क्या थी वो वजह, जिसके लिए लता मंगेशकर के खिलाफ हो गए थे मोहम्मद रफी?
मोहम्मद रफी ने एक बार लता मंगेशकर को लेकर अपना विरोध जता दिया था।
नई दिल्ली, 6 फरवरी: स्वर कोकिला के नाम से मशहूर दिग्गज गायिका लता मंगेशकर का रविवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है। लता मंगेशकर पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। लता मंगेशकर के निधन की खबर से पूरे देश में शोक का माहौल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर अपना दुख प्रकट किया है। अपने लंबे फिल्मी करियर के दौरान लता मंगेशकर ने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और मुकेश जैसे दिग्गज कलाकरों के साथ कभी ना भूलने वाले कई शानदार नगमे दिए। लेकिन, एक मौका ऐसा भी आया था, जब मोहम्मद रफी ने लता मंगेशकर को लेकर अपना विरोध जताया।

मोहम्मद रफी ने क्यों दर्ज कराया अपना विरोध
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, ये घटना साल 1974 की है, जब फिल्म इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने के लिए लता मंगेशकर को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दी गई। लेकिन, जाने-माने संगीतकार और प्लेबैक सिंगर मोहम्मद रफी ने इस दावे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि गिनीज बुक ने लता मंगेशकर का नाम नहीं हटाया और मोहम्मद रफी के दावे को भी इसमें शामिल कर लिया। साल 1991 से 2011 तक गिनीज बुक से इस एंट्री को हटा दिया गया और सबसे ज्याद गाने रिकॉर्ड करने के लिए लता मंगेशकर की बहन का नाम शामिल किया गया। वर्तमान में यह रिकॉर्ड मशहूर प्लेबैक सिंगर पुलपका सुशीला के नाम है।

कोरोना के बाद की जटिलताओं से बिगड़ी तबीयत
आपको बता दें कि लता मंगेशकर कोरोना वायरस से संक्रमित हुईं थी। हालांकि वो कोरोना संक्रमण से ठीक हो गईं थी, लेकिन उसके बाद की दिक्कतों की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ती गई। ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के सीईओ एन संथानम ने इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया, 'लता मंगेशकर कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती कराई गईं थी। कोरोना वायरस का इलाज हो गया था, लेकिन कोरोना के बाद की जटिलताओं की वजह से उनका निधन हो गया।'

28 दिनों तक चला हॉस्पिटल में इलाज
मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में लता मंगेशकर का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया, 'लता मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसकी वजह से उनका निधन हो गया। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद 28 दिनों तक हॉस्पिटल में उनका इलाज चला, जहां उन्होंने रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर अंतिम सांस ली।' परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ रविवार यानी आज शाम 6.30 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

वो गीत, जिनके लिए अमर रहेंगी लता मंगेशकर
अपने करीब 70 साल के लंबे संगीत करियर के दौरान लता मंगेशकर ने ऐसे ना जाने कितने शानदार नगमे फिल्म जगत को दिए, जिनके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। ऐ मेरे वतन के लोगों..., लग जा गले..., ये कहां आ गए हम... और प्यार किया तो डरना क्या... जैसे कई गीत जब गूंजते हैं, तो आंखों के सामने लता मंगेशकर का चेहरा आ जाता है। फिल्म जगत में उनके महान योगदान के लिए लता मंगेशकर को भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
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