जब शाहरुख खान के पिता उन्हें फिल्म नहीं दिखा सके क्योंकि.....एक्टर ने बयां किया था ये दर्द
जब शाहरुख खान के पिता उन्हें फिल्म नहीं दिखा सके क्योंकि.....एक्टर ने बयां किया था ये दर्द
मुंबई, 17 सितंबर: एक्टर शाहरुख खान बॉलीवुड के उन टॉप सितारों में से एक है जो एक फिल्म के लिए सबसे अधिक फीस लेते हैं। अपनी एक्टिंग के दम पर दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले शाहरुख खान वर्तमान समय में करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। शाहरुख खान का बचपन बहुत गरीबी और अभाव में गुजरा। जिस सुपरस्टार के बच्चे आज आलीशान जिंदगी बिता रहे हैं वो ही शाहरुख खान जब छोटे थे उनके पिता के पास उन्हें एक पिक्चर तक दिखाने के पैसे तक नहीं थे। अपने इस जीवन की दास्तां को स्वयं शाहरुख खान ने अपने इंटरव्यू में बयां किया था।

शाहरुख खान जब 15 साल के थे तभी पिता की हो गई थी मौत
बता दें शाहरुख खान के पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई जब अभिनेता केवल 15 वर्ष के थे। उनकी मां लतीफ फातिमा खान का भी 1990 में लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। शाहरुख ने 1991 में गौरी खान के साथ शादी के बंधन में बंध गए। उनके तीन बच्चे हैं- आर्यन, सुहाना खान और अबराम खान हैं।

पिता थियेटर फिल्म दिखाने ले गए लेकिन पैसे ही नहीं थे
अभिनेता शाहरुख खान ने 2012 में थिंकफेस्ट कॉन्क्लेव में अपने जीवन के बारे बात शेयर करते हुए बताया था कि, जब उनके पिता ताज मोहम्मद खान उन्हें दिल्ली में एक फिल्म दिखाने के लिए ले गए थे, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। शाहरुख ने याद किया कि कैसे वे बैठकर वाहनों को गुजरते हुए देखते थे।

मैं थियेटर के बाहर बैठकर सड़क पर कारों को देखता रहा
अपने बचपन की एक घटना को याद करते हुए शाहरुख ने कहा था
एक बार मेरे पिता मुझे दिल्ली में सिनेमा दिखाने ले गए तो उनके पास पैसे नहीं थे तो मैं थियेटर के बार सड़क पर गुजरती हुई कारों को देखता बैठा था । जब मैं अपने बेटे को एक फिल्म के लिए बाहर ले जाना चाहता हूं तो मुझे उसे फिल्म दिखाने में सक्षम होना चाहिए, न कि कारों को। मुझे लगता है कि मेरे पिता दुनिया में सबसे सफल विफलता थे और मुझे उस पर गर्व है।

मैं अपने पिता की तरह मरना नहीं चाहता
शाहरुख ने कहा था
मुझ में कुछ गड़बड़ है। मुझे इसका एहसास है। मुझे यह महसूस होता है लेकिन मुझे नहीं पता कि यह क्या है। मेरा एक सुंदर परिवार है। मेरे कुछ दोस्त हैं जिनके साथ जिसे मैं बहुत समय बिताता हूं। मैं अपने पिता की तरह मरना नहीं चाहता। मैं अज्ञात नहीं होना चाहता। मैं बस सफल होना चाहता हूं। मेरा विश्वास करो, यह शीर्ष पर अकेला है .. किसी तरह यह है खालीपन का अहसास। मेरे पास यह बेचैनी, विचित्रता है, जिसे मैं अपने अभिनय से भर देता हूं।

1992 में शाहरुख ने दीवाना से डेब्यू किया था
बता दें शाहरुख खान ने बॉलीवुड में दीवाना (1992) से डेब्यू किया था। इससे पहले उन्होंने फौजी समेत कई टीवी सीरीयल में नजर आए थे। 90 और 2000 के दशक में, उन्होंने खुद को हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अग्रणी व्यक्ति के रूप में स्थापित किया। उनकी आखिरी रिलीज जीरो थीफिलहाल शाहरुख पठान की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं।












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