Nupur Alankar कौन? 150 TV शो-फिल्मों में किया काम, अचानक बनी भिखारन! क्यों पति को छोड़ गुफा में लिया संन्यास?
Who Is Nupur Alankar: टीवी की चकाचौंध भरी दुनिया से गुफाओं की शांत गहराई तक का सफर - यह कहानी है नूपुर अलंकार की, जिन्होंने 27 सालों में 150 से ज्यादा हिट डेली सोप्स और बॉलीवुड फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। 'शक्तिमान', 'घर की लक्ष्मी बेटियां' और 'अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो' जैसी सीरियल्स की मशहूर अभिनेत्री ने 2022 में अचानक संन्यास ले लिया।
मां-बहन की मौत ने तोड़ दिया, फिर भी पाई-पाई को मोहताज भिखारी बन गई, उन्होंने हिमालय की ओर रुख किया। चूहों ने काटा, ठंड में बिलबलाई, लेकिन अब 'पीताम्बरा मां' बनकर वे भिक्षा मांगती हैं, गुफाओं में रहती हैं और लोगों को आध्यात्म का संदेश देती हैं। आइए, जानते हैं नूपुर अलंकार की अनकही कहानी, जो ग्लैमर से वैराग्य तक का सफर...

Nupur Alankar Career: टीवी की चमकती स्टार से घर-घर की पहचान
नूपुर अलंकार का जन्म 25 नवंबर, 1972 को भारत के ऐतिहासिक शहर जयपुर में हुआ था। नूपुर ने छोटी उम्र से ही सांस्कृतिक गतिविधियों, खासकर अभिनय और नृत्य में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने जयपुर के एक निजी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में बेहतर करियर के अवसरों की तलाश में अपने परिवार के साथ मुंबई चली गईं। मात्र कुछ सालों में वे छोटे पर्दे की जानी-मानी चेहरे बन गईं। 27 सालों के अपने करियर में उन्होंने 150 से ज्यादा टीवी शो में काम किया, जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हैं।

Nupur Alankar की प्रमुख भूमिकाओं में शामिल हैं:
- शक्तिमान (1997): कामिनी का किरदार, जो एक फिल्म गॉसिप राइटर था।
- घर की लक्ष्मी बेटियां: मजबूत मां की भूमिका।
- अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो: भावुक बेटी का किरदार।
- भागे रे मन, रीत, दीया और बाती हम: विविध रोल्स।
- फिल्में: 'राजा जी', 'सांवरिया' और 'सोनाली केबल' में सहायक भूमिकाएं।
नूपुर ने CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) में भी सक्रिय रहकर स्वास्थ्य वर्कशॉप्स आयोजित कीं। उनकी मेहनत ने उन्हें लोकप्रियता दी, लेकिन आंतरिक रूप से वे हमेशा आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित रहीं। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा अनुशासित जीवन जिया, लेकिन शोबिज की भागदौड़ ने कभी शांति न दी।'

Nupur Alankar Love Story: पति अलंकार श्रीवास्तव के साथ 20 साल का साथ, फिर अलगाव
2000 में नूपुर की शादी टीवी अभिनेता अलंकार श्रीवास्तव से हुई। दोनों ने 'तनत्र' जैसे शो में साथ काम किया था। 20 सालों तक चला यह वैवाहिक जीवन सुखमय रहा, लेकिन नूपुर के आध्यात्मिक झुकाव ने इसे प्रभावित किया। संन्यास लेने के समय अलंकार ने उनका साथ दिया। नूपुर ने 2022 के एक इंटरव्यू में बताया, 'मुझे पूछने की जरूरत ही नहीं पड़ी। वे जानते थे कि मैं कहां जा रही हूं। उन्होंने मुझे आजाद कर दिया, और उनका परिवार भी मेरे फैसले को मान लिया। शादी जब तक चली, बहुत अच्छी रही। हम कानूनी तलाक नहीं लेंगे, बस अलग हैं। मैं अलंकार को हमेशा शुभकामनाएं देती हूं।' यह अलगाव नूपुर के लिए मुक्ति का प्रतीक था। उन्होंने कहा, 'यह बड़ा कदम था, लेकिन सही समय पर लिया गया।'

