी इस्तेमाल करने वाला देश बन गया। पिछले एक साल में भारत के 2.5 करोड़ गरीब महिलाओं को सरकार द्वारा एलपीजी का कनेक्शन दिया गया है। भारत की गरीब महिलाओं के जीवन को सुगम और स्वस्थ बनाने के लिए भारत सरकार ने उज्जवला योजना की शुरूआत की।

मई 2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत सरकार ने देशभर के गरीब बीपीएल परिवार को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की पहल की है। उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है, जो कि मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन वितरित करके पूरा किया जा सकता है। योजना के लागू करने का एक उद्देशय देश की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इतना ही नहीं पीएम मोदी की इस योजना से महिलाओं के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा की जा रही है और रसोई को धुंआ मुक्त किया जा रहा है।
जुलाई 2017 में पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से दावा किया गया कि देशभर के 2.5 करोड़ बीपीएल परिवार को उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराया गया है और साल 2019 तक इसे 5 करोड़ करने की योजना है। वहीं तेल मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में पिछले तीन सालों में 5000 से ज्यादा नए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर जुड़े हैं। सरकार के मुताबिक उज्जवला योजना का लाभ बीपीएल परिवारों को देने के लिए परिवारों का चुनाव सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना डेटा 2011 के मुताबिक किया जाता है।
सरकार को उम्मीद है कि उन की इस उज्जवला योजना ने न केवल महिलाओं को स्वस्थ ईंधन और शुद्ध हवा मिलेगा, बल्कि उन्हें खतरनाक बीमारियों से भी बचाया जा सकता है। सरकार के मुताबिक एलपीजी इस्तेमाल ने ग्रामीण इलाकों में अशुद्ध ईंधन से होने वाली बीमारियों और मौतों में कमी आई है। वहीं सांस संबंधी बीमारियां भी कम हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में देश के 20.7 करोड़ परिवारों में एलपीजी कनेक्शन है। वहीं साल 2016-17 में सरकारी तेज कंपनियां जैसे कि भारत ऑयल कॉरपोरेशन, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने 3.22 करोड़ नए एनपीजी कनेक्शन दिए है।












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