Dharmendra Death: अमिताभ, शाहरुख से ज्यादा हिट फिल्में, फिर क्यों नहीं मिला धर्मेंद्र को ‘सुपरस्टार का टैग'
Dharmendra Death: 24 नवंबर की सुबह 89 वर्ष की उम्र में धर्मेंद्र के निधन की खबर ने करोड़ों दिलों को झकझोर दिया। 8 दिसंबर को वह अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह करिश्माई सितारा आसमान में खो गया। छह दशकों से भी लंबी अपनी फिल्मी यात्रा में धर्मेंद्र ने रोमांस, एक्शन, कॉमेडी और सीरियस किरदार दिए।
उन्होंने सिर्फ बॉक्स ऑफिस नहीं जीते, बल्कि कई पीढ़ियों के दिलों पर राज किया। अपने अब तक के जीवन में 75 से भी ज्यादा सुपरहिट फिल्मों के बावजूद, उन्हें कभी "सुपरस्टार" का तमगा नहीं दिया गया। जानिए क्या है इसके पीछे की कहानी...

64 साल का करियर, 75 सुपरहिट फिल्म
80 के दशक में धर्मेंद्र ने अपने स्टारडम को एक नए मोड़ पर ले जाकर एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया। इस दौरान कम बजट वाली कई फिल्में जैसे 'बदले की आग', 'घुलामी', 'लोहा', 'एलान-ए-जंग' बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। यही वह दौर था जब धर्मेंद्र को 'ही-मैन' कहा जाने लगा।
64 साल लंबे करियर में धर्मेंद्र ने कुल 75 सुपरहिट फिल्में दीं। अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, शाहरुख खान या सलमान खान-सभी से ज्यादा हिट धर्मेंद्र ने अकेले दी हैं।
क्यों नहीं कहा गया 'सुपरस्टार'?
यह सवाल हमेशा से फैंस के मन में रहता है कि इतनी बड़ी सफलता के बावजूद धर्मेंद्र को सुपरस्टार क्यों नहीं कहा गया। इसके पीछे कई वजहें हैं:
1. 70 के दशक में सोलो हीरों का ट्रेंड
धर्मेंद्र की कई मेगाहिट फिल्में-'शोले', 'यादों की बारात', 'मेरा गाँव मेरा देश', 'धर्म वीर'-दो या अधिक हीरो वाली थीं। इस समय इंडस्ट्री का "सुपरस्टार" टैग दिलीप कुमार से राजेश खन्ना और फिर अमिताभ बच्चन जैसे सोलो एक्टर को मिल चुका था। जबकि धर्मेंद्र अक्सर एंसेंबल फिल्मों में दिखाई देते रहे।
2. 80 के दशक के सोलो हिट छोटे स्केल की फिल्में
80s में उनके सोलो एक्शन फिल्में हिट रहीं, लेकिन इनमें से कई कम बजट वाली थीं। वहीं अमिताभ बच्चन या विनोद खन्ना की फिल्में लगातार बड़ी बजट और बड़े कैनवास पर बनती थीं। इस वजह से धर्मेंद्र की फिल्मों का "मैग्निट्यूड" कम आंका गया।
3. खूब हिट, लेकिन फ्लॉप भी बहुत
धर्मेंद्र ने 6 ब्लॉकबस्टर, 7 सुपरहिट और कुछ दर्जन हिट फिल्में दीं। लेकिन वहीं, उन्होंने लगभग 150 फ्लॉप फिल्मों में भी काम किया-जो किसी भी टॉप स्टार में सबसे ज्यादा है। इस वजह से उनकी "सुपरस्टार" वाली छवि उतनी मजबूत नहीं बन पाई।
4. फिल्मों का ज्यादा साइन करना
धर्मेंद्र ने एक इंटरव्यू में कहा था, "मुझे फिल्में बहुत पसंद हैं। मैं मौका मिलते ही फिल्म साइन कर लेता हूँ। कई बार पता होता है फिल्म नहीं चलेगी, फिर भी मैं अपना 100% देता हूं। लोगों को मुझे एक्शन करते देखना पसंद है तो मैं क्यों रुकूं?"
90 के दशक में भी एक्टिव रहे धर्मेंद्र
90 में धर्मेंद्र ने पारिवारिक किरदार निभाने शुरू किए, जब उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी देओल इंडस्ट्री में आ चुके थे। 1998 की फिल्म "प्यार किया तो डरना क्या" में उन्होंने पहली बार पिता का किरदार निभाया। इसके बाद वह 'यमला पगला दीवाना' सीरीज़, 'अपने' फिल्मों में भी नजर आए। धर्मेंद्र ही श्रीराम राघवन की फिल्म 'इक्कीस' में नज़र आने वाले हैं।












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