Web series Shiksha Mandal: पवन मल्होत्रा ने 'धांसू यादव' के बारे में खोला बड़ा राज, जानिए क्या कहा? Exclusive

Oneindia Exclusive: इसी महीने की 15 तारीख को एमएक्स प्लेयर पर रिलीज हुई वेबसीरीज 'शिक्षा मंडल ' को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, कुछ समीक्षकों को जहां इसकी कहानी में कुछ नयापन नहीं दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ समीक्षकों ने फिल्म के कलाकारों की एक्टिंग को तवज्जो देते हुए इसे बढ़िया कहा है। फिलहाल लोग इस वेबसीरीज का लुत्फ उठा रहे हैं। तो वहीं इस सीरीज में ग्रेशेड निभा रहे पवन मल्होत्रा का धांसू अंदाज भी लोगों को काफी भा रहा है।

'धांसू यादव' को लेकर बड़ा राज खोला

'धांसू यादव' को लेकर बड़ा राज खोला

इस रोल के बारे में बात करते हुए बहुमुखी प्रतिभा के धनी पवन मल्होत्रा ने पहली बार सीरीज के करेक्टर 'धांसू यादव' को लेकर बड़ा राज खोला है। उन्होंने कहा कि 'धांसू यादव का किरदार प्ले करने से पहले उन्हें थोड़ी सी घबराहट हो रही थी क्योंकि इस रोल को प्ले करने के लिए मुझे अपनी बोली पर काफी काम करना था क्योंकि ये करेक्टर दूसरी तरह से बात करता है, इसके डिक्शन पर मुझे काफी मेहनत करना था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं ये कर पाया और आज जब लोग उस करेक्टर को सराह रहे हैं तो मुझे खुशी मिल रही है।'

'सच मानिए आज के ये बच्चे काफी प्रतिभाशाली हैं'

'सच मानिए आज के ये बच्चे काफी प्रतिभाशाली हैं'

गौहर खान, गुलशन देवैया , कुमार सौरभ , इरम बदर खान और शिवानी सिंह जैसे कलाकारों के साथ काम करने वाले पवन मल्होत्रा ने कहा कि 'शिक्षा मंडल में नए और जूनियर कलाकारों के साथ काम करना काफी ताज़गी भरा रहा। इससे मुझे सेट पर ताज़गी के साथ ढेर सारी सकारात्मक ऊर्जा का भी अहसास हुआ। सच मानिए आज के ये बच्चे काफी प्रतिभाशाली और ऊर्जावान हैं, जिनसे मुझे काफी कुछ सीखने को मिला है।'

 जुनूनी अभिनेता

जुनूनी अभिनेता

'भाग मिल्खा भाग', 'जब वी मे'ट जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाने वाले पवन मल्होत्रा को लोग जुनूनी अभिनेता के तौर पर पहचानते हैं। अपने किरदार में पूरी तरह से ढल जाने वाले पवन मल्होत्रा असल जिंदगी में काफी 'डाउन टू अर्थ' कहे जाते हैं।

टीवी सीरियल 'नुक्कड़' से मिली पहचान

टीवी सीरियल 'नुक्कड़' से मिली पहचान

दिल्ली की एक बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखने वाले पवन मल्होत्रा को पहचान 1986 में आए टीवी सीरियल 'नुक्कड़' से मिली और इसके बाद उन्होंने 1989 में उन्हें 'सलीम लंगड़े पे मत रो' और 'बाग बहादुर' फिल्म से सक्सेस की नई परिभाषा लिखी, दोनों ही फिल्मों को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया है।

यहां देखें: Shiksha Mandal webseries के डायरेक्टर-लेखक सैयद अहमद अफजल का Exclusive इंटरव्यू

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