Boeing Flight: बोइंग के विमानों की बढ़ती दुर्घटनाएं, भारत के लिए भी बड़ी चिंता
Boeing Flight: बीते सोमवार को सिडनी से ऑकलैंड जा रही लाटम एयरलाइंस की एक उड़ान में अचानक तेज झटके लगने लगे। झटके इतने तेज थे कि लोगों का सिर ऊपर केबिन की छत से टकराने लगा।
एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा कम से कम 50 अन्य लोगों को भी चोटें आईं। यह विमान बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर था। न्यूजीलैंड में अधिकारी इस बोइंग विमान के ब्लैक बॉक्स को जब्त कर जांच कर रहे हैं।

बोइंग के विमानों के साथ यह कोई पहली घटना नहीं थी। हाल के कुछ वर्षों में बोइंग विमान के साथ कई ऐसे हादसे हुए हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या बोइंग विमान में सफर करना सुरक्षित है? क्या अमेरिका की यह विमानन कंपनी सुरक्षा मानदंडों के साथ खिलवाड़ कर रही है?
भारतीयों के लिए भी चिंता
बोइंग के बारे में इस तरह की खबरें भारतीय वायु यात्रियों के लिए भी बड़ी चिंता की बात है, क्योंकि बोइंग के ग्राहकों में एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर, स्पाइसजेट, विस्तारा और कार्गो ऑपरेटर ब्लू डार्ट और क्विकजेट शामिल हैं। भारतीय एयरलाइन कंपनियां बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर भी ऑपेरेट करती हैं, जिसमें न्यूजीलैंड के यात्रियों का बुरा हाल हुआ था। भारतीय यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा का भरोसा बोइंग कैसे देगी यह देखना होगा। एयर इंडिया ने हाल ही में 20 ड्रीमलाइनर खरीदे हैं।
पिछले तीन महीनों को ही लें, तो विमानों से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला है। बोइंग पर लगातार सवाल उठाए जाने के कारण बोइंग के शेयर की कीमत में 25 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इस कारण इसकी प्रतिष्ठा तेजी से गिरी है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने एक स्पेशल रिपोर्ट में कहा है कि बोइंग बड़ी मुसीबत में है।
कुछ दिन पहले अमेरिका के 62 वर्षीय जॉन बार्नेट नाम के एक व्हिसल ब्लोअर ने बोइंग में सुरक्षा के प्रति लापरवाही उजागर की थी, अब खबर है कि पिछले हफ्ते उसकी अचानक मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बार्नेट ने तीन दशकों से अधिक समय तक के लिए गुणवत्ता प्रबंधक के रूप में काम किया था।
बोइंग विमान में लगातार हादसे
जनवरी में, अलास्का एयरलाइंस के बोइंग 737 मैक्स 9 विमान को पोर्टलैंड में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी, क्योंकि हवा में ही विमान के दरवाजे का पैनल उड़ गया था, जिससे विमान में एक बड़ा छेद हो गया था। अमेरिकी नियामकों को 737 मैक्स पर दरवाजे के लिए जिम्मेदार टीम के कर्मचारियों के नाम सार्वजिनक करते हुए उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने बोइंग द्वारा इस विफलता को छिपाने की कोशिश की आलोचना की थी। अभी कुछ दिन पहले ही 4 मार्च को, इंजन में आग लगने के कारण बोइंग 737 को उड़ान भरने के तुरंत बाद ह्यूस्टन, टेक्सास में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। यूनाइटेड एयरलाइंस के अनुसार, इंजन में कुछ प्लास्टिक बबल रैप फंस गया था।
इसी तरह गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को से उड़ान भरने के बाद बोइंग 777-200 का एक टायर गिर गया, जिससे एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विमान जापान के लिए उड़ान भर रहा था, लेकिन इसे लॉस एंजिल्स की ओर मोड़ दिया गया, और उसे सुरक्षित रूप से उतार लिया गया। पिछले सप्ताह ह्यूस्टन में भी एक बोइंग 737 मैक्स रनवे से लुढ़ककर घास में फंस गया था।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2018 में इंडोनेशिया में एक दुर्घटना में 189 लोगों की मौत और उसके पांच महीने बाद इथियोपिया में एक दुर्घटना में 157 लोगों की मौत के बाद दुनिया भर में बोइंग जेट विमानों को लगभग दो साल के लिए रोक दिया गया था। जांच में यह पाया गया कि दुर्घटनाएँ स्वचालित उड़ान नियंत्रण सॉफ़्टवेयर में दोषों के कारण हुईं। सॉफ़्टवेयर में सुधार किया गया, और बोइंग 737 को नया रूप दिया गया और फिर से उड़ान भरने की अनुमति दी गई।
बोइंग सुरक्षा ऑडिट में फेल
बोइंग सुरक्षा ऑडिट में लगातार फेल साबित हो रही है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार बोइंग अपने 737 मैक्स वाणिज्यिक जेटों के लिए अपनी विनिर्माण प्रक्रिया के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ऑडिट में लगभग 40 प्रतिशत विफल रहा। यही नहीं बोइंग का प्रमुख विनिर्माण भागीदार स्पिरिट एयरोसिस्टम्स तो 54 प्रतिशत संघीय ऑडिट में फेल रहा। अब असफल ऑडिट और लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण न्याय विभाग की ओर से आपराधिक जांच का दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी प्रशासन भी इस बात को लेकर चिंतित है कि जिस बोइंग को एक विश्वसनीय कंपनी बनाने में दशकों लग गए, उसका भविष्य इतना अनिश्चित क्यों लगने लगा है। नियामक एजेंसियां, एयरलाइंस, फ़्लायर्स और यहां तक कि बोइंग के अपने कर्मचारी भी आपदाओं की एक श्रृंखला और कंपनी के गुणवत्ता मानकों में लगातार गिरावट से परेशान हैं। निवेशक भी अब विचलित हो रहे हैं। बोइंग का स्टॉक इस वर्ष 27 प्रतिशत नीचे आ गया है। यह टेस्ला के बाद एसएंडपी 500 में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया है।
बोइंग को विमान निर्माण में एक तरह से एकाधिकार प्राप्त है। तकनीकी रूप से यह अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी एयरबस के साथ विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही है। लेकिन ग्राहकों के मामले में एयरबस काफी पीछे हैं। अमेरिकी विमानन उद्योग में बोइंग को टू बिग टू फेल कहा जाता है। यानी बोइंग उपभोक्ता की पसंद में अभी भी सबसे आगे है।
बोइंग के बारे में अमेरिकी नियामक एजेंसियां खामोशी धारण किए रहती हैं, क्योंकि उनकी वित्तीय जरूरत बोइंग से ही पूरी होती है। फिर सवाल यह है कि बोइंग की विश्वास बहाली के लिए क्या किया जाना चाहिए। अमेरिकन इकोनॉमिक लिबर्टीज प्रोजेक्ट के शोध निदेशक मैट स्टोलर ने जनवरी में अपने न्यूज़लेटर में यह तर्क दिया था कि उपयोगिताओं, रेलमार्गों और एयरोस्पेस फर्मों का राष्ट्रीयकरण करने का इतिहास अमेरिका में है। बोइंग को बचाने के लिए इसका राष्ट्रीयकरण कर देना चाहिए।












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