Air India One: जिस विमान से प्रधानमंत्री मोदी यात्रा करते हैं, क्या हैं उसकी खूबियां?
Air India One: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और इजिप्ट के दौरे पर हैं। दिल्ली से वाशिंगटन और फिर काहिरा की यह यात्रा वह बोइंग 777-300ER विमान एयर इंडिया वन से कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने एयर इंडिया वन विमान से 20 जून को सुबह 7:30 बजे नई दिल्ली से न्यूयॉर्क के लिए नॉनस्टॉप उड़ान भरी थी।
एयर इंडिया वन क्या है?
एयर इंडिया वन भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित विशेष स्पेशल एक्स्ट्रा सेक्शन फ्लाइट (एसईएसएफ) है। यह बोइंग कंपनी का 777-300ER विमान है। फिलहाल एयर इंडिया वन की फ्लीट में दो विमान हैं। इन्हें खरीदने के लिए भारत सरकार को ₹8400 करोड़ की भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ी थी। विमान का रखरखाव एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल) द्वारा किया जाता है। इन विमानों को अक्टूबर 2020 में सर्विस में लाया गया था।

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि एयर इंडिया वन का चालक दल भारतीय वायु सेना (आईएएफ) से होता है। हालांकि ऐसा कुछ नहीं है। दरअसल, इसे देश के सभी अनुभवी पायलटों द्वारा ही संचालित किया जाता है। जून 2020 में एयर इंडिया वन को उड़ाने के लिए देश के 40 वरिष्ठतम पायलटों ने अर्जी भेजी थी, जिनमें से वायु सेना ने एयर इंडिया के दो पायलटों को चुना था।
एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम
वीवीआईपी की सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए एयर इंडिया वन आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस है। विमान में मौजूद इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) बिलकुल सटीक नेविगेशन जानकारी प्रदान करता है। यह जीपीएस और डीएमई (डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट) जैसे एडवांस्ड नेविगेशन डिवाइस से भी लैस है।
एटीसी और पायलट
उड़ान के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और विमान चालक दल के बीच होने वाली सभी बातों को सुरक्षित रखने के लिए एयर इंडिया वन एन्क्रिप्टेड सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करता है। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि इन बातों को कोई तीसरा व्यक्ति न सुने या अवरोध पैदा न कर सके। किसी तीसरे व्यक्ति की कम्युनिकेशन सिस्टम तक पहुंच रोकने के लिए विमान में नेटवर्क जैमर लगे है।
एडवांस्ड वॉरफेयर जैमर भी मौजूद
एयर इंडिया वन विमान एडवांस वॉरफेयर जैमर से लैस है। यह दुश्मन देशों के जीपीएस सिग्नल और ड्रोन सिग्नल को बहुत ही आसानी से ब्लॉक कर सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि यह विमान पाकिस्तान की हवाई सीमा से गुजरता है तो उनके साधारण रडार तकनीकों को इसकी भनक तक नहीं लगेगी।
मिसाइल से बचाने में सक्षम
एयर इंडिया वन में सफर के दौरान अगर कोई देश विमान पर मिसाइल का रडार लॉक कर देता है तो मिसाइल चेतावनी सिस्टम कॉकपिट में अलार्म बजा देगा। यह मिसाइल चेतावनी सिस्टम सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट का हिस्सा है, जो दुश्मन की रडार फ्रीक्वेंसी को जाम करने, मिसाइलों को डायवर्ट करने और आने वाले किसी भी मिसाइल खतरे को रोकने में सक्षम हैं। विमान किसी भी जमीनी मिसाइल या हवाई खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए मिसाइल डिफ्लेक्टिंग शील्ड से भी लैस है।
चाफ और फ्लेयर्स की आड़
एयर इंडिया वन के आसपास अगर कोई मिसाइल गलती से आ जाये तो विमान से चाफ और फ्लेयर्स छोड़ें जा सकते हैं। यह विमान की मुख्य विशेषताओं में से एक है। लाखों एल्मुनियम अथवा जिंक के कणों से चाफ बनता है। मिसाइल के दागने के बाद चालक दल विमान से चाफ को इजेक्ट कर सकता है। वहीं फ्लेयर्स में मैग्नीशियम छर्रे होते हैं जो विमान में ट्यूबों के सहारे निकाले जाते हैं। यह फ्लेयर्स 2,000 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर के तापमान पर जलते है। इन दोनों की आड़ में विमान को मिसाइल से दूर भागने में आसानी होती है।
आपातकाल स्थिति के लिए ऑपरेशन थियेटर
एयर इंडिया वन में उड़ान के दौरान यदि किसी भी वीवीआईपी की तबियत बिगड़ती है तो विमान में समस्या से निपटने के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं वाला एक ऑपरेशन थिएटर मौजूद है। जिसमें डिफाइब्रिलेटर, वेंटिलेटर और जीवनरक्षक उपकरण शामिल हैं। विमान बोर्ड पर मेडिकल स्टाफ में डॉक्टर और नर्स भी शामिल होते है।
अन्य सुविधाएं और तकनीकें
विमान में मुख्य रूप से तीन वीवीआईपी सूइट हैं, जिसमें पहला राष्ट्रपति, दूसरा उपराष्ट्रपति और तीसरा प्रधानमंत्री के लिए है। विमान में कॉन्फ्रेंस रूम और विशेष लाउंज भी हैं। आपको बता दें कि विमान अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है। यह बीच हवा में वीवीआईपी को ऑडियो और वीडियो से जुड़ने की सुविधा प्रदान करता है। एयर इंडिया वन विमान में हवा में ईंधन भरने की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि आज तक एयर इंडिया वन की इस सुविधा को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ी है।












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