'मैं कमरे में अकेले बैठकर खूब रोई', क्या हुआ शाहरुख खान की लाडली बेटी सुहाना खान के साथ? किसने किया रिजेक्ट?
Suhana Khan: बॉलीवुड के बादशाह यानी शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'किंग' की शूटिंग में काफी बिजी चल रहे हैं। इस फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी लाडली बेटी सुहाना खान भी एक्टिंग करती नजर आएंगी।
पिता शाहरुख खान के साथ काम कर रही हैं सुहाना
आपको बता दें कि शाहरुख खान की लाडली बेटी सुहाना खान अब बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जोया अख्तर की फिल्म 'द आर्चीज' से ओटीटी डेब्यू करने के बाद सुहाना खान अब जल्द ही अपने पिता शाहरुख खान के साथ फिल्म 'किंग' से बड़े पर्दे पर कदम रखने जा रही हैं।

'बचपन में एक्टिंग से नहीं था खास लगाव'
-सुहाना खान के इस ग्लैमरस सफर के पीछे एक ऐसी कहानी है, जिसमें रिजेक्शन, आंसू और आत्म-खोज शामिल है। सुहाना खान ने हाल ही में हार्पर्स बाजार इंडिया को दिए इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि बचपन में उन्हें एक्टिंग में कोई खास रुचि नहीं थी।
-सुहाना खान ने कहा- एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगता था कि एक्टिंग की फील्ड में मुझे जबरन धकेला जा रहा है। हालांकि उनका नजरिया तब बदला जब वह बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। स्कूल के नाटकों में हिस्सा लेने के दौरान उन्होंने पहली बार स्टेज की दुनिया को करीब से महसूस किया था।
'मैं अकेले कमरे में बैठकर खूब रोई थी'
-सुहाना खान ने बताया- शुरुआत में स्टेज पर परफॉर्म करना मुझे अजीब और असहज लगता था लेकिन धीरे-धीरे यही अनुभव मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया। सुहाना खान ने एक खास घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक नाटक में एक खास रोल पाने के लिए बेहद उत्साहित थीं।
-सुहाना खान ने बताया था कि उन्होंने इस रोल के लिए ऑडिशन भी दिया था लेकिन उन्हें मनचाहा रोल नहीं मिला और उन्हें कोरस (बैकग्राउंड रोल) में डाल दिया गया था। ये रिजेक्शन उनके लिए बेहद चौंकाने वाला था।
-सुहाना खान ने कहा- मैं बहुत उदास और निराश थी। मैं अकेले कमरे में बैठकर खूब रोई थी। उसी पल मुझे ये एहसास हुआ था कि मुझे वाकई एक्टिंग से प्यार है।
-उन्होंने कहा- तभी मुझे समझ आया था कि मैं सच में उन रोल्स को करना चाहती हूं। स्टेज पर परफॉर्म करने का रोमांच मुझे बेहद पसंद है। यहीं से एक्टिंग मेरे लिए सिर्फ एक विकल्प नहीं बल्कि जुनून बन गया था।
'क्रिएटिव प्रोसेस से मिलती है सबसे ज्यादा मोटिवेशन'
सुहाना खान का मानना है कि उन्हें किसी भी प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा प्रेरणा उसके क्रिएटिव प्रोसेस से मिलती है। उन्होंने कहा- जहां क्यूरियोसिटी, मकसद और जुनून होता है, वहीं असली क्रिएटिविटी जन्म लेती है।
'पापा और मां से पूछकर ही फैसला लेती हूं'
हालांकि सुहाना खान अब बड़ी हो चुकी हैं लेकिन उनके फैसलों में आज भी शाहरुख खान और गौरी खान की अहम भूमिका रहती है। सुहाना खान ने खुलकर कहा- पापा और मां का इंफ्लुएंस बहुत ज्यादा है। मैं आज भी उनसे पूछकर ही कोई फैसला लेती हूं। आखिरी जवाब उन्हीं का होता है।
पढ़ाई और एक्टिंग की मजबूत नींव
-सुहाना खान की एजुकेशन जर्नी भी काफी मजबूत रही है। सुहाना खान ने धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई से अपनी शुरुआती पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने आर्डिंगली कॉलेज , यूके से ड्रामा की पढ़ाई की थी। सुहाना खान ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के टिश स्कूल ऑफ द आर्ट्स (USA) से हायर एजुकेशन की है।
-सुहाना खान की ये कहानी बताती है कि स्टारकिड होना सफलता की गारंटी नहीं बल्कि मेहनत, आत्म-खोज और जुनून ही असली रास्ता दिखाते हैं। एक रिजेक्शन से टूटी सुहाना आज बॉलीवुड में अपने दम पर पहचान बनाने को तैयार हैं।












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