चाय से जुड़े वह पांच मिथ जो अक्सर आपको चाय पीने से रोकते हैं
बेंगलुरु। आज इंटरनेशनल टी डे हैं और जैसा कि आप सभी जानते हैं कि चाय एक प्याला कहीं दो दिलों को जोड़ सकता है तो कहीं दो देशों के बीच एक नई डिप्लोमैसी की वजह तक बन सकता है।
कहीं चाय के प्याले की वजह से नए रिश्ते जुड़ सकते हैं तो कहीं चाय के एक प्याले की वजह से रिश्तों में आई दूरियों को मिटाया जा सकता है। जरा सोचिए कि जब चाय आपके इतने काम आती है तो फिर भला इसे पीने में बुराई क्या हो सकती है।
पढ़ें-चाय के प्यालों से भी जुड़ी हैं आपके दिलों की बातें
कुछ लोग कहते हैं कि चाय पीना बुरी बात है। आपको चाय पीने से रोकने के लिए कई तरह की बातें भी बताई जाती हैं। इन बातों को आप चाय से जुड़े कुछ मिथ मान सकते हैं।
आज इस इंटरनेशनल टी डे के मौके पर हमने सोचा कि आपको कुछ उन मिथ्स के बारे में बताएं जो आपको चाय का प्याला उठाने से रोकते हैं।
चाय पीने की शुरुआत चीन से 10वीं सदी में हुई मानी जाती है। इसके बाद चाय भारत पहुंची और आज यह हर घर की जान बन गई है। आगे की स्लाइड पर क्लिक करिए और जानिए चाय पीने से जुड़े कुछ आम मिथ्स के बारे में।

कई सदियों से सुनते आए हैं यह बात
कई पीढ़ियों से आप यह सुनते आए हैं कि ज्यादा चाय पीने से आपका रंग काला हो जाता है। जबकि यह पूरी तरह से गलत है। आपके रंग का गहरा होना या काला होना धूप या फिर स्वास्थ्य संबंधी दूसरी वजहों से हो सकता है।

चाय से होता है सेहत को नुकसान
विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्लैक और ग्रीन टी, चाय के इन दोनों ही प्रकारों में फलों और सब्जियों की तुलना में कहीं ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। चाय में थेयरूबिगिंस, एपिकैटेचिन्स और कैटेचिन्स जैसे पदार्थ होते हैं। इन सभी को फ्लैवॉनोआड्स माना जाता है। यह एक तरह की एंटीऑक्सिडेंट होता है।

यूरोप को कभी नहीं रहा चाय से लगाव
यह भी एक मिथ है कि यूरोप के ज्यादातर देशों में बस कॉफी के शौकीन मिलते हैं और चाय पीने से उनका कोई वास्ता नहीं है। लेकिन यूरोप में चाय ने सन 1610 से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। ईस्ट इंडिया कंपनी में पुर्तगाल और नीदरलैंड के लोगों की वजह से यूरोप में चाय पीने की शुरुआत हुई थी।

चाय पीने से झड़ते हैं बाल
कई लोग मानते हैं कि चाय पीने से ज्यादा बाल झड़ते हैं। यह भी गलत हैं चाय, खासतौर से ग्रीन टी आपके बालों को झड़ने से रोक सकता है। चाय में डीएचटी नामक तत्व होता है। इस तत्व की कमी से आपके बाल झड़ते हैं। ऐसे में अब आप समझ सकते हैं कि चाय पीने से आपके बात नहीं झड़ते हैं।

कोई भी ब्रांड ले लो चाय तो चाय ही होती है
यह गलत है और चाय के हर ब्रांड को एक ही तरह से नई तैयार किया जाता है। अमेरिककन बोटॉनिकल काउंसिल में एजुकेशन कोऑर्डिनेटर जेनी प्रेज के मुताबित हमेशा अच्छा ब्रांड चुनिए क्योंकि ब्रांड जितना अच्छा होगा आपकी चाय को उतने ही बेहतर तरीके से तैयार किया जाता है।












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