Bird Hit Planes: हवाई जहाजों से क्यों टकराते हैं पक्षी? आखिर क्या है इसका समाधान
हवा में उड़ते पक्षी को कोई अंदाजा नही होता कि अगर वह किसी हवाईजहाज से टकरा जाएगा तो उसकी मौत निश्चित है लेकिन हवाईजहाज में बैठे यात्रियों की भी जान पर बन आती है।

Bird Hit Planes: 26 फरवरी 2023 को एक बड़ा विमान हादसा होने से टल गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एक बयान में कहा कि सूरत से दिल्ली जा रही इंडिगो की A320 विमान VT-IZI ऑपरेटिंग फ्लाइट 6E-646 उड़ान के दौरान एक पक्षी से टकरा गई। जिसके तुरंत बाद उसे अहमदाबाद की ओर डायवर्ट कर दिया गया। खबरों के मुताबिक जब पक्षी विमान से टकराया था, तब N1 कंपन 4.7 यूनिट था। हालांकि, विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया। नागरिक उड्डयन नियामक ने बताया कि विमान की लैंडिंग के बाद जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि नंबर 2 इंजन पंखे के ब्लेड क्षतिग्रस्त हो गये थे।
बर्ड हिट कितना खतरनाक हो सकता है?
विमान से किसी भी तरह के पक्षी के एकदम से टकराने को बर्ड स्ट्राइक, बर्ड इंजेशन (इंजन में फंस जाने के लिए), बर्ड हिट या बर्ड एयरक्राफ्ट स्ट्राइक हैजर्ड (BASH) भी कहा जाता हैं। इस तरह की घटना विमान से सफर करने वालों के लिए खतरनाक हो सकती है। इसलिए जब भी कोई विमान किसी पक्षी से टकराता है तो उसे तुरंत जांच के लिए रनवे पर लौटना पड़ता है।
ऐसी घटनाएं तब ज्यादा होती हैं जब कोई पक्षी विंडस्क्रीन से टकराता है या जेट विमान के इंजन में फंस जाता है। पक्षी के विंडस्क्रीन या विंडो से भी टकराने पर क्रैक होने की संभावना बढ़ जाती है और ऐसे में भी विमान को तुरंत लैंड कराना पड़ता है। इतना ही नहीं कई बार पक्षी के टकराने से इंजन में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जितना जल्दी हो सके विमान को रनवे पर लौटाना जरूरी होता है।
विमान कब बनते हैं बर्ड हिट का शिकार?
अमेरिका की एफएए (Federal Aviation Administration) के मुताबिक विमान के टेकऑफ या लैंडिंग (Takeoff and landing) के समय बर्ड हिट की घटनाएं ज्यादा होती हैं। पक्षी के टकराने की घटनाएं आमतौर पर तब सामने आती हैं, जब विमान कम ऊंचाई पर उड़ता है। 97% मामलों में ऐसा ही पाया गया है।
दुनिया की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी बोइंग के अनुसार किसी भी विमान में पक्षियों के टकराने की संभावना इंजन में 44%, विंग में 31%, नोज (आगे का हिस्सा) में 8%, विंडशील्ड में 13%, फ्यूलेज (इंजन और विंग के पीछे का हिस्सा) में 4% होती हैं। इसी को ध्यान में रखकर विमानन कंपनी हवाई जहाजों में पक्षियों से बचने के तकनीकी उपाय करती है। जिससे विमान से पक्षी टकराने पर कम-से-कम नुकसान सुनिश्चित किया जा सके।
प्रतिदिन 34 मामले
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के मुताबिक दुनियाभर में विमानों पर पक्षियों के टकराने की हर दिन औसतन 34 घटनाएं सामने आती हैं। इससे सालाना 1 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान भी होता है। राहत की बात यह है कि लगभग 92% टकराने के मामलों में इंसानी जिंदगी को नुकसान नहीं पहुंचता।
भारत की बात करें तो बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट ने डीजीसीए के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2022 की जनवरी से जुलाई की अवधि में देश में 974 पक्षी विमानों से टकराये थे। साथ ही इसी दौरान 23 अन्य जानवरों के साथ टकराव की भी घटना सामने आयी थी।
भारत में बचाव के तरीके
अगस्त 2022 में डीजीसीए (DGCA) ने बर्ड स्ट्राइक को लेकर एयरपोर्ट संचालकों को निर्देश दिया है कि वे वन्यजीव जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर मासिक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार कर फॉरवर्ड करें और हर महीने की सात तारीख तक उस महीने में हुई 'बर्ड हिटिंग' की घटनाओं के आंकड़े भी उपलब्ध कराएं। वहीं डीजीसीए ने कहा है कि नियमित गश्त वन्यजीव जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम का मूल तत्व है। इसे रैंडम पैटर्न के आधार पर करना चाहिए।
तेज ध्वनि और शॉट गन का होता है इस्तेमाल
कई हवाईअड्डों पर पक्षियों को विचलित करने के लिए ध्वनियों का उपयोग करते हैं जैसे कि तेज आवाज वाले यन्त्र और लाउडस्पीकर बजा दिये जाते हैं। वहीं सिंगापुर हवाई अड्डा प्लेन के रास्ते से पक्षियों को दूर रखने के लिए गन शॉट और ऐसे लाउडस्पीकर का उपयोग करता है, जिससे 20 विभिन्न प्रकार की आवाजें निकलती हैं। वहीं कुछ जगहों पर एयरपोर्ट से पक्षियों को दूर रखने के लिए लेजर गन का भी इस्तेमाल किया जाता है।
विमान पर बना दें बड़ी-बड़ी 'आंखें'
ऑल-निप्पॉन एयरवेज (एनएच) ने अपने 26 विमानों के दोनों तरफ आंख की बड़ी कलाकृति बना दी थी। साथ ही कुछ विमानों पर कलाकृति नहीं बनाई। एक साल की जांच के बाद पाया कि जिस पर बड़ी-बड़ी आंखें बनी हैं उन विमानों से सिर्फ एक पक्षी की टक्कर हुई थी। जबकि, दूसरे विमानों में औसतन 9 पक्षियों ने प्रत्येक बिना रंगे इंजन को टक्कर मारी थी। तब ये कहा गया कि जेट विमान के इंजन पर डरावनी दिखने वाली आंखों को चित्रित करके पक्षियों को डराया जा सकता है और टकराव को रोका जा सकता है।
ऑल-निप्पॉन एयरवेज का अनुमान है कि परीक्षण अवधि के दौरान पक्षियों के हमलों में कमी ने उसके विमान पर 910,000 यूएस से 720,000 यूएस डॉलर तक की क्षति को कम कर दिया। इसके बाद एनएच ने अपने सभी बड़े आकार के विमानों पर आंख चित्रित करने का फैसला किया।
यह भी पढ़ें: Air India की फ्लाइट का ब्रेकफास्ट देखकर आग-बबूला हुए सेफ संजीव कपूर, पूछे- 'क्या भारतीयों को यही खाना चाहिए'












Click it and Unblock the Notifications