Assam की 'सरकारी गोल्डन गर्ल' Nupur Bora कौन है? घर से 2 करोड़ कैश-सोने के ढेर जब्त, CM सरमा ने ऐसे खोले राज!
Assam ACS Officer Nupur Bora Arrested: असम की नौकरशाही में एक तहलका मच गया है। कल्पना कीजिए, एक युवा सिविल सर्वेंट का घर खंगालने पर निकल आता है 2 करोड़ रुपये का खजाना - नकद बंडल्स, चमकते सोने के गहने, और डायमंड्स का जखीरा। और फिर, बस कुछ घंटों में वो हथकड़ी में।
हम बात कर रहे हैं असम सिविल सर्विस (ACS) अधिकारी नूपुर बोरा की, जिनकी जिंदगी रातोंरात 'भ्रष्टाचार की ब्लॉकबस्टर' बन गई। क्या ये एक आम अफसर की कहानी है या छिपे राजों का खुलासा? आइए, इस केस की परतें खोलते हैं, जहां CM हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद निगरानी कर राज फाश किया...

Who Is Nupur Bora: चकाचौंध भरी जिंदगी, फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी!
नूपुर बोरा - नाम सुनते ही लगता है, किसी बॉलीवुड हीरोइन का, लेकिन ये असम की एक सच्ची 'पावर वुमन' हैं। 31 मार्च 1989 को गोलाघाट जिले में जन्मीं नूपुर ने 2019 में ACS जॉइन किया, यानी महज 6 साल की सर्विस में वो चमकने लगीं। गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएट, और कॉटन कॉलेज की स्टूडेंट रहीं। सिविल सर्विस से पहले, उन्होंने DIET (डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) में लेक्चरर के तौर पर पढ़ाया।

उनका करियर शुरूआत तो धमाकेदार रही - मार्च 2019 से जून 2023 तक कार्बी आंगलोंग में असिस्टेंट कमिश्नर रहीं। फिर जून 2023 में बारपेटा में सर्किल ऑफिसर बनीं, और अब कामरूप जिले के गोरोइमारी में तैनात हैं। इंस्टाग्राम पर उनकी प्रोफाइल चेक कीजिए तो फैशन, डेकोर, ट्रैवल की तस्वीरें भरी पड़ी हैं - लगता है लाइफ स्टाइल इन्फ्लुएंसर हैं, न कि सख्त अफसर! लेकिन अब ये चमक भ्रष्टाचार के साए में फीकी पड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस पूछ रहे हैं, "कहां से आया इतना पैसा? क्या ये असम की 'गोल्डन गर्ल' का डार्क साइड है?"

रेड की सनसनी: 2 करोड़ का खजाना, जो छिपा था अलमारियों में!
सोमवार को CM के स्पेशल विजिलेंस सेल ने नूपुर के गुवाहाटी वाले घर पर धावा बोल दिया। रिजल्ट? वाह! गोटानगर अपार्टमेंट से निकले 92 लाख रुपये के नकद बंडल्स, और सोने-डायमंड के गहनों का ढेर जो वैल्यू करीब 1 करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में 2 करोड़ तक) का। ऊपर से, बारपेटा के उनके रेंटेड हाउस से 10 लाख और कैश। कुल मिलाकर 2 करोड़ से ज्यादा का 'अनअकाउंटेड वेल्थ'। छापेमारी 6 घंटे चली - लॉकर खोले गए, डॉक्यूमेंट्स जब्त हुए। SP रॉसी कलिता ने कन्फर्म किया कि ये सब उनकी इनकम से कहीं ज्यादा है।

और फिर, नूपुर को हिरासत में ले लिया गया। क्या ये 'ट्रेजर हंट' जैसा था? विजिलेंस टीम ने कहा, 'ये प्रीलिमिनरी रेड है, और भी खुलासे हो सकते हैं!' इधर, उनके कथित साथी लाट मंडल सुरजीत डेका के बारपेटा घर पर भी रेड पड़ी - वहां 10 लाख कैश और गोल्ड जब्त। डेका पर आरोप है कि नूपुर के साथ मिलकर बारपेटा में जमीनें हड़पीं।
CM सरमा का बम: 6 महीने से 'ट्रैकिंग', हिंदू जमीनों का 'डार्क डील'!
अब असली ट्विस्ट - CM हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने खुद खुलासा किया कि नूपुर पर पिछले 6 महीनों से नजर रखी जा रही थी। क्यों? विवादास्पद लैंड डील्स में कथित संलिप्तता! सरमा ने कहा, 'बारपेटा में सर्किल ऑफिसर रहते हुए इस अफसर ने पैसे के बदले हिंदुओं की जमीन संदिग्ध लोगों (जिन्हें 'मियां' कहा जाता है) को ट्रांसफर की। ये अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है।' BJP सरकार 'इल्लीगल सेटलर्स' के खिलाफ ड्राइव चला रही है, और ये केस उसी का हिस्सा लगता है।
सरमा ने जोर देकर कहा, 'हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखती है। ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करेंगे।' KMSS (कृषक मुक्ति संघर्ष समिति) ने भी नूपुर के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। क्या ये असम की डेमोग्राफी प्रोटेक्शन की जंग का नया चैप्टर है? PM मोदी ने हाल ही में असम विजिट में इसी मुद्दे पर चिंता जताई थी।
सवालों का सिलसिला: 6 साल में इतनी संपत्ति, कैसे?
नूपुर की सर्विस महज 6 साल की, लेकिन संपत्ति? गुवाहाटी में अपार्टमेंट्स, बारपेटा में प्रॉपर्टीज - सब कुछ उनके सैलरी से मेल नहीं खाता। जांच जारी है, और हो सकता है और नाम उभरें। असम में लैंड करप्शन का ये केस अब पॉलिटिकल हॉट पोटेटो बन गया है। क्या नूपुर निर्दोष हैं या सिस्टम का 'ब्लैक शीप'? ये स्टोरी अभी खत्म नहीं हुई - जांच से और राज खुल सकते हैं। क्या लगता है आपको, ये भ्रष्टाचार का आइसबर्ग की टिप है? कमेंट्स में बताएं...
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