Bhai Dooj 2022: मिलिए भारतीय राजनीति के भाई-बहन की जोड़ी से, जानें उनके खट्टे-मीठे संबंध
Bhai Dooj 2022: मिलिए भारतीय राजनीति के भाई-बहन की जोड़ी, जानें उनके खट्टे-मीठे संबंध
Indian Politics Brother-Sister Pair: भारतीय राजनीति में कई भाई बहन की जोड़ी हमेशा लाइम लाइट में रहती है तो कई ऐसे हैं जो कम लोकप्रिय हैं। इनमें कुछ ऐसे भाई-बहन हैं जो एक ही पार्टी में काम करते हैं या कुछ ने एक ही परिवार में पैदा होने के बावजूद राजनीतिक में अलग-अलग रास्ते चुने हैं। राजनीति में कुछ भाई-बहन अपनी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं जो भारतीय राजनीति में भी यही एक प्रथा है। प्रियंका और राहुल गांधी और कनमीमोझी और एमके स्टालिन जैसे भाई-बहन उन्हीं में से एक हैं जो अपनी राजनीतिक विरासत को नए मुकाम तक ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। भाइयों और बहनों के बीच के अटूट बंधन के त्योहार पर आइए जानते हैं राजनीति की फेमस भाई-बहनों की जोड़ी और उनके बीच के खट्ट्रे मीठे संबंध के बारे में.....

राहुल और प्रियंका गांधी
कांग्रेस पार्टी के गांधी भाई-बहन भारतीय राजनीति में सबसे चर्चित चेहरे हैं।स्वर्गीय राजीवा गांध और सोनिया गांधी के बच्चे राहुल गांधी जो की वायनाड के सांसद हैं और प्रियंका गांधी पार्टी की महासचिव हैं। इन दोनों के बीच जबरदस्त प्यार नजर आता है। ये एक-दूसरे के बहुत करीब होने के लिए जाने जाते हैं, अपने राजनीतिक करियर में महत्पूर्व मौको पर स्तंभ कीतरह एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। राहुल गांधी 2004 से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से परिवार की राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं वहीं प्रियंका 2021 जनवरी से राजनीतिक में काफी सक्रिय हुई हैं।
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कनिमोझी और एमके स्टालिन
दिवंगत एम करुणानिधि के बच्चे कनिमोझी और एमके स्टालिन राजनीति में भाई बहन की बहुत फेमस जोड़ी है। जो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। एमके स्टालिन तमिलनाडु के सातवें और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं और तमिलनाडु विधानसभा में पांच बार विधायक रहे हैं और तमिलनाडु के एक बार उप मुख्यमंत्री रहे हैं वहीं उनकी बहन कनिमोझी लोकसभा में थूथुक्कुडी क्षेत्र से सांसद हैं। कनिमोझी उप महासचिव और महिला विंग सचिव हैं, जबकि स्टालिन 28 अगस्त 2018 से डीएमके पार्टी के अध्यक्ष हैं।

अजीत पवार और सुप्रिया सुले
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो नेता अजीत पवार और सुप्रिया सुले जो हैं तो चचेरे भाई बहन लेकिन दोनों एक पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए राजनीति में सक्रिया हैं। सुप्रिया सुले एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की बेटी हैं वहीं अजीत पवार शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं यानी शरद पवार के भतीजे हैं। अजीत पवार और सुप्रिया सुले के बीच संबंधों में कथित तौर पर 2019 में खटास आ गई, जब महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए चंद दिनों के लिए अजीत पवार ने भाजपा से मिलाया था। हालांकि राजनीति के उतार-चढ़ाव के बावजूद, ये भाई-बहन जोड़ी अभी भी एक करीबी बंधन साझा कर रहे हैं। 2019 में भाजपा का समर्थन करने के अजित पवार के फैसले ने सुप्रिया को हिला दिया था लेकिन पूरा संकट सुलझने के कुछ दिनों बाद अजित और सुप्रिया इसे गले लगाते नजर आए थे ।

तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और मीसा भारती
पारिवारिक राजनीति में शामिल होने वाले बिहार के भाई-बहनों का एक तिकड़ी तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और मीसा भारती की है। जो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बच्चे हैं। ये तीनों, अपने माता-पिता की तरह, राजद में शामिल हो गए और उसी में अपना राजनीतिक करियर जारी रखा। तेजस्वी यादव बिहार के वर्तमान उपमुख्यमंत्री हैं। वहीं तेज प्रताप बिहार सरकार में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। वह 2015 से 2020 तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य के रूप में महुआ निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान सभा के विधायक थे। वहीं मीसा भारती, राज्यसभा सांसद हैं। हर मौके पर ये भाई बहन साथ खड़े नजर आते हैं।

जगन मोहन रेड्डी और शर्मिला
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी येदुगुरी संदीप्ति शर्मिला रेड्डी के बड़े भाई हैं। वाईएस राजशेखर रेड्डी और वाईएस विजयम्मा के घर जन्में जगन मोहन रेड्डी और शर्मिला के बीच राजनीतिक मतभेद रहे। फरवरी 2021 में बहन शर्मिला ने आरोप लगाया कि उनके भाई के साथ उनके राजनीतिक मतभेद थे, जो वाईएसआरसीपी के प्रमुख हैं, और दावा किया कि तेलंगाना राज्य में पार्टी की कोई उपस्थिति नहीं है। उसी वर्ष 9 अप्रैल को, शर्मिला ने घोषणा की कि वह 8 जुलाई को एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करेगी। उसने तारीख को चुना क्योंकि यह उसके पिता की जन्म तिथि है।पार्टी के शुभारंभ से पहले उन्होंने मौजूदा तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) सरकार के खिलाफ प्रचार करना शुरू कर दिया।

उमर अब्दुल्ला और सारा पायलट
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सारा पायलट, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बेटे और बेटी हैं। बड़े बेटे उमर 1998 में 29 साल की उम्र में 12वीं लोकसभा में शामिल होकर लोकसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य बने। 2002 में, 49 वर्षीय ने अपने पिता के स्थान पर कदम रखा और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष बने और उन्हें 2006 में इस पद के लिए फिर से चुना गया। उमर अब्दुल्ला जनवरी 2009 में कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के बाद, जम्मू और कश्मीर के 11 वें और सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने। वहीं उनकी बहन सारा पायलट कांग्रेस नेता सचिन पायलट की पत्नी हैं। राजनीति से दूर रहते हुए सारा पायलट अक्सर महिलाओं से संबंधित मुद्दों को उठाती रही हैं और उनके प्रयास की सराहना की जाती रही। वह अपने राज्य की महिलाओं के हित में गैर सरकारी संगठनों के साथ काम करने के लिए भी जानी जाती हैं।












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