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त्योहारी सीजन में जबरन बंद कराई जा रहीं मांस की दुकानें, पुलिस बोली- कोई आदेश नहीं दिए

फरीदाबाद: मीट की दुकान चलाने वालों को त्योहारों के सीजन में खासा दिक्‍कत हो रही है। दिल्‍ली-एनसीआर के कई इलाकों में मीट की दुकानें बंद करवाई गई हैं। दिल्‍ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले में नवरात्रि की वजह से जबरन शटर डाउन करा दिए गए। फरीदाबाद के सेक्टर 23 की संजय कॉलोनी में मीट विक्रेता मोहम्मद हाशिम ने कहा कि, हमने अपना माल बेचने के लिए पुलिस-प्रशासन से परमीशन ले रखी थी, फिर भी हमारी दुकान जबरन बंद करा दी गई। हाशिम ने कहा, "8-10 लोगों का एक झुंड आया था, उन्‍होंने हमें धमकी दी कि अगर हम दुकान बंद नहीं करते हैं, तो वे इसे जबरन बंद कर देंगे... हम परेशानी बढ़ाना नहीं चाहते थे, इसलिए हमने शटर नीचे खींच लिया।"

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जबरन बंद कराई दुकानें, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खुलीं
बकौल मोहम्मद हाशिम, "हमने पता किया कि पुलिस-प्रशासन ने तो मीट की दुकानों पर कोई पाबंदी नहीं लगवाई, फिर भी हमें क्‍यों रोका गया। सूचना मिलने पर पास के ही पुलिस स्‍टेशन से एक अधिकारी हमारे पास पूछताछ करने आए और हमें सुरक्षा का आश्वासन दिया। हमने शिकायत दर्ज नहीं करवाई और दुकान फिर से खोल ली। हमें, उन्‍होंने कहा कि दुकानों को बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया।"
मीट विक्रेता ने आरोप लगाया कि, उन्हें पिछले सप्ताह दक्षिणपंथी समूहों द्वारा दुकानें बंद करने के लिए मजबूर किया गया था। पुलिस ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है, जबकि फरीदाबाद जिला प्रशासन ने कहा कि पाबंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अब दुकानें खुली हैं।

मुजेसर थाने के एसएचओ संदीप कुमार ने कहा, 'मैंने घटना का वीडियो देखा है। हमने संबंधित दुकानदार से बात की और उसने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हमने अभी तक उन पुरुषों के समूह की पहचान नहीं की है।"
जानकारी के मुताबिक, नवरात्रि शुरू होने से पहले 6 अक्टूबर को बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों के एक समूह ने फरीदाबाद के उपायुक्त को एक पत्र सौंपा था, जिसमें अनुरोध किया गया था कि नवरात्रि के दौरान सभी मांस की दुकानों को बंद कर दिया जाए।

फरीदाबाद के डीसी जितेंद्र यादव ने कहा, 'मांस की दुकानों को बंद करने के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आदेश या अनुमति जारी नहीं की गई। बावजूद इसके 7 अक्टूबर को, बजरंग दल से होने का दावा करने वाले पुरुषों के एक समूह ने कथित तौर पर सेक्टर 23 के संजय कॉलोनी में मांस की दुकान के मालिकों को उनकी दुकानें बंद करने के लिए यह कहकर मजबूर किया कि उन्हें पुलिस और जिला प्रशासन से अनुमति मिली है।

राष्ट्रीय बजरंग दल, पलवल के जिला उपाध्यक्ष होने का दावा करने वाले विक्रम सिंह ने कहा, "हमें कुछ रिपोर्टें मिलीं कि कुछ मांस की दुकानें खुली थीं। नवरात्रि में कई अवैध मांस की दुकानें खुली रहती हैं और वे मांस को सड़कों पर फेंक देते हैं, जो अपमानजनक है। इसलिए हम इलाके में गए और सुनिश्चित किया कि दुकानें बंद रहे।"

सिंह ने यह भी दावा किया कि, पुलिस उनके साथ थी। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, "हमें सूचना मिली कि 7 से अधिक लोगों का एक समूह इकट्ठा हुआ था और एक दुकानदार से अपनी मांस की दुकान बंद करने के लिए कह रहा था। टीम ने मौके पर जाकर मामला शांत कराया। कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए दुकानदार को उस समय अपनी दुकान बंद करने को कहा गया। स्थिति शांतिपूर्ण थी।"

मीट की दुकान के मालिकों ने आरोप लगाया कि, स्थानीय पुलिस ने उत्सव के मद्देनजर दुकानें बंद रखने का सुझाव दिया था। मोहम्‍मद अशरफ कहते हैं, ''हमें काफी नुकसान हो रहा है... लेकिन हम परेशानी बढ़ाना नहीं चाहते।
किठवाड़ी थाना क्षेत्र के पलवल में कुछ दिन पहले भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी। वहीं, नोएडा में भी नवरात्र शुरू होने के बाद से हरोला में मीट की दुकानें बंद हैं। हालांकि, नोएडा पुलिस ने इससे इनकार किया है।

Faridabad-palwal

गौतम बौद्ध नगर के डीसीपी राजेश एस ने कहा, "यह झूठ है कि दुकानों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हम क्षेत्र में शांति सुनिश्चित कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या कुछ संगठन मांस की दुकानों को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। एक निरीक्षण किया गया था और ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी,."

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