Air India Deal: एयर इंडिया सिर्फ विमानों की संख्या ही नहीं, देश में नौकरियां और व्यापार में भी इजाफा करेगी
एयर इंडिया की एयरबस और बोइंग से विमान खरीदने की डील ने अभी तक के सभी रिकार्ड्स तोड़ दिए हैं। इससे न सिर्फ भारत को बल्कि अमेरिका, फ्रांस, और ब्रिटेन को भी फायदा होगा।

Air India Deal:14 फरवरी 2023 को भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी में से एक एयर इंडिया ने अमेरिका की बोइंग और फ्रांस की एअरबस कंपनियों से 470 विमान खरीदने का समझौता किया है। डील होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एयर इंडिया और टाटा समूह का शुक्रिया अदा किया।
एयर इंडिया कौन से विमानों को खरीदेगा
एयर इंडिया ने अमेरिका की बोइंग से 220 विमान और फ्रांस की एअरबस से 250 विमान खरीदने की योजना बनायी है। इसमें बोइंग से 20 विमान 787 ड्रीमलाइनर, 10 विमान 777X, और 190 विमान 737 मैक्स शामिल हैं। जबकि, एअरबस से 140 विमान A320neo, 70 विमान A321neo सिंगल-आएल, 34 विमान A350-1000 और 6 विमान A350-900 वाइडबॉडी जेट्स खरीदें जायेंगे। समझौते के अनुसार बोइंग और एयर इंडिया अतिरिक्त 70 विमान खरीदने पर भी सहमती बनी हैं जिसमें 50 विमान 737 मैक्स और 20 विमान 787-9s शामिल होंगे।
इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम की लग्जरी कार एवं विमान इंजन निर्माता कंपनी रोल्स-रॉएस से भी एयर इंडिया अपने विमानों के लिए नये इंजन खरीदेगी। रोल्स-रॉएस ने एक बयान जारी करते हुए बताया है कि उन्हें एयर इंडिया से 68 ट्रेंट XWB-97 और 12 ट्रेंट XWB-84 विमान इंजिन का ऑर्डर मिला है। इन विमानों की कुल खरीद में एयर इंडिया को लगभग 80 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करने होंगे।
अमेरिका और फ्रांस सहित यूके का फायदा
जब एयर इंडिया ने अमेरिका की बोइंग से 220 विमानों को खरीदने की डील साइन की तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस डील को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि "यह खरीद अमेरिका के 44 राज्यों में 10 लाख से अधिक अमेरिकी नौकरियों पैदा करेगी।" वहीं, यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी एयर इंडिया और रोल्स-रॉएस की इस डील की सराहना करते हुए ट्वीट कर लिखा कि "इस डील से देशभर में नौकरियां पैदा होगी।" यूनाइटेड किंगडम की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार एयर इंडिया और रोल्स-रॉएस की यह डील यूनाइटेड किंगडम में लगभग 450 इंजिन मैन्युफैक्चरिंग संबंधी नौकरियां पैदा करेगी। जबकि फ्रांस के एक स्थानीय मीडिया चैनल के अनुसार एअरबस और एयर इंडिया की डील से फ्रांस में लगभग 8 लाख से 10 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद हैं।
एयर इंडिया का फ्लीट और उसके कर्मचारी
फिलहाल एयर इंडिया की फ्लीट में कुल 140 विमान हैं। जुलाई 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया में 12085 कर्मचारी काम करते हैं। एयर इंडिया को विमानों की डिलीवरी 2023 के अंत में शुरू होगी। एयर इंडिया द्वारा दिए सभी विमानों के ऑर्डर पूरे हो जाने पर कंपनी का फ्लीट लगभग 610 विमानों का हो जाएगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि एयर इंडिया इस दौरान 40,000 से 45,000 लोगों को नौकरियां प्रदान कर सकती है।
एअरबस का मेक इन इंडिया प्रोग्राम
एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि एयर इंडिया की यह डील भारत में लगभग 3,60,000 नौकरियां पैदा करेगी जिसमें से लगभग 60,000 डायरेक्ट होगी और 3,00,000 इनडायरेक्ट होंगी। दरअसल, इतने विमानों को बनाने के लिए एअरबस और बोइंग को पार्ट्स की जरुरत होगी और भारत इसका एक बड़ा बाजार है। अक्टूबर 2022 में एअरबस ने टाटा समूह के साथ भारतीय वायु सेना के लिए C-295 एयरक्राफ्ट बनाने के लिए गुजरात के वड़ोदरा में एक प्लांट बनाने की नींव भी रखी थी।
एअरबस ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि वह 'मेक इन इंडिया' का समर्थन करती है। गौरतलब है कि एअरबस लगातार अपने वैश्विक उत्पाद पोर्टफोलियो में भारत के योगदान को बढ़ा रही है। कंपनी का मानना है कि भारत की ताकत इसकी प्रतिभा में है इसलिए वह बंगलुरु स्थित अपने इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सेंटर को 'रीढ़ की हड्डी' मानती है। एयरबस का कहना है कि दुनिया में सबसे बड़ा इंजीनियरिंग एवं सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र भारत में उपलब्ध है। दरसल, कंपनी ने 2007 में अपना पहला इंजिनियरिंग और इनोवेशन विंग सेटअप भारत में शुरू किया था। आज एअरबस के भारत में 900 से भी ज्यादा इंजीनियर है।
एअरबस इंडिया मुख्य रूप से इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान देता है। एअरबस ने भारत में लगभग 7,000 लोगों को इंजीनियरिंग और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार दिया है। इसके अलावा, एअरबस के भारत में फिलहाल 45 से भी ज्यादा सप्लायर्स हैं जो उसे उपकरण और सेवाएं बेचते हैं। इन सप्लायर्स से एअरबस हरसाल भारत से $650 मिलियन के पार्ट्स खरीदती है।
बोइंग में भी भारतीय पार्ट्स
बोइंग की वेबसाइट के अनुसार कंपनी हरसाल भारत से लगभग $1 बिलियन के पार्ट्स खरीदती है। एयर इंडिया ने बोइंग से 220 विमान खरीदने की डील साइन होने पर बोइंग ने भारत में विमान के पार्ट्स के लिए लॉजिस्टिक सेंटर बनाने की घोषणा की है। लॉजिस्टिक सेंटर को सेटअप करने के लिए बोइंग भारत में $2 बिलियन का निवेश करेगा।
बोइंग भी 'मेक इन इंडिया' का समर्थन करता है और बोइंग इंडिया में 4,000 कर्मचारी हैं। इसके अलावा, 7,000 से अधिक लोग मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में भारतीय सप्लायर्स के साथ सप्लाई चेन पर काम करते हैं। बोइंग का यह भी कहना है कि वो बहुत जल्द बेंगलुरु में मैन्यूफैक्चरिंग और एसेंबली यूनिट बनाएगी। बोइंग के भारत में 275 से अधिक भारतीय सप्लायर्स है जो एयरोस्ट्रक्चर, वायर हार्नेस, कंपोजिट, फोर्जिंग, एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम सप्लाई करते है।
दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइंस फ्लीट
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दिसंबर 2022 के आंकड़ों के अनुसार विश्व की टॉप टेन एयरलाइंस में भारत की भी एक एयरलाइन कंपनी शामिल है। इसमें पहला नंबर अमेरिका की अमेरिकन एयरलाइंस (934 विमान), दूसरे पर अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस (910 विमान), तीसरे पर अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस (861 विमान), चौथे पर अमेरिका की साउथवेस्ट एयरलाइंस (779 विमान), पांचवें पर चीन का चाइना सदर्न एयरलाइंस (652 विमान), छठें पर चीन की चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस (617 विमान), सातवें चीन की एयर चाइना (490 विमान), आठवें पर अमेरिका की फेडेक्स एक्सप्रेस (414 विमान), नौवें पर तुर्की की टर्किश एयरलाइंस (394 विमान) और दसवें पर भारत की इंडिगो एयरलाइंस (303 विमान) शामिल हैं। एयर इंडिया के बेड़े में नए विमानों के शामिल होने के बाद वह भी इस सूची में शामिल हो जायेगी।
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