वायु प्रदूषण से बच्चे हो रहे हैं मानसिक रोगों के शिकार: रिपोर्ट
लंदन। दुनिया में बढ़ता प्रदूषण इंसान की जान के लिए खतरा बना हुआ है इसलिए इसका समय पर रोक थाम बहुत जरूरी है क्योंकि प्रदूषण का खामियाजा हमारी आने वाली जनरेशन को उठाना पड़ेगा।
स्वीडन की ऊमेआ यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च कहती है कि वायु प्रदूषण से इंसानी जीवन का बहुत बड़ा खतरा है क्योंकि इसका सीधा घातक असर दिमाग पर होता है, इसकी चपेट में बच्चे और किशोर सीधे आते हैं जो कि बच्चों के दिमाग पर बुरा असर डालता है और इस कारण कभी-कभी बच्चे मानसिक रोगों के शिकार भी हो जाते हैं।
अगर गर्भवती स्त्री भी वायु प्रदूषण की चपेट में है तो उससे ज्यादा खतरा उसके होने वाले बच्चे को है जो कि शायद मनोरोगी भी पैदा हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्रों पर ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले खतरा ज्यादा है क्योंकि शहरी हवा में बड़े पैमाने पर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2) फैली होती है। यह शोध 'बीएमजे ओपन' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।













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