Farrukhabad: पति को पढ़ाकर पत्नी ने बनाया अधिकारी, अब दूसरी महिलाओं से रखता है ताल्लुक...देता है मारने की धमकी

Farrukhabad News: बहुचर्चित एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके सफाई कर्मी पति आलोक कुमार मौर्या के बीच का विवाद तो आप सभी को पता ही होगा। लेकिन, आज जो मामला हम आपको बताने जा रहे है वो थोड़ा उल्टा है। यहां पति ने अपनी पत्नी को नहीं बल्कि पत्नी ने अपने पति को पढ़ा लिखाकर अधिकारी बनाया।

सरकारी नौकरी लगने के बाद पति अब अपनी पत्नी को जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसके पति के अब अन्य महिलाओं से ताल्लुक हो गए है। पीड़ित महिला ने अब डीएम से पति के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। यह मामला फर्रुखाबाद जिले का है।

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अमर उजाला की खबर के मुताबिक, नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक की पत्नी ने अपने पति से अपनी जान को खतरा जताया है। शुक्रवार को फिरोजाबाद के कस्बा शिकोहाबाद निवासी पीड़ित महिला सुनीता अपनी बेटी के साथ जिलाधिकारी ऑफिस पहुंची। इस दौरान पीड़िता ने महिला डीएम संजय कुमार सिंह ने अपने शिकायत की।

पीड़ित महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पति बृजेंद्र सिंह नगरपालिका में मुख्य सफाई निरीक्षक के तौर पर तैनात है। उनका चरित्र सही नहीं है। आरोप लगाते हुए कहा कि वह कई महिलाओं को अलग-अलग मकान दिलवाकर रह रहा है जबकि अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देता।

उसकी बेटी मान्या आगे पढ़ना चाहती है। लेकिन, उसका पति बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं देता। जबकि, उसके पति को एक लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलता है, इसके बावजूद बच्चों की देखभाल नहीं करता। पीड़िता महिला ने अपने पति पर आशिक मिजाज होने का आरोप भी लगाया।

खबर के मुनताबिक, पीड़िता महिला का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती। इतना ही नहीं, उसका पति उसे जान से मारने की धमकी भी देता है। पीड़ित महिला ने अब अपने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुनीता सिंह ने बताया कि जब उसकी शादी हुई थी तब वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी।

उसी आय से उसने पति को पढ़ाया और नौकरी की तैयारी कराई। शादी के करीब 10 साल बाद पति की मुख्य सफाई निरीक्षक पद पर नौकरी लगी तो उसकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी भी छुड़वा दी। उसने पति का आधा वेतन दिलाने की मांग की है। तो वहीं, मुख्य सफाई निरीक्षक बृजेंद्र सिंह का बयान भी सामने आया है।

बृजेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह अभी तक खर्च के लिए 11 हजार रुपये दे रहे थे। न्यायालय के आदेश के बाद अब 10 हजार रुपये महीने गुजारा-भत्ता दिया जाएगा। पत्नी बच्चों के साथ उसके तीन मंजिला मकान में रह रही है। पत्नी उनके खिलाफ पहले झूठी शिकायत कर चुकी है।

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