Nupur Alankar PMC Bank Scam: पीएमसी बैंक घोटाला और पारिवारिक त्रासदी ने तोड़ा सब कुछ
2019 में नूपुर का जीवन उथल-पुथल में आ गया। पीएमसी बैंक घोटाले ने उनकी जिंदगी भर की कमाई लूट ली। RBI ने बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया, खाते फ्रीज हो गए, और निकासी पर सख्त पाबंदियां लग गईं। नूपुर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'घर में पैसे नहीं थे। गहने बेचने पड़े। एक सह-अभिनेता से 3,000 रुपये उधार लिए, दूसरे ने आने-जाने के लिए 500 रुपये ट्रांसफर किए। दोस्तों से कुल 50,000 रुपये उधार हो चुके थे। इसके बाद पारिवारिक विपत्तियां आईं। कोविड के दौरान मां की बीमारी और मौत हुई। फिर बहन जिग्याशा की असामयिक मृत्यु ने उन्हें तोड़ दिया। नूपुर ने कहा, 'बहन की मौत ने सब बदल दिया। मैंने दुनिया से नाता तोड़ना शुरू कर दिया। सांसारिक जीवन में कोई रुचि न रही।' इन घटनाओं ने उन्हें आध्यात्मिक मार्ग की ओर धकेल दिया।

Nupur Alankar Sanyas: संन्यास, गुफाएं और भिक्षाटन का जीवन
2022 में फरवरी में नूपुर ने संन्यास ले लिया। गुरु शंभू शरण झा के मार्गदर्शन में उन्होंने 'पीताम्बरा मां' नाम अपनाया, जो न्याय की देवी का प्रतीक है। CINTAA के दौरान ही उन्हें गुरु मिले, जिन्होंने जीवन बदल दिया। हिमालय की यात्रा पर निकलीं नूपुर ने गुफाओं, जंगलों और आश्रमों में तीन साल बिताए।

नूपुर के नए जीवन का सार:
- रोजमर्रा: एक तीर्थ से दूसरे तक यात्रा, ध्यान, ईश्वर से जुड़ाव।
- खान-पान: दिन में एक बार कच्चा पपीता या सेब।
- भिक्षाटन: साल में कई बार भिक्षा मांगती हैं, जो अहंकार मिटाता है। चढ़ावा से गुजारा।
- कपड़े: 4-5 जोड़ी ही काफी।

Nupur Alankar Rat Bites, Cave Story: 'गुफाओं में चूहों के काटा, ठंड से बिलबिलाईं'
नूपुर ने टेली टॉक इंडिया को बताया, 'गुफाओं में चूहों के काटने और ठंड से लड़ी। हीटर-शेल्टर जैसा कुछ नहीं। लेकिन यह शांति है - बिलों और लाइफस्टाइल की चिंता नहीं।' 2025 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैं तीन साल पूरी तरह ईश्वर को समर्पित रहीं। अब मुंबई लौटी हूं लोगों का मार्गदर्शन करने। जीवन का उद्देश्य ईश्वर में विलीन होना है, जैसे बूंद सागर में लौटे। नाम जपो, यही संदेश है। कठिन समय आ रहा है, केवल भक्ति रक्षा करेगी।'

संदेश और विरासत: ग्लैमर छोड़ आध्यात्म अपनाने की प्रेरणा
नूपुर अलंकार की कहानी साबित करती है कि प्रसिद्धि क्षणभंगुर है। उन्होंने कहा, 'मुझे मुंबई या इंडस्ट्री की याद नहीं। जब तक काम करना था, किया। अब हल्कापन महसूस होता है। चार सालों में मैं बदल गई, कोई भी बदल सकता है - बस भीतर के ईश्वर से जुड़ो।' उनके प्रशंसक उनकी हिम्मत की तारीफ करते हैं। एक वीडियो में ब्रज की गलियों में भिक्षा मांगते हुए उन्हें देखा गया, जहां वे खुश नजर आईं।
नूपुर अब लोगों को नकारात्मकता से लड़ना, ईश्वर से जुड़ना सिखाती हैं। उनकी जिंदगी साबित करती है - संकट ही कभी-कभी मुक्ति का द्वार खोलते हैं।
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