Women in Afghanistan: तालिबान शासन में बदतर हो रही है महिलाओं की स्थिति
अगस्त 2021 में जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन पर नियंत्रण स्थापित हुआ है तब से अफगानिस्तान की महिलाओं पर अजीबोगरीब और कड़े प्रतिबंध लगाये जा रहे हैं।

Women in Afghanistan: अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने हाल ही में देश में गर्भनिरोधक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। तालिबानी सरकार के अनुसार गर्भनिरोधक दवाओं पर इसलिए रोक लगायी गयी है क्योंकि यह पश्चिमी देशों का मुस्लिम आबादी को रोकने का एक हथकंडा है। यहां तक कि तालिबान महिलाओं को इन दवाओं को लेने पर और दवा दुकानदारों को गर्भ निरोधक बेचने पर धमकाया जा रहा है। गर्भनिरोधक उपायों से पहले भी अफगानिस्तान में महिलाओं को लेकर कई प्रतिबंध लगाये गए हैं।
महिला मंत्रालय पर प्रतिबंध
सितंबर 2021 में तालिबान ने काबुल स्थित महिला मंत्रालय में महिला कर्मचारियों के ही प्रवेश पर रोक लगा दी। शुरुआत में केवल पुरुषों को ही मंत्रालय में जाने की अनुमति दी गयी लेकिन बाद में इस महिला मंत्रालय को ही खत्म कर दिया गया। अब इसकी जगह मिनिस्ट्री फॉर प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस की शुरुआत की गयी है। इस मंत्रालय के जरिए तालिबानी सरकार महिलाओं के खिलाफ मोरल पुलिसिंग का काम करेगी।
स्पोर्टस में महिलाओं पर प्रतिबंध
अफगानिस्तान में महिला क्रिकेट टीम को तालिबान सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। दरअसल, जब तालिबान ने सत्ता पर पकड़ बनायी तब कई महिला खिलाड़ी गायब हो गयी थी। उन्हें डर था कि तालिबानी उन्हें कही मौत के घाट न उतार दे। क्रिकेट के अलावा, तालिबान ने महिला खिलाड़ियों को ओलंपिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने के खिलाफ भी आदेश जारी कर रखा है।
चादोरी पहनना अनिवार्य
मई 2022 में तालिबान शासकों ने सभी अफगान महिलाओं को सार्वजनिक रूप से सिर से पैर तक के कपड़े (चादोरी) पहनने का आदेश जारी किया था। मिनिस्ट्री फॉर प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस ने अपने आदेश में यह भी बताया कि "एक महिला के शरीर को ढकने वाला कोई भी परिधान हिजाब माना जाता है, बशर्ते कि वह शरीर के अंगों को ढकने के लिए बहुत टाइट न हो और न ही इतना पतला हो कि शरीर के अंग दिखे।"
महिला पत्रकारों को चेहरा ढकना अनिवार्य
19 मई 2022 को तालिबान ने महिला अफगान टीवी प्रस्तुतकर्ताओं और स्क्रीन पर आने वाली महिला पत्रकारों को अपने चेहरे को ढकने का आदेश जारी किया था। 'रिपोर्टर्स विथआउट बॉर्डर्स' की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान का राज स्थापित होने से पहले काबुल में कुल 700 महिला पत्रकार थीं लेकिन तालिबान का राज स्थापित होने के बाद यह संख्या 100 महिला पत्रकारों की रह गई। फिलहाल यह संख्या और भी कम हो गयी है।
हिजाब भी अनिवार्य
तालिबान की मिनिस्ट्री फॉर प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के अनुसार महिलाओं को कुछ भी सामान नहीं बेचा जायेगा जबतक उनके सिर पर हिजाब न हो। तालिबान ने सभी दुकानदारों को यह धमकी दी कि अगर लोग इस फैसले का पालन नहीं करते है तो वह अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
पार्क जाने पर प्रतिबंध
नवंबर 2022 में तालिबान ने महिलाओं को काबुल में किसी भी पार्क में प्रवेश करना अवैध घोषित कर दिया था। अफगानिस्तान की मिनिस्ट्री फॉर प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के अनुसार महिलाओं पर यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्योंकि पार्कों में इस्लामी कानून का पालन नहीं किया जा रहा था। यह निषेध सभी महिलाओं पर लागू किया गया, भले ही महिलाएं अपने पति, भाई, पिता, के साथ हों।
विश्वविद्यालय शिक्षा पर रोक
तालिबान नेताओं ने महिलाओं के विश्वविद्यालयों में जाने पर भी स्थायी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इससे पहले, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर राज स्थापित करने के बाद विश्वविद्यालयों में महिलाओं को केवल महिला प्रोफेसरों या बूढ़े पुरुष अध्यापकों द्वारा पढ़ाने की अनुमति थी।
एनजीओ के साथ काम करने पर रोक
तालिबान सरकार ने अफगान महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों के लिए काम करने पर रोक लगायी हुई है। नतीजतन, चार महत्वपूर्ण विदेशी राहत संगठनों ने अफगानिस्तान में अपने ऑपरेशंस को सस्पेंड कर दिया।
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अफगानिस्तान के अर्थशास्त्र मंत्रालय ने कहा कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन इस नियम की अवहेलना करेगा उसका वर्क परमिट रद्द कर दिया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में कुल 55,000 लोग गैर-सरकारी संगठनों के साथ जुड़े हुए थे जिसमें 30 प्रतिशत यानी 16,500 महिलायें शामिल थीं।
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