सपा से बगावत कर राकेश सचान ने थामा कांग्रेस का दामन, 1993 में सपा-बसपा गठबंधन को दी थी मात
Fatehpur News, फतेहपुर। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में उठापटक चल रही है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी और कद्दावर नेता पूर्व सांसद राकेश सचान ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राकेश सचान शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए है। सचान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्वी उत्तर प्रदेश की महासचिव प्रियंका गांधी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में पार्टी में आए।

सपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले कानपुर निवासी राकेश सचान छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे है। बता दें कि राकेश सचान ने 1993 विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के कैंडीडेट को हरा कर अपनी क्षमता का परिचय दिया था। इसके बाद सचान समाजवादी पार्टी में शमिल हो गए थे और 2002 में सपा के टिकट पर घाटमपुर विधानसभा से विधायक बने। 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट से सांसद बनकर लोकसभा क्षेत्र 49 फतेहपुर का संसद में प्रतिनिधित्व किया। लोकसभा चुनाव 2014 में समाजवादी पार्टी ने राकेश सचान को पुनः फतेहपुर से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
राकेश सचान का मानना है कि 2014 का लोकसभा चुनाव फतेहपुर में हारने के बाद मैं लगातार वहा पर अपनी जमीन मजबूत कर रहा था। एक-एक बूथ पर जाकर अपनी टीम खड़ी की है। इसके लिए दिन रात मेहनत की है और जब चुनाव का वक्त आया तो यह सीट बसपा के खाते में चली गई। इस संबंध में जब राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात की तो उन्होंने कहा सब ठीक हो जाएगा। कोई अश्वासन नहीं मिलने से नाराज राकेश सचान अब कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है।












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